{"_id":"67dc5b6e2be5b34de40662d0","slug":"smugglers-are-smuggling-foreign-cigarettes-across-the-border-by-hiding-them-in-grains-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-134347-2025-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: अनाज में छिपाकर विदेशी सिगरेट सरहद पार पहुंचा रहे तस्कर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: अनाज में छिपाकर विदेशी सिगरेट सरहद पार पहुंचा रहे तस्कर
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/ शोहरतगढ़। बढ़नी बाॅर्डर तस्करी के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां तस्करों का नेटवर्क बहुत जबरदस्त है। अब अन्य सामग्रियों के साथ ही नेपाल में मांग बढ़ने पर विदेशी सिगरेट की तस्करी तेज हो गई है। इसकी भनक पाने में खुफिया एजेंसियां नाकाम साबित हो रही हैं।
इसका खुलासा तब हुआ जब 18 फरवरी को नेपाल की सशस्त्र पुलिस बल ने सीमा शुल्क चोरी करके भारत से लाई गई 15 लाख रुपये की विदेशी सिगरेट बरामद की। सिगरेट की खेप भारत से नेपाल जाने वाली एक बस की डिक्की में छुपाई गई थी।
नेपाली जवान चालक और सह चालक ने जब्त सिगरेट के बारे में पूछताछ की, तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की, लेकिन स्थानीय लोगों में चर्चा है कि चालक और सह चालक के बिना जानकारी के सिगरेट बस में लोड हो ही नहीं सकती है। कहीं न कहीं चालक और सह चालक इसके पीछे सरगना को छुपा रहे हैं।
विज्ञापन
वही बड़ी मात्रा में सिगरेट पकड़े जाने के बाद दोनों देश की सुरक्षा एजेंसियों की राडार पर कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ करने व उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
पकड़ी गई सिगरेट रिचमंड के नाम से है, यह सिगरेट यूनाइटेड किंगडम की है। इसकी एक सिगरेट के पैकेट का मूल्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 14 इरो है। भारतीय मुद्रा में लगभग 1400 रुपये है।
रिचमंड सिगरेट की वेबसाइट के अनुसार इसका बाजार मुख्य रूप से यूनाइटेड किंगडम है, लेकिन लक्जमबर्ग, बेल्जियम, फिनलैंड, बेलारूस, रूस, कजाकिस्तान, कनाडा, अरूबा, कुराकाओ, बोलीविया, पैराग्वे, उरुग्वे और अर्जेंटीना में भी यह सिगरेट बेची जाती है। इसको विदेशों से तस्करी कर तस्कर गोवा, दिल्ली, मुंबई, गुजरात जैसे अन्य महानगरों में आपूर्ति करते हैं।
इन जगहों 20 से 50 सिगरेट बस के जरिये बढ़नी बाॅर्डर पहुंचाई जाती है। बढ़नी भारतीय कस्बे से खाद्यान्न सामग्री में छिपाकर लोग आसानी बाॅर्डर पार कर नेपाल के कृष्णानगर पहुंचा देते हैं, वहां एक जगह स्टोर की जाती है, वहीं से लग्जरी बसों में लोड कर नेपाल में चल रहे, कसीनो व बड़े-होटलों में भेजी जाती है। यही सिगरेट वहां 2500 रुपये पैकेट भारतीय मुद्रा में बेची जाती है।
नेपाल एक पर्यटक स्थल माना जाता है, बाॅर्डर के कुछ दूरी पर चंद्रौटा, भैरहवा, बुटवल व काठमांडू, पोखरा में कसीनो, बार, पब आदि बड़े होटलों में महंगी सिगरेट की मांग है।
