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Siddharthnagar News: स्व-गणना में छोटी गलतियां बन रहीं बड़ी परेशानी, लोग सुधार के लिए भटक रहे
Wed, 13 May 2026 01:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 13 May 2026 01:17 AM IST
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सिद्धार्थनगर। जनगणना की स्व-गणना प्रक्रिया में जल्दबाजी और तकनीकी जानकारी की कमी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। नाम, उम्र, मोबाइल नंबर, पता और परिवार की जानकारी भरने में हो रही छोटी-छोटी गलतियां बाद में सुधार का बड़ा झंझट खड़ा कर रही हैं। ग्रामीण इलाकों में लोग साइबर कैफे और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कई बार उन्हें सही प्रक्रिया की जानकारी नहीं मिल पा रही।
लोगों से बातचीत के दौरान पता चला कि सबसे ज्यादा शिकायत नाम और उसकी वर्तनी को लेकर सामने आ रही है। कई लोगों ने हिंदी और अंग्रेजी में अलग-अलग स्पेलिंग भर दी है, जबकि कुछ मामलों में आधार कार्ड और स्व-गणना फॉर्म की जानकारी मेल नहीं खा रही। तकनीकी जानकारों के मुताबिक, यह गलती अधिकतर जल्दबाजी और गलत टाइपिंग के कारण हो रही है। पोर्टल पर लॉगइन कर “एडिट प्रोफाइल” विकल्प में जाकर नाम सुधारा जा सकता है, लेकिन इसके लिए ओटीपी सत्यापन जरूरी है।
नौगढ़ के अखिलेश जायसवाल कहते हैं कि उम्र और जन्मतिथि की गलत एंट्री भी बड़ी समस्या बन रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोगों ने अनुमान के आधार पर उम्र दर्ज कर दी, जबकि कुछ लोगों के दस्तावेजों में अलग-अलग जन्मतिथि होने से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुधार करते समय आधार या अन्य सरकारी दस्तावेज देखकर ही जानकारी भरनी चाहिए।
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कई लोगों ने बताया कि मोबाइल नंबर की गलती के कारण भी लोग परेशान हैं। ओटीपी आधारित प्रक्रिया होने से गलत नंबर दर्ज होने पर लॉगइन और सत्यापन में दिक्कत आ रही है। कई लोग परिवार के एक ही नंबर का बार-बार इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे भी समस्या बढ़ रही है। हालांकि प्रोफाइल सेटिंग में जाकर मोबाइल नंबर बदला जा सकता है।
पता और गांव के नाम को लेकर भी भ्रम बना हुआ है। कई ग्रामीण अपने गांव का स्थानीय नाम लिख दे रहे हैं, जबकि पोर्टल पर राजस्व अभिलेख में दर्ज नाम की जरूरत होती है। वार्ड नंबर, पंचायत और पोस्ट ऑफिस की जानकारी गलत भरने से भी रिकॉर्ड प्रभावित हो रहा है। ऐसे मामलों में लोग आधार कार्ड या राशन कार्ड देखकर जानकारी ठीक कर रहे हैं।
परिवार के सदस्यों की अधूरी जानकारी भी परेशानी बढ़ा रही है। कुछ लोगों ने सभी सदस्यों का विवरण नहीं भरा, जबकि कई मामलों में रिश्तों की गलत एंट्री हो गई। तकनीकी जानकारों का कहना है कि अंतिम सबमिट से पहले पूरी जानकारी अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है, क्योंकि बार-बार सुधार की सीमा तय है।
सीएससी संचालकों के अनुसार, अधिकांश लोग बिना प्रक्रिया समझे फॉर्म भर रहे हैं। बाद में गलती पता चलने पर सुधार के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। जानकारों की सलाह है कि स्व-गणना करते समय आधार कार्ड, राशन कार्ड और परिवार रजिस्टर जैसे दस्तावेज साथ रखें और जल्दबाजी से बचें।
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ऐसे होगा सुधार
- स्व-गणना पोर्टल पर लॉगिन करें
- प्रोफाइल या एडिट विकल्प खोलें
- जिस जानकारी में गलती है, उसे संशोधित करें
- मोबाइल नंबर बदलने पर ओटीपी सत्यापन करें
- सुधार के बाद जानकारी दोबारा जांचें
- अंतिम सबमिट से पहले पूरा फॉर्म ध्यान से पढ़ें
