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Siddharthnagar News: सीमा पर तैयार कर नेपाल में भेजता था तमंचा

Fri, 19 Apr 2024 12:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 19 Apr 2024 12:33 AM IST
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tamancha used to send in nepal
गोपीजोत में अवैध तमंचा बनाने की फैक्ट्री चलने वाले की नेपाल बॉर्डर पर मूवमेंट तलाश रही पुलिस
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30 से अधिक मुकदमे और कई मामलों में जेल में सजा काट रहे राजू स्माइल के गैंग से जुड़ा था बदमाश

कभी अपराध की नर्सरी के नाम से जाना जाता था मोहाना थाना क्षेत्र का गोपीजोत

संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। मोहाना थाना क्षेत्र के गोपीजोत में अवैध तमंचा बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ मामले में कुछ और बदमाश पुलिस की गिरफ्त में आ सकते हैं। क्योंकि पकड़ा गया बदमाश 30 से अधिक मुकदमें में जेल में बंद और कुछ मामलों में सजा काट रहे राजू इस्माइल और फिरोज बंजारा से कनेक्शन रहा है। उनके नेपाल में मूमेंट के बार में पुलिस की कुछ सुराग में मिले हैं। वहीं, फिरोज भी वांछित अपराधी है और नेपाल में होने के संकेत है। पुलिस सूत्रों की माने तो फिरोज ही ग्राहक भेजता था। हालांकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का नाम सामने आने के बाद राजफाश होगा।

एसओजी और मोहाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार रात अवैध तमंचा बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते एक शातिर अपराधी को गोपीजोत गांव से दबोच लिया। इसमें एक शातिर बरामद पकड़ा गया। उसने अपना नाम असगर अली उर्फ किनकिन निवासी गोपीजोत थाना मोहाना बताया। पकड़े गए बदमाश के कब्जे से पुलिस ने पांच तमंचा और उसके बनाने का उपकरण बरामद किया। बदमाश की हिस्ट्री की जानकारी ली गई तो पता चला कि वर्ष 2000 से ही अपराध की दुनिया में सक्रिय हुआ। चोरी, गोवध सहित कुल 180 मुकदमें दर्ज हैं। बीच में पुलिस की सख्ती बढ़ी तो निष्क्रिय हो गया था। पुलिस की पकड़ ढीली हुई और निगाह कमजोर पड़ी तो गांव में ही बाग में असलहा बनाने का कार्य शुरू कर दिया था। इसके पकड़े जाने के बाद पुलिस इनके साथ कौन-कौन और जुड़े हुए हैं, इसके बारे में जानकारी ले रही है। पुलिस को उसके नेपाल में कुछ लोगों से संपर्क होने के इनपुट मिले हैं। जहां पर वह ऑर्डर मिलने पर तमंचा देता था। बाॅर्डर पर भी उसकी सक्रियता के बारे में जांच की जा रही है। पुलिस से जुड़े सूत्रों की माने तो कुछ और लोग जल्द ही हाथ लग सकते हैं।
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सख्ती बढ़ी तो नेपाल में लिए शरण

प्रदेश में एनकाउंटर शुरू हुआ तो सक्रिय अपराधी नेपाल में शरण ले लिए। इसमें जिले के अपराधियों में बड़ा नाम वाला राजू इस्माइल भी शामिल था। भारत से नेपाल में जाकर वह पांव जाम लिया और वहीं से गैंग संचालित करना लगा था। लंबे प्रयास के बाद करीब दो साल पहले पुलिस सीमा पार करते हुए दबोच लिया था। मौजूदा समय में वह जेल में बंद है और कुछ मुकदमें में उसे सजा भी हो चुकी है। पकड़ा गया असगर अली उर्फ किनकिन भी उससे जुड़ा हुआ है। अभी राजू इस्माइल के साथ वारदात को अंजाम देने वाला फिरोज पुलिस की पकड़ से दूर है। इस्माइल के पकड़े जाने और उसके नेपाल में होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने माना की फिरोज भी नेपाल में हो सकता है। अब असगर के पकड़े जाने के बाद और उसके नेपाल बार्डर में तमंचा बेचने की बात सामने आने पर पुलिस को आशंका है कि फिरोज ही नेपाल से ग्राहक भेजता होगा। हालांकि यह पुलिस की जांच और पकड़े जाने के बाद खुलासा होगा।
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गोपीजोत ऐसा गांव जहां हैं 14 हिस्ट्रीशीटर

पूर्व में चोरी और डकैती, गोवध और गो तस्करी के अपराध जिले अथवा जिले के बाहर होते थे। तो उसे मोहाना थाना क्षेत्र के गोपीजोत गांव के लोगों के शामिल होने के बात सामने आती थी। एक समय इस अपराध की नर्सरी की तरह से पुलिस मानती थी। एक पकड़ा गया तो दूसरा तैयार हो गया। पुलिस के रिकार्ड बताते हैं इस गांव में 14 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खुले हैं। इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं गांव के बारे में। हालांकि पिछले कुछ सालों से अपराध करने की वालों की संख्या बहुत कम हो गई है।


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अवैध असलहा बनाने की फैक्टरी के साथ पकड़े गए बदमाश के बारे में जानकारी ली जा रही है। उससे और कौन-कौन लोग जुड़े थे। हर बिंदुओं पर जांच की जा रही है, जो भी इसमें शामिल होंगे कार्रवाई की जाएगी।

-सुजीत कुमार राय, सीओ सदर
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