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Siddharthnagar News: मीजल्स कैच अप कैंपेन की सफलता के लिए सर्वे जरूरी ्
Sun, 10 Nov 2024 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 10 Nov 2024 12:50 AM IST
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भनवापुर। सीएचसी सिरसिया के अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने शनिवार को क्षेत्र लेडसर नानकार व डोमसरा में पहुंच कर मीजल्स कैचअप कैंपेन कार्यक्रम के तहत हो रहे सर्वे कार्य का निरीक्षण किया।
आशा बहू के द्वारा किए जा रहे हेड काउंट सर्वे का भौतिक सत्यापन करते हुए बताया गया कि हेड काउंट सर्वे कार्य के बिना कार्यक्रम को सफल नहीं बनाया जा सकता। डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने कहा कि आशा बहू सर्वे कार्य पर विशेष ध्यान दें, हेड काउंट सर्वे के माध्यम से शून्य से पांच वर्ष तक के सभी ऐसे बच्चों को चिह्नित करें जिन्हें किन्हीं करणों से एमआर वैक्सीन की दो खुराक नहीं दी गई है। कार्ययोजना बनाकर एएनएम के माध्यम से सभी गांवों के बच्चों को एमआर की छूटी खुराक दी जाएगी। जिससे खसरा एवं रूबेला बीमारी तथा बीमारी से होने वाली मृत्यु को रोका जा सके।
अधीक्षक ने ग्रामीणों को बताया कि पांच वर्ष तक के बच्चों में खसरा एवं रूबेला एक खतरनाक जानलेवा बीमारी है। बच्चों को एमआर वैक्सीन की दोनों खुराक देने से खसरा जैसी जानलेवा बीमारी से बचाया जा सकता है।
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इस दौरान राजीव त्रिपाठी, मेराज अहमद,साधना सिंह, सरोजनी, कुसुम आदि मौजूद रहे।
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आशा बहू के द्वारा किए जा रहे हेड काउंट सर्वे का भौतिक सत्यापन करते हुए बताया गया कि हेड काउंट सर्वे कार्य के बिना कार्यक्रम को सफल नहीं बनाया जा सकता। डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने कहा कि आशा बहू सर्वे कार्य पर विशेष ध्यान दें, हेड काउंट सर्वे के माध्यम से शून्य से पांच वर्ष तक के सभी ऐसे बच्चों को चिह्नित करें जिन्हें किन्हीं करणों से एमआर वैक्सीन की दो खुराक नहीं दी गई है। कार्ययोजना बनाकर एएनएम के माध्यम से सभी गांवों के बच्चों को एमआर की छूटी खुराक दी जाएगी। जिससे खसरा एवं रूबेला बीमारी तथा बीमारी से होने वाली मृत्यु को रोका जा सके।
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अधीक्षक ने ग्रामीणों को बताया कि पांच वर्ष तक के बच्चों में खसरा एवं रूबेला एक खतरनाक जानलेवा बीमारी है। बच्चों को एमआर वैक्सीन की दोनों खुराक देने से खसरा जैसी जानलेवा बीमारी से बचाया जा सकता है।
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इस दौरान राजीव त्रिपाठी, मेराज अहमद,साधना सिंह, सरोजनी, कुसुम आदि मौजूद रहे।