{"_id":"6a72200bb0befc690b03ef97","slug":"siddharthnagar-news-verification-process-complete-final-decision-on-exam-centers-to-be-taken-after-the-report-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-162326-2026-08-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: सत्यापन की प्रक्रिया पूरी, रिपोर्ट के बाद परीक्षा केंद्रों पर होगा अंतिम फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: सत्यापन की प्रक्रिया पूरी, रिपोर्ट के बाद परीक्षा केंद्रों पर होगा अंतिम फैसला
Tue, 04 Aug 2026 10:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 04 Aug 2026 10:53 PM IST
विज्ञापन
- माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित होने वाली यूपी बोर्ड परीक्षा 2027 में केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया शुरू
- तहसील प्रशासन और डीआईओएस की टीम ने की है विद्यालयों के मानक की जांच, अब भेजी जाएगी रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया अब सत्यापन के अहम चरण में पहुंच गई है। ऑनलाइन आवेदन करने वाले विद्यालयों का तहसील स्तरीय टीम की ओर से भौतिक निरीक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। अब सारी रिपोर्ट को बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। टीम के निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि कौन सा विद्यालय परीक्षा केंद्र बनने की निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करता है और किसे सूची से बाहर रखा जाएगा।
जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन के 200 से अधिक विद्यालय संचालित होते हैं। हर साल बोर्ड परीक्षा में 60 हजार से अधिक बच्चे शामिल होते हैं। बच्चों की संख्या के अनुरूप परीक्षा केंद्र बनाए जाते हैं। वर्ष 2026 में कुल 119 परीक्षा केंद्र बने थे लेकिन आवेदन करने का काम सभी विद्यालय करते हैं। हर साल आवेदन करने वाले विद्यालयों की संख्या बढ़ती है। बोर्ड परीक्षा 2027 को लेकर परिषद की ओर से तैयारी शुरू कर दी है।
विद्यालयों की ओर से आवेदन मांगा गया था। ऑनलाइन आवेदन मिलने के बाद बोर्ड की ओर से भौतिक सत्यापन के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। इसमें शिक्षा विभाग और एसडीएम की अगुवाई वाली टीम को भौतिक सत्यापन का कार्य किया जाना था। तीन अगस्त इसकी तिथि तय की गई थी। प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त तहसील स्तरीय टीम विद्यालयों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण का कार्य पूरा कर लिया है।
विज्ञापन
इसमें इस दौरान भवन की स्थिति, कक्षों की संख्या, मजबूत चारदीवारी, सुरक्षित मुख्य द्वार, सीसीटीवी कैमरे, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, बैठने की क्षमता, स्ट्रांग रूम की उपलब्धता, इंटरनेट सुविधा, मार्ग की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था सहित परिषद की ओर से निर्धारित सभी मानकों का बारीकी से परीक्षण किया गया है। निरीक्षण में यदि किसी विद्यालय में निर्धारित मानकों की कमी मिलती है तो उसे रिपोर्ट में दर्ज किया जाएगा, जिससे उसके परीक्षा केंद्र बनने की संभावना प्रभावित हो सकती है।
प्रत्येक विद्यालय की निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा परिषद को ऑनलाइन भेजी जाएगी। इसके लिए 10 अगस्त तिथि तय की गई थी। लोड होने के बाद परिषद इन रिपोर्टों का परीक्षण करने के बाद ही परीक्षा केंद्रों की प्रारंभिक सूची तैयार करेगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और उनका निस्तारण होने के बाद अंतिम परीक्षा केंद्र सूची जारी की जाएगी। अब जिले के विद्यालय संचालकों की निगाहें अब तहसील स्तरीय निरीक्षण रिपोर्ट पर टिकी है।
रिपोर्ट में अनुकूल टिप्पणी मिलने वाले विद्यालयों की परीक्षा केंद्र बनने की संभावना मजबूत मानी जा रही है जबकि कमियां मिलने पर संबंधित विद्यालयों को केंद्र सूची से बाहर भी किया जा सकता है। ऐसे में अंतिम निर्णय अब पूरी तरह सत्यापन रिपोर्ट और परिषद के मानकों पर निर्भर करेगा।
