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Siddharthnagar News: ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने में सेतु का काम करेगा वीबीजीरामजी
Sat, 27 Dec 2025 11:44 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 27 Dec 2025 11:44 PM IST
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सिद्धार्थनगर। विकास खंड लोटन के ग्राम पंचायत खखरा में विकसित भारत आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 से संबंधित विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया।
इस दौरान डीएम शिव शरणप्पा जीएन ने बताया कि वीबी-जी राम जी संसद द्वारा पारित किया गया है, जिसमें ग्रामीण परिवारों के लिए इस नए अधिनियम में रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। यह मेहनतकश ग्रामीण समाज के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में सेतु का काम करेगा।
उन्होंने कसा कि इसमें बेरोजगारी भत्ता का अधिकार भी सम्मिलित है, जिसमें पहले वाले अधिनियम यानी महात्मा गांधी नरेगा में बेरोजगारी भत्ता का लाभ मिलना लगभग असंभव था। उसमें कई जटिल शर्तें थीं, लेकिन विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम में ये सब प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। अब यदि काम मांगने पर कार्य न मिले तो बेरोजगारी भत्ता स्वतः मिलेगा। इससे रोजगार का अधिकार अब वास्तव में कानूनी अधिकार बन गया है। यदि मजदूरी में देरी होती है तो प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूरी के साथ दिया जाएगा।
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इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रमिकों को पूरा हक मिलेगा। कार्यों की योजना ग्राम सभा में ही तय की जाएगी। ग्राम पंचायत अपनी विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी, जिसके लिए ग्रामीणों का सहयोग अनिवार्य होगा।
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इस दौरान डीएम शिव शरणप्पा जीएन ने बताया कि वीबी-जी राम जी संसद द्वारा पारित किया गया है, जिसमें ग्रामीण परिवारों के लिए इस नए अधिनियम में रोजगार की गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। यह मेहनतकश ग्रामीण समाज के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में सेतु का काम करेगा।
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उन्होंने कसा कि इसमें बेरोजगारी भत्ता का अधिकार भी सम्मिलित है, जिसमें पहले वाले अधिनियम यानी महात्मा गांधी नरेगा में बेरोजगारी भत्ता का लाभ मिलना लगभग असंभव था। उसमें कई जटिल शर्तें थीं, लेकिन विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम में ये सब प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। अब यदि काम मांगने पर कार्य न मिले तो बेरोजगारी भत्ता स्वतः मिलेगा। इससे रोजगार का अधिकार अब वास्तव में कानूनी अधिकार बन गया है। यदि मजदूरी में देरी होती है तो प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा मजदूरी के साथ दिया जाएगा।
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इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और श्रमिकों को पूरा हक मिलेगा। कार्यों की योजना ग्राम सभा में ही तय की जाएगी। ग्राम पंचायत अपनी विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी, जिसके लिए ग्रामीणों का सहयोग अनिवार्य होगा।