{"_id":"6ad667b7537e3a383b0bae7b","slug":"siddharthnagar-news-17-devotees-walk-barefoot-over-blazing-embers-undergo-a-trial-by-fire-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1035-166767-2026-10-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: धधकते अंगारों पर नंगे पांव चले, 17 भक्तों ने दी ''''अग्नि'''' परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: धधकते अंगारों पर नंगे पांव चले, 17 भक्तों ने दी ''''अग्नि'''' परीक्षा
Tue, 20 Oct 2026 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 20 Oct 2026 01:05 AM IST
विज्ञापन
सकारपार क्षेत्र के गोनहाताल पूर्वी में अग्निपथ यात्रा में चलने वाले भक्त। संवाद
- फोटो : Archive
- सकरपार में 26वीं बार हुई अग्निपथ यात्रा, 25 साल से निभाई जा रही परंपरा
- मां शीतला देवी के जयकारों से गूंजा परिसर, दो श्रद्धालुओं ने पहली बार पार किया अग्निपथ
सकरपार। धधकते अंगारे और मां शीतला देवी के जयकारों के बीच गोनहाताल में 17 भक्तों ने नंगे पांव अंगारों भरे रास्ते को पार कर ''''अग्नि'''' परीक्षा दी। शारदीय नवरात्र की नवमी पर बांसी-धानी मार्ग स्थित गोनहाताल पूर्वी चौराहे के कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में श्री बालकृष्ण मित्र मंडली की ओर से अग्निपथ यात्रा का आयोजन किया गया।
दो श्रद्धालुओं सोनी गिरी और सुखदेव यादव ने पहली बार अंगारों पर चलकर अनुष्ठान में हिस्सा लिया। आयोजन को देखने के लिए आसपास के गांवों के साथ दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। नवमी पर मां शीतला देवी की प्रतिमा के सामने करीब 21 फीट लंबा और एक फीट गहरा अग्निकुंड तैयार किया गया। इसमें लकड़ियां जलाकर अग्निपथ बनाया गया। इसके बाद एक-एक कर 17 भक्तों ने अंगारों पर चलकर यात्रा पूरी की। श्रद्धालु जय माता दी, जय अंबे, जय शेरावाली और जय शीतला देवी के जयकारे लगाते रहे। अनुष्ठान के बाद पूजा-अर्चना हुई और भंडारे में प्रसाद वितरित किया गया।
पंजाब में देखी परंपरा, गांव में शुरू किया आयोजन
कार्यक्रम के मुख्य पुजारी एवं आयोजक राकेश चौरसिया ने बताया कि वह रोजगार के सिलसिले में पंजाब में रहते थे। वहां नवरात्र में मां शीतला देवी की प्रतिमा स्थापित करने और नवमी पर अग्निपथ यात्रा आयोजित करने की परंपरा देखी थी। इससे प्रेरित होकर उन्होंने अपने गांव में भी यह आयोजन शुरू किया। कार्यक्रम अध्यक्ष रामनयन मौर्य के अनुसार, यह परंपरा पिछले 25 वर्षों से निभाई जा रही है। इस बार 26वीं बार अग्निपथ यात्रा का आयोजन हुआ।
विज्ञापन
मां शीतला देवी की प्रतिमा स्थापित कर नौ दिन होती है पूजा
क्षेत्र में नवरात्र के दौरान आमतौर पर मां दुर्गा की मूर्तियां स्थापित की जाती हैं, लेकिन गोनहाताल में मां शीतला देवी की प्रतिमा स्थापित कर नौ दिनों तक पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में मां शीतला को आरोग्य और स्वच्छता की देवी माना जाता है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु हर वर्ष अनुष्ठान में शामिल होकर परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना करते हैं। कार्यक्रम में राम अनुज, सुरेंद्र मौर्य, अमित श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, वेद साहनी और विवेक पांडेय समेत अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
विज्ञापन
- मां शीतला देवी के जयकारों से गूंजा परिसर, दो श्रद्धालुओं ने पहली बार पार किया अग्निपथ
सकरपार। धधकते अंगारे और मां शीतला देवी के जयकारों के बीच गोनहाताल में 17 भक्तों ने नंगे पांव अंगारों भरे रास्ते को पार कर ''''अग्नि'''' परीक्षा दी। शारदीय नवरात्र की नवमी पर बांसी-धानी मार्ग स्थित गोनहाताल पूर्वी चौराहे के कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में श्री बालकृष्ण मित्र मंडली की ओर से अग्निपथ यात्रा का आयोजन किया गया।
दो श्रद्धालुओं सोनी गिरी और सुखदेव यादव ने पहली बार अंगारों पर चलकर अनुष्ठान में हिस्सा लिया। आयोजन को देखने के लिए आसपास के गांवों के साथ दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। नवमी पर मां शीतला देवी की प्रतिमा के सामने करीब 21 फीट लंबा और एक फीट गहरा अग्निकुंड तैयार किया गया। इसमें लकड़ियां जलाकर अग्निपथ बनाया गया। इसके बाद एक-एक कर 17 भक्तों ने अंगारों पर चलकर यात्रा पूरी की। श्रद्धालु जय माता दी, जय अंबे, जय शेरावाली और जय शीतला देवी के जयकारे लगाते रहे। अनुष्ठान के बाद पूजा-अर्चना हुई और भंडारे में प्रसाद वितरित किया गया।
विज्ञापन
पंजाब में देखी परंपरा, गांव में शुरू किया आयोजन
कार्यक्रम के मुख्य पुजारी एवं आयोजक राकेश चौरसिया ने बताया कि वह रोजगार के सिलसिले में पंजाब में रहते थे। वहां नवरात्र में मां शीतला देवी की प्रतिमा स्थापित करने और नवमी पर अग्निपथ यात्रा आयोजित करने की परंपरा देखी थी। इससे प्रेरित होकर उन्होंने अपने गांव में भी यह आयोजन शुरू किया। कार्यक्रम अध्यक्ष रामनयन मौर्य के अनुसार, यह परंपरा पिछले 25 वर्षों से निभाई जा रही है। इस बार 26वीं बार अग्निपथ यात्रा का आयोजन हुआ।
विज्ञापन
मां शीतला देवी की प्रतिमा स्थापित कर नौ दिन होती है पूजा
क्षेत्र में नवरात्र के दौरान आमतौर पर मां दुर्गा की मूर्तियां स्थापित की जाती हैं, लेकिन गोनहाताल में मां शीतला देवी की प्रतिमा स्थापित कर नौ दिनों तक पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में मां शीतला को आरोग्य और स्वच्छता की देवी माना जाता है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु हर वर्ष अनुष्ठान में शामिल होकर परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना करते हैं। कार्यक्रम में राम अनुज, सुरेंद्र मौर्य, अमित श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, वेद साहनी और विवेक पांडेय समेत अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।