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Siddharthnagar News: नए वायरस से निपटने की खामोशी से तैयारी, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Tue, 28 Nov 2023 02:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 28 Nov 2023 02:24 AM IST
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Silent preparations to deal with the new virus
माधव प्रसाददूमेडिकल कॉलेज में धूल फांकरहा वेंटिलेटर।
सिद्धार्थनगर। चीन में स्थित लियाओनिंग प्रांत के बच्चे तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। इस बीमारी के दौरान बच्चों के फेफड़ों में जलन, तेज बुखार, खांसी और जुकाम जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।
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हालांकि स्वास्थ्य विभाग को गाइडलाइन नहीं मिली है, लेकिन एच-9 एन-2 वायरस से निपटने के लिए खामोशी से तैयारी की जा रही है। यहीं कारण है कि कोरोना काल में जान बचाने के लिए खरीदे गए उपकरणों को अपडेट किया जा रहा है। इस वायरस के मामले में सबसे अधिक चर्चा बार्डर क्षेत्र में हो रही है, क्योंकि यदि वायरस चीन से बाहर आया तो नेपाल बॉर्डर से भारतीय क्षेत्र में दस्तक दे सकता है।चीन में एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस की दस्तक को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है। हालांकि, गनीमत है कि चीन के वायरस ने भारतीय क्षेत्र में दस्तक नहीं दी है। फिलहाल, इसकी गाइडलाइन प्राप्त नहीं हुई, जबकि बच्चों के डॉक्टरों में भी इस वायरस को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
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जिले की सीमा नेपाल से सटे होने का कारण दोनों देशों से बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं। इस कारण बीमारी फैली तो कोरोना संक्रमण काल की तरह निपटने की चुनौती होगी। एक सप्ताह पहले माधव प्रसाद मेडिकल कॉलेज और सीएचसी पर ऑक्सीजन प्लांट की पड़ताल की गई तो सही पाया गया है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज परिसर में बने कोविड वार्ड में रखे उपकरण और बेड धूल फांक रहे हैं, जबकि पीआईसीयू और एसएनसीयू वार्ड में बच्चों के लिए वेंटिलेटर युक्त 15 बेड पूरी तरह से अपडेट हैं।
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खबरों के अनुसार चीन के उत्तरी क्षेत्र में चीन में एवियन इन्फ्लूएंजा एच-9 एन-2 वायरस का प्रकोप बढ़ा है। इसमें बच्चों में निमोनिया और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत आ रही है। इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऑक्सीजन और बेड तैयार रखने और मामलों के पता लगाने के लिए कहा है। बढ़नी बार्डर स्थित नेपाल के हेल्प डेस्क प्रभारी संदीप विश्वकर्मा ने बताया कि चीन के वायरस की दस्तक नहीं होने से अलर्ट नहीं आया है। अलर्ट आने पर लोगों को जागरूक किया जाएगा।

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धूल फांक रहे वेंटिलेटर युक्त बेड, तैयार ऑक्सीजन

कोविड कॉल के दौरान ऑक्सीजन की समस्या से होने वाली मौत को रोकने के लिए स्वास्थ्य महकमें ने ऑक्सीजन सहित अन्य सुविधाओं से लैस वार्ड बनाया था। चीन में बच्चों में वायरस फैलने के मामले को देखते हुए वार्ड और पूर्व की तैयारी की पड़ताल की गई। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल 100 एलपीएम, एमसीएच विंग 45-45 एलपीएम के तीन, एमसीएच विंग 260 व 570 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था। यहां दो ऑक्सीजन प्लांट चल रहे थे, जबकि अन्य बंद थे।
ऑक्सीजन प्लांट के ठीक बगल में कोविड वार्ड बना हुआ है। वार्ड के बेड बदहाल हाल में दिखे। इसमें वेंटिलेटर भी लगा हुआ। इसके बाद एमसीएच विंग पहुंचे। यहां दूसरे मंजिल पर अलग-अलग कमरे में वेंटिलेटर युक्त बेड रखा हुआ मिला। साफ-सफाई से पता चला कि देखरेख किया जाता है, लेकिन उपयोग न होने के कारण मशीन खराब हो जाएगी। ऐसा एक स्वास्थ्यकर्मी ने बताया। यहां से पीआईसीयू वार्ड में पहुंचे। यह वार्ड 15 बेड का है और वेंटिलेटर युक्त है।
वार्ड में स्पेशल बिजली और हर बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा है। वार्ड में चार मरीज थे। सभी बुखार से पीड़ित थे। उनका इलाज चल रहा था। वार्ड से मिले आकड़ों के मुताबिक नवंबर में अब तक 15 बच्चों में नियोनिया की पुष्टि हुई है। जबकि निमोनिया के लक्षण और सांस के तकलीफ के 13 बच्चे भर्ती हुए हैं। इसके साथ ही एसएनसीयू वार्ड में दो वेंटिलेटर युक्त बेड है, जो चलते हुए हाल में पाया गया। कुल मिलाकर मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिए वेंटिलेटरयुक्त 17 बेड पूरी तरह से अपडेट है।