- आधार, राशन कार्ड और परिवार रजिस्टर देखकर ही जानकारी भरें
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कोट : सीएससी संचालक
ज्यादातर लोग बिना पूरी जानकारी समझे फॉर्म भर रहे हैं। बाद में नाम, मोबाइल नंबर या पता गलत होने पर सुधार के लिए केंद्र पर आ रहे हैं। पोर्टल पर सुधार का विकल्प है, लेकिन लोगों को प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है।
- मोहम्मद कादरी, सीएससी संचालक
लोगों से बातचीत के दौरान पता चला कि सबसे ज्यादा शिकायत नाम और उसकी वर्तनी को लेकर सामने आ रही है। कई लोगों ने हिंदी और अंग्रेजी में अलग-अलग स्पेलिंग भर दी है, जबकि कुछ मामलों में आधार कार्ड और स्व-गणना फॉर्म की जानकारी मेल नहीं खा रही। तकनीकी जानकारों के मुताबिक, यह गलती अधिकतर जल्दबाजी और गलत टाइपिंग के कारण हो रही है। पोर्टल पर लॉगइन कर “एडिट प्रोफाइल” विकल्प में जाकर नाम सुधारा जा सकता है, लेकिन इसके लिए ओटीपी सत्यापन जरूरी है।
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नौगढ़ के अखिलेश जायसवाल कहते हैं कि उम्र और जन्मतिथि की गलत एंट्री भी बड़ी समस्या बन रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोगों ने अनुमान के आधार पर उम्र दर्ज कर दी, जबकि कुछ लोगों के दस्तावेजों में अलग-अलग जन्मतिथि होने से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुधार करते समय आधार या अन्य सरकारी दस्तावेज देखकर ही जानकारी भरनी चाहिए।
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कई लोगों ने बताया कि मोबाइल नंबर की गलती के कारण भी लोग परेशान हैं। ओटीपी आधारित प्रक्रिया होने से गलत नंबर दर्ज होने पर लॉगइन और सत्यापन में दिक्कत आ रही है। कई लोग परिवार के एक ही नंबर का बार-बार इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे भी समस्या बढ़ रही है। हालांकि प्रोफाइल सेटिंग में जाकर मोबाइल नंबर बदला जा सकता है।
पता और गांव के नाम को लेकर भी भ्रम बना हुआ है। कई ग्रामीण अपने गांव का स्थानीय नाम लिख दे रहे हैं, जबकि पोर्टल पर राजस्व अभिलेख में दर्ज नाम की जरूरत होती है। वार्ड नंबर, पंचायत और पोस्ट ऑफिस की जानकारी गलत भरने से भी रिकॉर्ड प्रभावित हो रहा है। ऐसे मामलों में लोग आधार कार्ड या राशन कार्ड देखकर जानकारी ठीक कर रहे हैं।
परिवार के सदस्यों की अधूरी जानकारी भी परेशानी बढ़ा रही है। कुछ लोगों ने सभी सदस्यों का विवरण नहीं भरा, जबकि कई मामलों में रिश्तों की गलत एंट्री हो गई। तकनीकी जानकारों का कहना है कि अंतिम सबमिट से पहले पूरी जानकारी अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है, क्योंकि बार-बार सुधार की सीमा तय है।
सीएससी संचालकों के अनुसार, अधिकांश लोग बिना प्रक्रिया समझे फॉर्म भर रहे हैं। बाद में गलती पता चलने पर सुधार के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। जानकारों की सलाह है कि स्व-गणना करते समय आधार कार्ड, राशन कार्ड और परिवार रजिस्टर जैसे दस्तावेज साथ रखें और जल्दबाजी से बचें।
ऐसे होगा सुधार
- स्व-गणना पोर्टल पर लॉगिन करें
- प्रोफाइल या एडिट विकल्प खोलें
- जिस जानकारी में गलती है, उसे संशोधित करें
- मोबाइल नंबर बदलने पर ओटीपी सत्यापन करें
- सुधार के बाद जानकारी दोबारा जांचें
- अंतिम सबमिट से पहले पूरा फॉर्म ध्यान से पढ़ें
- आधार, राशन कार्ड और परिवार रजिस्टर देखकर ही जानकारी भरें
कोट : सीएससी संचालक
ज्यादातर लोग बिना पूरी जानकारी समझे फॉर्म भर रहे हैं। बाद में नाम, मोबाइल नंबर या पता गलत होने पर सुधार के लिए केंद्र पर आ रहे हैं। पोर्टल पर सुधार का विकल्प है, लेकिन लोगों को प्रक्रिया की सही जानकारी नहीं होने से परेशानी बढ़ रही है।
- मोहम्मद कादरी, सीएससी संचालक