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Siddharthnagar News: टीईटी की बाध्यता खत्म करने के लिए गरजे शिक्षक
Thu, 11 Sep 2025 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 11 Sep 2025 11:59 PM IST
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सिद्धार्थनगर। पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ की जिला इकाई ने प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर टीईटी की बाध्यता समाप्त करने के लिए बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। इसक बाद प्रधानमंत्री और मानव संसाधन विकास मंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार विजय श्रीवास्तव को दिया।
धरना देकर शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) लागू होने से पहले के नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए टीईटी की बाध्यता समाप्त करने के लिए अधिनियम को संशोधित एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में दिए गए फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की।
जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्र ने कहा कि शासन ने समय-समय हुई सभी शिक्षक की नियुक्ति में सभी शिक्षकों ने निर्धारित अहर्ताएं पूरी करके ही नियुक्ति पाई है, लेकिन आज एक संशोधित विधेयक से और सर्वोच्च न्यायालय के हाल ही में दिए गए एक फैसले से लाखों शिक्षकों की नौकरी पर सवाल खड़ा हो गया है।
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पुराने शिक्षकों के अनुभव को नजरअंदाज करके टेट पास करने की बाध्यता से शिक्षकों में असुरक्षा एवं असंतोष व्याप्त है। सभी शिक्षक नित नए नियम से भविष्य को लेकर अवसाद की स्थिति में हैं। जिला महामंत्री कलीमुल्लाह ने कहा कि आज जितने भी अधिकारी और कर्मचारी हैं वह बिना टेट वाले शिक्षकों के ही शिष्य हैं। ऐसे में दशकों से सेवारत शिक्षकों के लिए उनके अनुभव जी नजर अंदाज करके टेट की बाध्यता पूर्णतया हास्यास्पद है।
शिक्षकों ने कहा कि आज हम पूरे प्रदेश के शिक्षक जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दे रहे हैं। यदि हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो हम 13 से 26 सितंबर तक अपने-अपने सांसदों के माध्यम से प्रधानमंत्री और शिक्षामंत्री को ज्ञापन देंगे। फिर भी हमारी मांगें नहीं मानी गई तो हम देश की राजधानी दिल्ली में विशाल धरना प्रदर्शन करके अपने मांगों को मानने हेतु सरकार को विवश करेंगे।
इस दौरान मस्तराम चौधरी, अयोध्या प्रसाद, सतीश चंद्र त्रिपाठी, शहाब मजरूह, संजय कन्नौजिया, कृष्ण करुणाकर त्रिपाठी, जुबैर अहमद उस्मानी, लाल चंद्र वरुण, राम सेवक, अब्दुल अजीज, वरुणेंद्र राय, संजय आनंद, रामसेवक उपस्थित रही।
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धरना देकर शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) लागू होने से पहले के नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए टीईटी की बाध्यता समाप्त करने के लिए अधिनियम को संशोधित एवं सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में दिए गए फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने की मांग की।
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जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र मिश्र ने कहा कि शासन ने समय-समय हुई सभी शिक्षक की नियुक्ति में सभी शिक्षकों ने निर्धारित अहर्ताएं पूरी करके ही नियुक्ति पाई है, लेकिन आज एक संशोधित विधेयक से और सर्वोच्च न्यायालय के हाल ही में दिए गए एक फैसले से लाखों शिक्षकों की नौकरी पर सवाल खड़ा हो गया है।
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पुराने शिक्षकों के अनुभव को नजरअंदाज करके टेट पास करने की बाध्यता से शिक्षकों में असुरक्षा एवं असंतोष व्याप्त है। सभी शिक्षक नित नए नियम से भविष्य को लेकर अवसाद की स्थिति में हैं। जिला महामंत्री कलीमुल्लाह ने कहा कि आज जितने भी अधिकारी और कर्मचारी हैं वह बिना टेट वाले शिक्षकों के ही शिष्य हैं। ऐसे में दशकों से सेवारत शिक्षकों के लिए उनके अनुभव जी नजर अंदाज करके टेट की बाध्यता पूर्णतया हास्यास्पद है।
शिक्षकों ने कहा कि आज हम पूरे प्रदेश के शिक्षक जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दे रहे हैं। यदि हमारी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो हम 13 से 26 सितंबर तक अपने-अपने सांसदों के माध्यम से प्रधानमंत्री और शिक्षामंत्री को ज्ञापन देंगे। फिर भी हमारी मांगें नहीं मानी गई तो हम देश की राजधानी दिल्ली में विशाल धरना प्रदर्शन करके अपने मांगों को मानने हेतु सरकार को विवश करेंगे।
इस दौरान मस्तराम चौधरी, अयोध्या प्रसाद, सतीश चंद्र त्रिपाठी, शहाब मजरूह, संजय कन्नौजिया, कृष्ण करुणाकर त्रिपाठी, जुबैर अहमद उस्मानी, लाल चंद्र वरुण, राम सेवक, अब्दुल अजीज, वरुणेंद्र राय, संजय आनंद, रामसेवक उपस्थित रही।