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दो सीएचसी पर है पीआईसीयू की सुविधा

मिठवल और बेंवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जेई को देखते हुए तीन-तीन बेड का मिनी पीआईसीयू वार्ड बनाया गया है। यह बेड वेंटिलेटर युक्त हैं, जरूरत पड़ने पर बच्चों को इस पर रखकर इलाज किया जाता है। सीडीओ जयेंद्र कुमार ने बताया कि जिले की अन्य पांच सीएचसी में पीआईसीयू की सुविधा के लिए सीएसआर प्रोजेक्ट के अंतर्गत एक करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है।
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बर्डपुर और बेंवा में चल रहा है ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना काल में बर्डपुर, बेवां और शोहरतगढ़ में 260 एमपीएल का एक-एक ऑक्सीजन प्लांट लगा हुआ है। हालांकि लगने के बाद कभी इसकी जरुरत नहीं पड़ी है। सोमवार को बर्डपुर और बेंवा ऑक्सीजन प्लांट की पड़ताल की गई। पड़ताल में पाया गया कि ऑक्सीजन प्लांट हर माह चलाकर देखा जाता है। चार दिन पहले भी चलाकर देखा गया था। दोनों स्थानों पर प्लांट और पाइप सही हाल में मिला था। कहीं किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं है।

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जिले में ऑक्सीजन की तैयारी पर एक नजर

उपकरण


संख्या

जंबो सिलिंडर
134

छोटे सिलिंडर
40

कंसंट्रेटर

830

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जिला अस्पताल

जंबो सिलिंडर
62

छोटे सिलिंडर
22

कंसंट्रेटर 41

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ऑक्सीजन प्लांट

मेडिकल कॉलेज में

100 एलपीएम
एमसीएच विंग

45-45 एलपीएम के तीन

एमसीएच विंग

260 व 570 एलपीएम
बर्डपुर, बेंवा और शोहरतगढ़ सीएचसी में 260-260 एलपीएम ऑक्सीजन

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जानिए डॉक्टर के सुझाव
चीन के इस नए वायरस की चर्चा है, लेकिन चीन की खबरें अस्पष्ट होती हैं। कोरोना काल में भी जब कोरोना बाहर आया तो लोगों को भयावहता पता चली। लोगों ने कोराेना का दर्द झेला है, इस कारण लोग डरे हुए हैं। घबराने की नहीं बल्कि चुनौती आए तो सतर्कता बरतने की आवश्यकता होती है।
-डॉ. एमपी कसौधन, अध्यक्ष आईएमए सिद्धार्थनगर
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जैसा पता चल रहा है, उसके मुताबिक चीन के वायरस के लक्षण कोरोना की तरह ही है। इस वायरस के बारे में कोई गाइडलाइन प्राप्त नहीं हुई है। यदि वायरस की दस्तक होती है तो ऐसी बीमारियों में सतर्कता सबसे बेहतर विकल्प होता है। यह बीमारी बच्चों में होने की आशंका है, इसलिए जरूरत पड़ने पर ज्यादा जागरूक होना पड़ सकता है।
डॉ. नम्रता चौधरी, असिस्टेंड प्रोफेसर, शिशु रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज
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बोले जिम्मेदार

इन्फ्लूएंजा एच-9एन-2 वायरस से डरने की जरूरत नहीं है। बशर्ते बचाव जरूरी है। अभी तक इस वायरस की पुष्टि यहां नहीं हुई है। बच्चों के लिए 17 बेड का वेंटिलेटर युक्त वार्ड क्रियाशील है, जहां मरीज भर्ती किए जाते हैं। कोविड काल में 14 बेड का अलग से आरक्षित किया गया है, जो अलर्ट मोड में है। अभी तक शासन से कोई दिशा-निर्देश नहीं प्राप्त हुआ है। आदेश आने के बाद सुविधाएं और बढ़ा दी जाएंगी।


-डॉ. एके झा, प्राचार्य माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज

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बोले जिम्मेदार

इन्फ्लूएंजा एच-9 एन-2 वायरस को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं प्राप्त हुआ है। फिर स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह से अलर्ट है। संसाधन की व्यवस्था है, ऐसी स्थिति आने पर स्वास्थ्य टीम पूरे मनोयोग से इलाज करेगी।

-डॉ. नरेंद्र बाजपेयी, मुख्य चिकित्साधिकारी
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