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Siddharthnagar News: तीन मासूमों के सिर से उठा मां का आंचल
Fri, 23 Jan 2026 11:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 23 Jan 2026 11:22 PM IST
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-सड़क हादसे में मां की मौत के बाद गांव में छाया मातम
भनवापुर। बलरामपुर जिले के गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के पिपरा बिशुनपुर के बीच ई-रिक्शा और डीसीएम की टक्कर में त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के गागापुर गांव निवासी कंचन चौहान (40) की मौत के बाद तीन मासूमों के सिर से मां के आंचल की छाया उठ गया। हादसे की सूचना मिलने पर पिता कमलेश चौहान मुंबई से घर के लिए निकल चुके हैं। वहीं, घर पर मौजूद लोगों के द्वारा बच्चों को सांत्वना दी जा रही है। वहीं, मृत विभूति चौहान अपने पीछे पत्नी लालमती, दो बालिग बेटों संतोष और सनी देओल को छोड़ गया है।
त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के गागापुर गांव निवासी कमलेश चौहान मुंबई में रहकर रोजी-रोटी का जुगाड़ करता है। घर पर पत्नी कंचन चौहान (40) के साथ बेटी लक्ष्मी (17), बेटा विष्णु (10), सनी (7) और तीन वर्षीय मासूम सानिया रहती है। बृहस्पतिवार को गांव के लोगों ने झाड़-फूंक के लिए पचपेड़वा थाना क्षेत्र में जाने की बात कही तो कंचन चौहान भी साथ जाने को तैयार हो गई। मां को तैयार होता देख मासूमों ने भी साथ जाने की जिद करने लगे, जिसपर कंचन ने जल्द आने के साथ ही (प्रसाद) खाने पीने की वस्तु लाने का आश्वासन देकर ई-रिक्शा से निकल गई। मगर वापसी में उसकी मौत हो गई।
पत्नी के मौत की सूचना मुंबई में कमलेश को मिली तो वह घर के लिए रवाना हो गया, जिसके देर रात तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, बच्चों को मां की मौत की सूचना मिलते ही उनका रो-रो कर बुरा हाल है। विष्णु व सनी को किसी तरह बहन लक्ष्मी समझते समझाते खुद रोने लगती है तो वहीं तीन वर्षीय सानिया को नहीं पता कि अब उसकी मां कभी लौट कर नहीं आने वाली हैं। लोगों के भीड़ में अपने मां को तलाश रही थी।
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भनवापुर। बलरामपुर जिले के गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के पिपरा बिशुनपुर के बीच ई-रिक्शा और डीसीएम की टक्कर में त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के गागापुर गांव निवासी कंचन चौहान (40) की मौत के बाद तीन मासूमों के सिर से मां के आंचल की छाया उठ गया। हादसे की सूचना मिलने पर पिता कमलेश चौहान मुंबई से घर के लिए निकल चुके हैं। वहीं, घर पर मौजूद लोगों के द्वारा बच्चों को सांत्वना दी जा रही है। वहीं, मृत विभूति चौहान अपने पीछे पत्नी लालमती, दो बालिग बेटों संतोष और सनी देओल को छोड़ गया है।
त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के गागापुर गांव निवासी कमलेश चौहान मुंबई में रहकर रोजी-रोटी का जुगाड़ करता है। घर पर पत्नी कंचन चौहान (40) के साथ बेटी लक्ष्मी (17), बेटा विष्णु (10), सनी (7) और तीन वर्षीय मासूम सानिया रहती है। बृहस्पतिवार को गांव के लोगों ने झाड़-फूंक के लिए पचपेड़वा थाना क्षेत्र में जाने की बात कही तो कंचन चौहान भी साथ जाने को तैयार हो गई। मां को तैयार होता देख मासूमों ने भी साथ जाने की जिद करने लगे, जिसपर कंचन ने जल्द आने के साथ ही (प्रसाद) खाने पीने की वस्तु लाने का आश्वासन देकर ई-रिक्शा से निकल गई। मगर वापसी में उसकी मौत हो गई।
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पत्नी के मौत की सूचना मुंबई में कमलेश को मिली तो वह घर के लिए रवाना हो गया, जिसके देर रात तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, बच्चों को मां की मौत की सूचना मिलते ही उनका रो-रो कर बुरा हाल है। विष्णु व सनी को किसी तरह बहन लक्ष्मी समझते समझाते खुद रोने लगती है तो वहीं तीन वर्षीय सानिया को नहीं पता कि अब उसकी मां कभी लौट कर नहीं आने वाली हैं। लोगों के भीड़ में अपने मां को तलाश रही थी।
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