{"_id":"64690645899145ca6609bd36","slug":"teachers-are-evaluated-on-the-basis-of-students-achievement-vc-siddharthnagar-news-c-7-1-175018-2023-05-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"विद्यार्थियों की उपलब्धि के आधार पर होता है शिक्षकों का मूल्यांकन : वीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विद्यार्थियों की उपलब्धि के आधार पर होता है शिक्षकों का मूल्यांकन : वीसी
Sat, 20 May 2023 11:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 20 May 2023 11:11 PM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में शिक्षकों प्रमाण पत्र देकर सम्मनित करते कुलपति प्रो. हरि ब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर। शिक्षण संस्थाओं की रीढ़ शिक्षक होते हैं। व्याख्यान कार्यक्रमों से शिक्षकों के अंदर शोध की दृष्टि विकसित होने के साथ-साथ ज्ञानवर्धन का भी विस्तार होगा। शिक्षकों को चाहिए कि अपने ज्ञान से विद्यार्थियों को अभिसिंचित करें। विद्यार्थियों की उपलब्धि और उनको आगे बढ़ने के अवसर के आधार पर ही शिक्षकों का मूल्यांकन समाज करता है। इसलिए समाज में अपनी उपादेयता को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। ये बातें सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में व्याख्यान शृंखला के समापन पर कुलपति प्रोफेसर हरि बहादुर श्रीवास्तव ने कहीं।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के सभी 55 शिक्षकों को उनके द्वारा व्याख्यान कार्यक्रम में प्रस्तुत शोध पूर्ण व्याख्यान के उपरांत प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कुलपति ने कहा कि आज के तकनीकी युग में सभी शिक्षकों को पीपीटी तैयार करने का अभ्यास महत्वपूर्ण है। उन्होंने समापन अवसर पर इंटीरियर आफ अर्थ एंड प्लेट टाइटैनिक पर व्याख्यान दिया। कहा कि सभी संकाय अपने-अपने स्तर पर शिक्षकों को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करें। उनके अंदर और दक्षता विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराएं। यह जिला बहुत ही पिछड़ा हुआ है इस दृष्टि से शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में अधिक परिश्रम करने की जरूरत है। डॉ. नीता यादव ने इंडियन टेंपल आर्टिटेक्चर विषय पर तथा सॉलिड ऑन सॉल्यूशन ऑफ द नॉन लीनियर इक्वेशन पर डॉक्टर विनीत कुमार ने व्याख्यान दिया। साथ ही रोल ऑफ जेंडर एंड एजुकेशन इन सजेस्ट सजेस्टिबिलिटी आफ एचआईवी एंड विक्टिम पर डॉक्टर हरेंद्र शर्मा ने भारत लोकतंत्र की जननी है विषय पर डॉ अविनाश प्रताप सिंह ने तथा ओल्ड एंड न्यू टैक्स रेजीम सूटेबिलिटी चेक फॉर एंप्लाइज पर प्रोफेसर दीपक बाबू ने शोधपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया। व्याख्यान शृंखला के संयोजक प्रोफेसर सौरभ ने कहा की व्याख्यान शृंखला में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों ने अनेक महत्वपूर्ण विषय पर शोधपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया, इससे संबंधित वक्ताओं को लाभ तो मिला ही साथ में श्रोता के रूप में उपस्थित शिक्षक को भी बहुत लाभ हुआ। इस दौरान कार्यक्रम की सह संयोजिका डॉ. रक्षा, शोध पीठ की चेयर पर्सन प्रोफेसर मंजू द्विवेदी, अधिष्ठाता कला संकाय प्रोफेसर हरीश कुमार शर्मा उपस्थित रहे।
विज्ञापन
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के सभी 55 शिक्षकों को उनके द्वारा व्याख्यान कार्यक्रम में प्रस्तुत शोध पूर्ण व्याख्यान के उपरांत प्रमाण पत्र वितरित करते हुए कुलपति ने कहा कि आज के तकनीकी युग में सभी शिक्षकों को पीपीटी तैयार करने का अभ्यास महत्वपूर्ण है। उन्होंने समापन अवसर पर इंटीरियर आफ अर्थ एंड प्लेट टाइटैनिक पर व्याख्यान दिया। कहा कि सभी संकाय अपने-अपने स्तर पर शिक्षकों को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करें। उनके अंदर और दक्षता विकसित करने के अवसर उपलब्ध कराएं। यह जिला बहुत ही पिछड़ा हुआ है इस दृष्टि से शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में अधिक परिश्रम करने की जरूरत है। डॉ. नीता यादव ने इंडियन टेंपल आर्टिटेक्चर विषय पर तथा सॉलिड ऑन सॉल्यूशन ऑफ द नॉन लीनियर इक्वेशन पर डॉक्टर विनीत कुमार ने व्याख्यान दिया। साथ ही रोल ऑफ जेंडर एंड एजुकेशन इन सजेस्ट सजेस्टिबिलिटी आफ एचआईवी एंड विक्टिम पर डॉक्टर हरेंद्र शर्मा ने भारत लोकतंत्र की जननी है विषय पर डॉ अविनाश प्रताप सिंह ने तथा ओल्ड एंड न्यू टैक्स रेजीम सूटेबिलिटी चेक फॉर एंप्लाइज पर प्रोफेसर दीपक बाबू ने शोधपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया। व्याख्यान शृंखला के संयोजक प्रोफेसर सौरभ ने कहा की व्याख्यान शृंखला में विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों ने अनेक महत्वपूर्ण विषय पर शोधपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया, इससे संबंधित वक्ताओं को लाभ तो मिला ही साथ में श्रोता के रूप में उपस्थित शिक्षक को भी बहुत लाभ हुआ। इस दौरान कार्यक्रम की सह संयोजिका डॉ. रक्षा, शोध पीठ की चेयर पर्सन प्रोफेसर मंजू द्विवेदी, अधिष्ठाता कला संकाय प्रोफेसर हरीश कुमार शर्मा उपस्थित रहे।
विज्ञापन