इस संबंध में डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि विद्यालयों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब इसे बोर्ड के पोर्टल पर लोड किया जा रहा है। इसके बाद बोर्ड की ओर से केंद्र का निर्धारण किया जाएगा।
विज्ञापन
- तहसील प्रशासन और डीआईओएस की टीम ने की है विद्यालयों के मानक की जांच, अब भेजी जाएगी रिपोर्ट
सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया अब सत्यापन के अहम चरण में पहुंच गई है। ऑनलाइन आवेदन करने वाले विद्यालयों का तहसील स्तरीय टीम की ओर से भौतिक निरीक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। अब सारी रिपोर्ट को बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। टीम के निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि कौन सा विद्यालय परीक्षा केंद्र बनने की निर्धारित सभी शर्तों को पूरा करता है और किसे सूची से बाहर रखा जाएगा।
जिले में माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन के 200 से अधिक विद्यालय संचालित होते हैं। हर साल बोर्ड परीक्षा में 60 हजार से अधिक बच्चे शामिल होते हैं। बच्चों की संख्या के अनुरूप परीक्षा केंद्र बनाए जाते हैं। वर्ष 2026 में कुल 119 परीक्षा केंद्र बने थे लेकिन आवेदन करने का काम सभी विद्यालय करते हैं। हर साल आवेदन करने वाले विद्यालयों की संख्या बढ़ती है। बोर्ड परीक्षा 2027 को लेकर परिषद की ओर से तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विद्यालयों की ओर से आवेदन मांगा गया था। ऑनलाइन आवेदन मिलने के बाद बोर्ड की ओर से भौतिक सत्यापन के संबंध में निर्देश जारी किए गए थे। इसमें शिक्षा विभाग और एसडीएम की अगुवाई वाली टीम को भौतिक सत्यापन का कार्य किया जाना था। तीन अगस्त इसकी तिथि तय की गई थी। प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त तहसील स्तरीय टीम विद्यालयों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण का कार्य पूरा कर लिया है।
विज्ञापन
इसमें इस दौरान भवन की स्थिति, कक्षों की संख्या, मजबूत चारदीवारी, सुरक्षित मुख्य द्वार, सीसीटीवी कैमरे, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, बैठने की क्षमता, स्ट्रांग रूम की उपलब्धता, इंटरनेट सुविधा, मार्ग की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था सहित परिषद की ओर से निर्धारित सभी मानकों का बारीकी से परीक्षण किया गया है। निरीक्षण में यदि किसी विद्यालय में निर्धारित मानकों की कमी मिलती है तो उसे रिपोर्ट में दर्ज किया जाएगा, जिससे उसके परीक्षा केंद्र बनने की संभावना प्रभावित हो सकती है।
प्रत्येक विद्यालय की निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के माध्यम से माध्यमिक शिक्षा परिषद को ऑनलाइन भेजी जाएगी। इसके लिए 10 अगस्त तिथि तय की गई थी। लोड होने के बाद परिषद इन रिपोर्टों का परीक्षण करने के बाद ही परीक्षा केंद्रों की प्रारंभिक सूची तैयार करेगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी और उनका निस्तारण होने के बाद अंतिम परीक्षा केंद्र सूची जारी की जाएगी। अब जिले के विद्यालय संचालकों की निगाहें अब तहसील स्तरीय निरीक्षण रिपोर्ट पर टिकी है।
रिपोर्ट में अनुकूल टिप्पणी मिलने वाले विद्यालयों की परीक्षा केंद्र बनने की संभावना मजबूत मानी जा रही है जबकि कमियां मिलने पर संबंधित विद्यालयों को केंद्र सूची से बाहर भी किया जा सकता है। ऐसे में अंतिम निर्णय अब पूरी तरह सत्यापन रिपोर्ट और परिषद के मानकों पर निर्भर करेगा।
इस संबंध में डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि विद्यालयों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब इसे बोर्ड के पोर्टल पर लोड किया जा रहा है। इसके बाद बोर्ड की ओर से केंद्र का निर्धारण किया जाएगा।