विदेशी सिगरेट के नाम से भारत में तो नहीं हो रही अवैध मैन्युफैक्चरिंग : रिचमंड के नाम से सिगरेट नेपाल में इतनी बड़ी मात्रा पकड़ी गई है। न जाने कितनी सप्लाई हो गई है, और सिगरेट भारत सीमा पार कर नेपाल भेजी जा रही है। कहीं न कहीं इस धंधे में बहुत बड़ा नेटवर्क है, या मांग को लेकर भारत में मैन्युफैक्चरिंग की जा रही है। यह जांच का विषय है।
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर/ शोहरतगढ़। बढ़नी बाॅर्डर तस्करी के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। यहां तस्करों का नेटवर्क बहुत जबरदस्त है। अब अन्य सामग्रियों के साथ ही नेपाल में मांग बढ़ने पर विदेशी सिगरेट की तस्करी तेज हो गई है। इसकी भनक पाने में खुफिया एजेंसियां नाकाम साबित हो रही हैं।
इसका खुलासा तब हुआ जब 18 फरवरी को नेपाल की सशस्त्र पुलिस बल ने सीमा शुल्क चोरी करके भारत से लाई गई 15 लाख रुपये की विदेशी सिगरेट बरामद की। सिगरेट की खेप भारत से नेपाल जाने वाली एक बस की डिक्की में छुपाई गई थी।
विज्ञापन
नेपाली जवान चालक और सह चालक ने जब्त सिगरेट के बारे में पूछताछ की, तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की, लेकिन स्थानीय लोगों में चर्चा है कि चालक और सह चालक के बिना जानकारी के सिगरेट बस में लोड हो ही नहीं सकती है। कहीं न कहीं चालक और सह चालक इसके पीछे सरगना को छुपा रहे हैं।
विज्ञापन
वही बड़ी मात्रा में सिगरेट पकड़े जाने के बाद दोनों देश की सुरक्षा एजेंसियों की राडार पर कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं, उनसे पूछताछ करने व उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
पकड़ी गई सिगरेट रिचमंड के नाम से है, यह सिगरेट यूनाइटेड किंगडम की है। इसकी एक सिगरेट के पैकेट का मूल्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 14 इरो है। भारतीय मुद्रा में लगभग 1400 रुपये है।
रिचमंड सिगरेट की वेबसाइट के अनुसार इसका बाजार मुख्य रूप से यूनाइटेड किंगडम है, लेकिन लक्जमबर्ग, बेल्जियम, फिनलैंड, बेलारूस, रूस, कजाकिस्तान, कनाडा, अरूबा, कुराकाओ, बोलीविया, पैराग्वे, उरुग्वे और अर्जेंटीना में भी यह सिगरेट बेची जाती है। इसको विदेशों से तस्करी कर तस्कर गोवा, दिल्ली, मुंबई, गुजरात जैसे अन्य महानगरों में आपूर्ति करते हैं।
इन जगहों 20 से 50 सिगरेट बस के जरिये बढ़नी बाॅर्डर पहुंचाई जाती है। बढ़नी भारतीय कस्बे से खाद्यान्न सामग्री में छिपाकर लोग आसानी बाॅर्डर पार कर नेपाल के कृष्णानगर पहुंचा देते हैं, वहां एक जगह स्टोर की जाती है, वहीं से लग्जरी बसों में लोड कर नेपाल में चल रहे, कसीनो व बड़े-होटलों में भेजी जाती है। यही सिगरेट वहां 2500 रुपये पैकेट भारतीय मुद्रा में बेची जाती है।
नेपाल एक पर्यटक स्थल माना जाता है, बाॅर्डर के कुछ दूरी पर चंद्रौटा, भैरहवा, बुटवल व काठमांडू, पोखरा में कसीनो, बार, पब आदि बड़े होटलों में महंगी सिगरेट की मांग है।
विदेशी सिगरेट के नाम से भारत में तो नहीं हो रही अवैध मैन्युफैक्चरिंग : रिचमंड के नाम से सिगरेट नेपाल में इतनी बड़ी मात्रा पकड़ी गई है। न जाने कितनी सप्लाई हो गई है, और सिगरेट भारत सीमा पार कर नेपाल भेजी जा रही है। कहीं न कहीं इस धंधे में बहुत बड़ा नेटवर्क है, या मांग को लेकर भारत में मैन्युफैक्चरिंग की जा रही है। यह जांच का विषय है।