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सिद्धार्थनगर : शहर में डेढ़ किमी लगा लंबा जमा, फंसकर हांफते रहे लोग
Mon, 24 Apr 2023 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 24 Apr 2023 11:56 PM IST
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इंहें नहीं है हादसे का डर : शहर में गिरते रेलवे के बैरियर के नीचे निकलते वाहन।
सिद्धार्थनगर। बीच शहर में रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज न होने से जाम से जूझना लोगों की दिनचर्या में शामिल हो गया है। लेकिन सोमवार की दोपहर तल्ख धूप में लगे जाम ने फंसे हुए लोगों को खूब तपाया। जाम की वजह तहसील में होने वाला नामांकन था। नामांकन के लिए भारी लाव लश्कर लेकर पहुंचने वालों को बाहर ही रोक दिया जा रहा था। इसी बीच ट्रेन आ गई, ऐसे में रेलवे क्रासिंग की दोनों तरफ लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। जाम से निपटने के लिए ट्रैफिक पुलिस जवान पसीना बहाते दिखे। लेकिन मुक्ति मिलने वक्त लगा। ऐसे में लोग जाम से हांफते रहे।
शहर के बीच से रेलवे क्रासिंग बना हुआ है, जिससे शहर दो हिस्सों में बंटा हुआ है। दोनों तरफ बड़ी आबादी है और एक तरफ से नेपाल बार्डर तक के लोग आते हैं तो दूसरी तरफ से उसका रोड से भी जिले के कई हिस्सों से लोग आते हैं। रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज न होने के कारण ट्रेन आने पर अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। लेकिन वह चंद मिनट के लिए। सोमवार दोपहर में जो दृष्य देखने को मिला, उससे हर कोई हैरान रहा। कारण रेलवे लाइन के दोनों तरफ आठ-आठ मीटर दूरी तक वाहन दिख रहे थे। ट्रेन आने वाली थी और गेट गिरने जा रहा था, फिर भी वाहन चालक निकलने का रास्ता तलाशते हुए दिखे। जब क्रासिंग का बैरियर गिरा तो समस्या कई गुना बढ़ गई। कारण एकाएक वाहनों के पहिए थम गए। क्रासिंग से लगभग 30 मीटर की दूरी पर तहसील गेट है, जहां निकाय चुनाव के लिए नामांकन चल रहा था। नामांकन करने वाले हर व्यक्ति के साथ उनका लाव लश्कर था और वाहनों की फौज थी।
वाहन तहसील गेट से अंदर प्रवेश होने की इजाजत नहीं थी। इसलिए 10 मीटर चौड़ी दो लेन सड़क के दोनों किनारे दो पहिया और चार पहिया वाहन खड़े थे। अब क्रासिंग बंद हुआ तो निकलने में दिक्कत होने लगी। जाम को समाप्त होने में लगभग 20 मिनट का वक्त लग गया। ऐसे में रफ्तार भरने वाले वाहन रेंगते हुए दिखे।
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भारी पुलिस बल, जाम के आगे बेबश
जाम न लगने पाए, इसके लिए तहसील गेट और क्रासिंग के पास टै्रफिक पुलिस और होमगार्ड के जवान लगा दिए थे। जो धूप में दौड़कर लोगों को समझाते दिखे। लेकिन उनकी सारी कोशिश उस वक्त नाकाम हो गई, जब सड़क दोनों तरफ वाहन खड़े होने और रेलवे क्रासिंग बंद होने के बाद जाम की स्थिति बन गई। फिलहाल पुलिस के जवान जूझते हुए नजर आए।
बोले जाम में फंसे लोग
बर्डपुर से आए राकेश, महरिया के उदयनाथ, योगेंद्र और हिमांशु ने कहा कि जब जानते हैं कि नियमित ट्रेन के आने के बाद क्रासिंग बंद होने पर समस्या होती है। नामांकन होना था तो इन्हें वाहनों को अगल स्थान पर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए थी। जो लाया, जहां पाया वाहन खड़ा कर दिया। ऐसे में जाम तो लगना ही है।
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शहर के बीच से रेलवे क्रासिंग बना हुआ है, जिससे शहर दो हिस्सों में बंटा हुआ है। दोनों तरफ बड़ी आबादी है और एक तरफ से नेपाल बार्डर तक के लोग आते हैं तो दूसरी तरफ से उसका रोड से भी जिले के कई हिस्सों से लोग आते हैं। रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज न होने के कारण ट्रेन आने पर अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। लेकिन वह चंद मिनट के लिए। सोमवार दोपहर में जो दृष्य देखने को मिला, उससे हर कोई हैरान रहा। कारण रेलवे लाइन के दोनों तरफ आठ-आठ मीटर दूरी तक वाहन दिख रहे थे। ट्रेन आने वाली थी और गेट गिरने जा रहा था, फिर भी वाहन चालक निकलने का रास्ता तलाशते हुए दिखे। जब क्रासिंग का बैरियर गिरा तो समस्या कई गुना बढ़ गई। कारण एकाएक वाहनों के पहिए थम गए। क्रासिंग से लगभग 30 मीटर की दूरी पर तहसील गेट है, जहां निकाय चुनाव के लिए नामांकन चल रहा था। नामांकन करने वाले हर व्यक्ति के साथ उनका लाव लश्कर था और वाहनों की फौज थी।
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वाहन तहसील गेट से अंदर प्रवेश होने की इजाजत नहीं थी। इसलिए 10 मीटर चौड़ी दो लेन सड़क के दोनों किनारे दो पहिया और चार पहिया वाहन खड़े थे। अब क्रासिंग बंद हुआ तो निकलने में दिक्कत होने लगी। जाम को समाप्त होने में लगभग 20 मिनट का वक्त लग गया। ऐसे में रफ्तार भरने वाले वाहन रेंगते हुए दिखे।
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भारी पुलिस बल, जाम के आगे बेबश
जाम न लगने पाए, इसके लिए तहसील गेट और क्रासिंग के पास टै्रफिक पुलिस और होमगार्ड के जवान लगा दिए थे। जो धूप में दौड़कर लोगों को समझाते दिखे। लेकिन उनकी सारी कोशिश उस वक्त नाकाम हो गई, जब सड़क दोनों तरफ वाहन खड़े होने और रेलवे क्रासिंग बंद होने के बाद जाम की स्थिति बन गई। फिलहाल पुलिस के जवान जूझते हुए नजर आए।
बोले जाम में फंसे लोग
बर्डपुर से आए राकेश, महरिया के उदयनाथ, योगेंद्र और हिमांशु ने कहा कि जब जानते हैं कि नियमित ट्रेन के आने के बाद क्रासिंग बंद होने पर समस्या होती है। नामांकन होना था तो इन्हें वाहनों को अगल स्थान पर रखने की व्यवस्था करनी चाहिए थी। जो लाया, जहां पाया वाहन खड़ा कर दिया। ऐसे में जाम तो लगना ही है।

इंहें नहीं है हादसे का डर : शहर में गिरते रेलवे के बैरियर के नीचे निकलते वाहन।