फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Situation worsened due to flood...there is no hope of help

Siddharthnagar News: बाढ़ से बिगड़े हालात...सहायता की नहीं दिख रही आस

Sun, 14 Jul 2024 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 14 Jul 2024 11:39 PM IST
विज्ञापन
Situation worsened due to flood...there is no hope of help

विज्ञापन
बाढ़ प्रभावित अधिकांश क्षेत्र में कैद हैं लोग, संपर्क मार्ग पर पानी होने से आवागमन में दिक्कत

खुद के साथ पशुओं के पेट की आग बुझानी चुनौती

संवाद न्यूज एजेंसी

तुलसियापुर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के पश्चिम दक्षिण छोर पर बाढ़ ने एक सप्ताह से कहर मचा रखा है। कईं गांवों में अब बाढ़ का पानी घुस गया है। बूढ़ी राप्ती, बानगंगा, घोरही नदी व सोतवा, सुरही पहाड़ी नालों के उफनाने पर बढ़े जलस्तर के कारण कई संपर्क मार्ग पानी के तेज बहाव में कट गए हैं। संपर्क मार्गों के बाढ़ में डूबने से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। खुद के पेट की आग बुझाने के साथ-साथ पशुओं की भूख मिटाना एक चुनौती से बन गया है। पीड़ितों को सहायता की भी आस नहीं दिख रही है।

क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित खैरी शीतल प्रसाद, खैरी उर्फ झुंगहवां, तालकुंडा व तौलिहवा के पशुपालकों से रविवार को हाल जानने के लिए पहुंचे तो कई दुश्वारियां सामने आईं। पशुपालकों के मुताबिक बाढ़ के कारण खेतों में बोई गई चारे की फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। बाढ़ की चपेट में आए खैरी शीतल प्रसाद, खैरी उर्फ झुंगहवां, तौलिहवा, तालकुंडा, पकडि़हवा, खैरा आदि गांवों में सड़क और मकान जलभराव से ग्रस्त हैं।
विज्ञापन

खैरी शीतल प्रसाद के ग्राम प्रधान शिवकुमार साहनी ने बताया कि बाढ़ आने के पहले आधे से अधिक किसानों ने धान की फसल की रोपाई कर दी थी। पशुओं के चारे के लिए बाजरा आदि फसल की बुआई की भी जाती है वह भी डूबने से खराब हो गई। तौलिहवा के चौधरी निसार अहमद बताते हैं कि क्षेत्र में बहुत किसानों ने धान की फसल की रोपाई कर दिया था, पशुचारे की बुवाई भी पशुपालकों के द्वारा की गई थी। सारी फसल डूब कर बर्बाद हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पशुपालक तालकुंडा के रामकुमार ने कहा कि हम लोग तो किसी तरह भोजन का इंतजाम कर खा लेते हैं, लेकिन पशु हमारे भरोसे ही जीते है। उन बेजुबानों की भूख रात भर हम पशुपालकों को सोने नहीं देती है। अभी तक प्रशासन की ओर से पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं की गई है।


---

प्रशासन ने नहीं किया इंतजाम

क्षेत्र के राजू यादव, साधु यादव, रमजान, बद्री चौहान ने बताया कि प्रशासन की तरफ से चारे का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। शिवपूजन ने बताया कि प्रशासन के द्वारा लोगों को तो लंच पैकेट व राहत सामग्री बांटा जा रहा है, लेकिन पशुओं का चारा नहीं दिया गया। अविनाश यादव ने बताया कि प्रशासन चारे की व्यवस्था नहीं कर रहा है। चारे का इंतजाम हो जाए तो पशुओं की जान बच जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed