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Siddharthnagar News: कोटे के चावल को सीमा पार कर रहे तस्कर

Fri, 01 Sep 2023 02:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 01 Sep 2023 02:04 AM IST
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Smugglers crossing the border with quota rice
सिद्धार्थनगर। भारतीय चावल का नेपाल में निर्यात बंद हो गया है। उसके बाद बॉर्डर पर चावल की तस्करी बढ़ गई है। इसमें गंभीर मामला सामने आया है कि बॉर्डर पर पकड़ा जाने वाला चावल मोटा है, जो कोटे की दुकानों से राशन कार्डधारकों को यूनिट के आधार पर आवंटित किया जाता है। सवाल उठता है कि आखिर ये चावल किस प्रकार तस्करों के गिरोह के हाथ लग रहे हैं।
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नेपाल में भारतीय चावल चेकपोस्ट के माध्यम से नहीं जा रहा है तो तस्कर भारत-नेपाल की 68 किमी खुली सीमा की पगडंडियों की डगर अपना रहे हैं। एसएसबी के जवानों की नजर इन पर पड़ती है तो चावल को पकड़ा जाता है। तस्करी के लिए भेजने की कोशिश में जो चावल पकड़ा जाता है, उसे कस्टम विभाग को सौंप दिया जाता है। पकड़े गए चावल को या तो सामान का मालिक जुर्माना भरकर उसे छुड़ा लेता है। यदि चावल वहीं रह जाता है तो कस्टम विभाग उसकी नीलामी कर देता है।
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इस प्रकार बिकता है कोटे का चावल
-कोटे की दुकानों से घटतौली
-अंगूठा लगवाने के बाद यूनिट के अनुसार चावल नहीं देना
-राशन कार्डधारकों ही चावल बेच देते हैं
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यूरिया के बाद चावल की बढ़ी तस्करी
ई पास मशीन से आवंटन के नियम के बावजूद भी जिस प्रकार भारतीय खाद नेपाल बॉर्डर के पार जा रही है, उसी प्रकार तमाम नियमों के बावजूद चावल की तस्करी भी धड़ल्ले से हो रही है। जिस चावल को गरीबों को चावल पेट भरने और उनका कुपोषण दूर करने के लिए सरकार कोटे की दुकानों पर उपलब्ध कराती है, उसे तस्करी के लिए बेच दिया जा रहा है।
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इस कदर पकड़ा जा रहा है चावल
30 अगस्त- 41 बोरी, ककरहवा
28 जुलाई- 16 बोरी, बजहा
16 जुलाई- 5 बोरी, ककरहवा
24 अगस्त- 10 बोरी, ककरहवा
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कोटे के चावल में होती है ज्यादा आमदनी
ककरहवा बॉर्डर के एक दुकानदार ने बताया कि कोटे का चावल भारत में करीब 2700 क्विंटल है, जो नेपाली मुद्रा में 4300 रुपये होगा। यहीं चावल नेपाल में नेपाली मुद्रा में 6000 रुपये में बिक जा रहा है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 3600 रुपये होगा। पहले नेपाल में मोटा चावल नेपाल में 5000 रुपये में बिकता था, लेकिन चावल का निर्यात बंद होने के बाद इसकी कीमत और बढ़ गई।
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यदि पकड़े गए चावल को उसका मालिक जुर्माना भरकर नहीं छुड़वाता है तो उसकी नीलामी की जाती है। पकड़ा गया ज्यादातर चावल मोटा ही है।
-रामधारी पटेल, कस्टम इंस्पेक्टर
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एसएसबी ने बाॅर्डर पर लगातार चावल पकड़ा है। एसएसबी चावल की गुणवत्ता नहीं देखती है, लेकिन सुरक्षा कारणों से चावल के बारे में धातुओं की जांच की जाती है।
-शक्ति सिंह, डिप्टी कमांडेंट, एसएसबी 43 वीं वाहिनी
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