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भाकियू की अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन समाप्त
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बांसी धानी मार्ग पर एसडीम जग प्रवेश को ज्ञापन सौपते भाकियू कार्यकर्ता।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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एसडीएम के आश्वासन के बाद किसानों का धरना समाप्त
अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे के लिए दे रहे थे धरना
अधिशासी अभियंता ने लिखित रूप से मांगा छह माह का वक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी/खेसरहा। बांसी-धानी मार्ग के मुआवजे के समर्थन में सकारपार चौराहे पर चल रहा भाकियू का अनिश्चित कालीन धरना तीसरे दिन बृहस्पतिवार को एसडीएम बांसी जग प्रवेश के आश्वासन पर समाप्त हो गया।
खेसरहा विकास खंड के सकारपार चौराहे पर बांसी-धानी मार्ग के मुआवजा के लिए भाकियू ने पंचायत के माध्यम से 15 दिसंबर को शासन के समक्ष एक सूत्री मांगपत्र रखा था। जिसमें प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता बांसी राजेश कुमार को भेजकर ज्ञापन लेने व किसानों के समस्या के निस्तारण के लिए भेजा गया था। मगर उनके द्वारा किसानों को संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर पंचायत धरने में तब्दील हो गई। जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने कहा कि बांसी धानी मार्ग की लंबाई 20 किमी है। इसे बनाने के लिए किसानों से जमील ले ली गई लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया। बृहस्पतिवार को एसडीएम जगप्रवेश ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता बांसी राजेश कुमार साथ सकारपार पहुंच कर किसानों के धरने को समाप्त कराया। उन्होंने किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा किसानों को दिए जाने का भरोसा दिया। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता बांसी राजेश कुमार ने लिखित रूप से किसानों से मुआवजा दिए जाने को लेकर चार से छह माह का वक्त मांगा। जिस पर भाकियू जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने उन्हें पांच माह का समय दिया है। इस दौरान राजबहादुर पांडेय, राजा चौधरी, गुड्डू पांडेय, अनिल कुमार मौर्य, विश्वनाथ प्रजापति, विक्रम निषाद आदि मौजूद रहे।
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अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे के लिए दे रहे थे धरना
अधिशासी अभियंता ने लिखित रूप से मांगा छह माह का वक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बांसी/खेसरहा। बांसी-धानी मार्ग के मुआवजे के समर्थन में सकारपार चौराहे पर चल रहा भाकियू का अनिश्चित कालीन धरना तीसरे दिन बृहस्पतिवार को एसडीएम बांसी जग प्रवेश के आश्वासन पर समाप्त हो गया।
खेसरहा विकास खंड के सकारपार चौराहे पर बांसी-धानी मार्ग के मुआवजा के लिए भाकियू ने पंचायत के माध्यम से 15 दिसंबर को शासन के समक्ष एक सूत्री मांगपत्र रखा था। जिसमें प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता बांसी राजेश कुमार को भेजकर ज्ञापन लेने व किसानों के समस्या के निस्तारण के लिए भेजा गया था। मगर उनके द्वारा किसानों को संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर पंचायत धरने में तब्दील हो गई। जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने कहा कि बांसी धानी मार्ग की लंबाई 20 किमी है। इसे बनाने के लिए किसानों से जमील ले ली गई लेकिन अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया। बृहस्पतिवार को एसडीएम जगप्रवेश ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता बांसी राजेश कुमार साथ सकारपार पहुंच कर किसानों के धरने को समाप्त कराया। उन्होंने किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा किसानों को दिए जाने का भरोसा दिया। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता बांसी राजेश कुमार ने लिखित रूप से किसानों से मुआवजा दिए जाने को लेकर चार से छह माह का वक्त मांगा। जिस पर भाकियू जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने उन्हें पांच माह का समय दिया है। इस दौरान राजबहादुर पांडेय, राजा चौधरी, गुड्डू पांडेय, अनिल कुमार मौर्य, विश्वनाथ प्रजापति, विक्रम निषाद आदि मौजूद रहे।
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