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Siddharthnagar News: मुआवजे की राह साफ...किसानों को राहत की उम्मीद

Sat, 13 Dec 2025 11:20 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 13 Dec 2025 11:20 PM IST
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Siddharthnagar News: The path for compensation is clear... farmers hope for relief
सिद्धार्थनगर। खराब बीज की आपूर्ति से समय से पहले बाली निकल आने और फसल चौपट होने के मामले में किसानों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। चार माह बाद किसानों के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। स्थानीय स्तर पर कराई गई विस्तृत जांच के बाद 1.49 करोड़ रुपये मुआवजे के लिए कृषि विभाग ने शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है। इस दायरे में 1475 किसान आएं है, जिन्हें मुआवजा मिलना है।
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करीब पांच माह से नुकसान की भरपाई का इंतजार कर रहे किसानों में अब मुआवजा मिलने की उम्मीद जगी है। सीतापुर के संडीला से आपूर्ति किए गए बीजों को बोने के बाद किसानों के खेतों में असमय बाली निकल आईं। परिणामस्वरूप करीब 7000-7500 बीघा क्षेत्र में धान की पैदावार बुरी तरह प्रभावित हुई और किसानों को अनुमानित चार करोड़ से रुपये का घाटा सहना पड़ा।
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मामला तूल पकड़ने और किसानों के विरोध के बाद शासन तक मामला पहुंचा तो इसकी जांच हुई। कृषि विशेषज्ञों की टीम डोर टू डोर की किसानों से मिली और खेत में जाकर आंकलन किया। बाली का सैंपल लिया, क्षेत्र में बीते वर्ष के उत्पादन के हिसाब से आकलन किया। इसके बाद पूरी रिपोर्ट तैयार हुई है। अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद जांच की रफ्तार बढ़ी थी।
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जानकारों का कहना है कि खराब बीज से हुए भारी नुकसान के बाद अब मुआवजे की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यदि शासन से जल्द स्वीकृति मिलती है तो लंबे इंतजार के बाद किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। यह मामला बीज आपूर्ति और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है

क्या था पूरा मामला: पिछले खरीफ सीजन में किसानों ने सरकारी और अधिकृत माध्यमों से धान का बीज खरीदा था। बुवाई के कुछ ही दिनों बाद पौधों की पैदावार असामान्य पाई गई और समय से पहले बाली निकल आई। इससे दाने भर नहीं पाए और फसल उपजने लायक नहीं रही। किसानों ने इसे सीधे तौर पर खराब बीज की आपूर्ति से जोड़ा और कृषि विभाग से शिकायत की।
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