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Siddharthnagar News: युवाओं के बहके कदम, खेल रहे दूसरों की जिंदगी से
Tue, 25 Nov 2025 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 25 Nov 2025 11:27 PM IST
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सिद्धार्थनगर। सोशल मीडिया का अंधाधुन और बेरोकटोक इस्तेमाल युवाओं के कदम बहक गए हैं और अपराध के दलदल की ओर ढकेल रहा है। जिले में सोशल मीडिया के दुरुपयोग ने ऐसा खतरनाक रूप ले लिया है, जिसने बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
पिछले एक माह के भीतर दो गंभीर वारदातों में पहले वीडियो बनाया गया और फिर वायरल करने की धमकी देकर महिलाओं की अस्मत से खिलवाड़ किया गया।
एक मामले में नाबालिग पीड़िता को ब्लैकमेल कर आरोपी 10 से अधिक लोग कई महीने दुष्कर्म करते रहे। अब मिश्रौलिया में एक विवाहिता के साथ सात युवकों ने अश्लील वीडियो बनाकर उसे हवस का शिकार बनाया। चौंकाने वाली बात यह कि दोनों मामलों में नाबालिगों की संलिप्तत भी सामने आई है।
समाजशास्त्री सोशल मीडिया के बढ़ते प्रयोग और अपनों से अलगाव को कारण बता रहे हैं। वहीं, विधि विशेषज्ञ का कहना है कि यह जघन्य अपराध की श्रेणी में है, जिसमें कार्रवाई त्वरित और कठोर होनी चाहिए, जिससे इस प्रकार के अपराध पर लगाम लग सके।
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भीड़-भाड़ में रहने वाली महिलाओं और युवतियों की कमरे की खामोशी में अब टूट रही है तो मामले सामने आने लगे हैं। सोशल मीडिया के ‘वायरल’ शब्द ने उन्हें इतना डरा दिया है कि वे अपनी आवाज तक गंवा बैठती है। जिले में पिछले एक माह में सामने आए ऐसे दोनों मामलों में वीडियो की धमकी ने अस्मत पर हमला करने वालों को खुली छूट दे दी गई।
डिजिटल दौर का सबसे काला सच सामने आ रहा है। फोन की स्क्रीन के उस पार बैठा अपराधी न सिर्फ भरोसा तोड़ रहा है बल्कि कैमरे के सहारे महीनों तक महिलाओं की जिंदगी नर्क बना रहा है।
कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र में महीनों तक चला खेल: कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र में एक नाबालिग को पहले बातचीत में फंसाया गया। फिर उसका वीडियो बनाकर ‘वायरल’ करने की धमकी दी गई।
इस वायरल वीडियो से बदनामी होने के डर ने पीड़िता को कई महीनों तक चुप रखा। इसी चुप्पी का फायदा उठाते हुए एक या दो नहीं बल्कि 10 से अधिक आरोपियों ने बारी-बारी से उसका शोषण किया। जब पानी सिर से ऊपर उठा तो पीड़िता ने इसकी शिकायत की, जिसके बाद पुलिस केस दर्ज करके गिरफ्तारी कर चुकी है। अब गैंगस्टर की कार्रवाई शुरु की है। गिरोहबंद अपराध का अलग से केस होगा। इसमें मामले में दो आरोपी नाबालिग थे।
अपराध का नया रूप : सोशल मीडिया पर दोस्ती बनाना, चैट व वीडियो कॉल के जरिए भरोसा जीतना, निजी वीडियो बनाना या रिकॉर्ड करना, वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल, बार-बार शारीरिक शोषण, नाबालिकों का भी बढ़ता शामिल होना, यह पैटर्न दिखाता है कि जिले में साइबर और शारीरिक अपराध का संयुक्त रूप खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है।
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पिछले एक माह के भीतर दो गंभीर वारदातों में पहले वीडियो बनाया गया और फिर वायरल करने की धमकी देकर महिलाओं की अस्मत से खिलवाड़ किया गया।
एक मामले में नाबालिग पीड़िता को ब्लैकमेल कर आरोपी 10 से अधिक लोग कई महीने दुष्कर्म करते रहे। अब मिश्रौलिया में एक विवाहिता के साथ सात युवकों ने अश्लील वीडियो बनाकर उसे हवस का शिकार बनाया। चौंकाने वाली बात यह कि दोनों मामलों में नाबालिगों की संलिप्तत भी सामने आई है।
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समाजशास्त्री सोशल मीडिया के बढ़ते प्रयोग और अपनों से अलगाव को कारण बता रहे हैं। वहीं, विधि विशेषज्ञ का कहना है कि यह जघन्य अपराध की श्रेणी में है, जिसमें कार्रवाई त्वरित और कठोर होनी चाहिए, जिससे इस प्रकार के अपराध पर लगाम लग सके।
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भीड़-भाड़ में रहने वाली महिलाओं और युवतियों की कमरे की खामोशी में अब टूट रही है तो मामले सामने आने लगे हैं। सोशल मीडिया के ‘वायरल’ शब्द ने उन्हें इतना डरा दिया है कि वे अपनी आवाज तक गंवा बैठती है। जिले में पिछले एक माह में सामने आए ऐसे दोनों मामलों में वीडियो की धमकी ने अस्मत पर हमला करने वालों को खुली छूट दे दी गई।
डिजिटल दौर का सबसे काला सच सामने आ रहा है। फोन की स्क्रीन के उस पार बैठा अपराधी न सिर्फ भरोसा तोड़ रहा है बल्कि कैमरे के सहारे महीनों तक महिलाओं की जिंदगी नर्क बना रहा है।
कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र में महीनों तक चला खेल: कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र में एक नाबालिग को पहले बातचीत में फंसाया गया। फिर उसका वीडियो बनाकर ‘वायरल’ करने की धमकी दी गई।
इस वायरल वीडियो से बदनामी होने के डर ने पीड़िता को कई महीनों तक चुप रखा। इसी चुप्पी का फायदा उठाते हुए एक या दो नहीं बल्कि 10 से अधिक आरोपियों ने बारी-बारी से उसका शोषण किया। जब पानी सिर से ऊपर उठा तो पीड़िता ने इसकी शिकायत की, जिसके बाद पुलिस केस दर्ज करके गिरफ्तारी कर चुकी है। अब गैंगस्टर की कार्रवाई शुरु की है। गिरोहबंद अपराध का अलग से केस होगा। इसमें मामले में दो आरोपी नाबालिग थे।
अपराध का नया रूप : सोशल मीडिया पर दोस्ती बनाना, चैट व वीडियो कॉल के जरिए भरोसा जीतना, निजी वीडियो बनाना या रिकॉर्ड करना, वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल, बार-बार शारीरिक शोषण, नाबालिकों का भी बढ़ता शामिल होना, यह पैटर्न दिखाता है कि जिले में साइबर और शारीरिक अपराध का संयुक्त रूप खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है।