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Siddharthnagar News: अमहवा में मरीजों की संख्या बढ़ी संख्या...दोपहर तक नहीं पहुंचे स्वास्थ्यकर्मी

Fri, 26 Sep 2025 12:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Fri, 26 Sep 2025 12:00 AM IST
सार

लोटन ब्लॉक के बस्तिया गांव में डायरिया से मां-बेटी की मौत के बाद दहशत है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। लगातार मरीज बढ़ने से लोग निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।

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Siddharthnagar News: The number of patients increased in Amhava...health workers did not arrive till noon

विस्तार

- डायरिया से मां-बेटी की गई है जान, 20 से अधिक लोग बताए जा रहे हैं डायरिया के शिकार
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- ग्रामीणों ने लगाय आरोप, जांच न गंभीरता से किया जा रहा इलाज
लोटन। स्थानीय ब्लाॅक क्षेत्र के बस्तिया गांव के टोला अमहवा में डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को दो नए मरीज इसकी चपेट में आए, जो निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। वहीं, मां-बेटी की मौत के बाद गांव में दहशत और स्वास्थ्य महकमे के प्रति आक्रोश है। प्रतिदिन दो-चार नए लोग डायरिया का शिकार हो रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमा इसको लेकर गंभीर नहीं है। बृहस्पतिवार को जब गांव में पीड़ितों से जानकारी लेने पहुंची तो दोपहर तक न तो कोई स्वास्थ्य कर्मी पहुंचा था न तो कैंप ही नजर आया है। वहीं, स्वास्थ्य महकमे के मुखिया का कहना है कि गांव में वे खुद गए थे और स्वास्थ्यकर्मी लगे हुए हैं और वे उनके संपर्क में हैं।
लोटन ब्लॉक क्षेत्र के बस्तिया गांव के टोला अमहवा गांव में रामधनी की बेटी बबिता (13) मंगलवार सुबह और उसकी पत्नी प्रमिला (38) की डायरिया की चपेट में आने से जान चली गई। इसके बाद गांव में दहशत और बीमार होने वालों की संख्या बढ़ रही है। दो मौत के बाद बुधवार को स्वास्थ्य विभाग टीम गांव में पहुंची और जांच करने के साथ ही मरीजों को दवा दी था। बृहस्पतिवार को बीमार मरीजों की स्थिति और व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए गांव में पहुंचे। जहां लोगों में बीमार को लेकर डर और विभाग के प्रति आक्रोशित देखा गया। लोगों का कहना था कि अमहवा में डायरिया से दो दिन पहले मां-बेटी की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अभी भी लापरवाही बरत रहा है। गांव में पानी की टंकी तो पहुंच गई, लेकिन कोई कर्मचारी 12 बजे तक नहीं पहुंचा था। ग्रामीणों ने बताया कि अगर समय से स्वास्थ्य विभाग जागा होता तो मां बेटी की जान बचाई जा सकती थी। गांव के 20 लोग अब भी डायरिया की चपेट में बताए जा रहे हैं जो सरकारी अस्पताल पर भरोसा न कर के प्राइवेट अस्पतालों में दवा करा रहे हैं।
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बिगड़ रही मरीजों की सेहत
गांव में मरीजों की सेहत लगातार बिगड़ रही है। अधिकांश लोग तो भयग्रस्त हो गए हैं। इसमें बृहस्पतिवार को रामचरन और बाबू राम की अचानक तबीयत खराब हो गई। इनको सीएचसी लोटन से रेफर कर दिया गया, जिनकी दवा परिजन प्राइवेट अस्पताल सिद्धार्थनगर में करा रहे हैं। वहीं, राधेश्याम के एक ही परिवार के पांच लोग बीमार पड़े हुए हैं। लोगों कहना है कि प्रतिदिन अब भी मरीज बढ़ रहे हैं। गांव की जिम्मेदारी जो सरकार आशा बहुओं दी थी कि कोई परेशानी होने पर मौके पर संभाल सकें, वह भी मौके पर नहीं नजर आईं। फिलहाल स्वास्थ्य महकमे का यही हाल रहा तो बीमारी विकराल रूप ले सकती है और स्थिति कंट्रोल के बाहर होगी।
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बोले मृतका के पति
मृतका प्रमिला के पति रामधनी ने बताया कि पत्नी और बेटी की मौत के कारण उसका दिमाग काम नहीं कर रहा। मेरा लगभग एक वर्ष का बच्चा है। मैं उसको पालूं या मजदूरी कर बच्चों का पेट भरुं। मेरे सामने समस्या का पहाड़ खड़ा हो गया है। समय से दवा हुई होती तो शायद मेरी पत्नी जिंदा होती। लापरवाही में ही बेटी और पत्नी दोनों की जिंदगी चली गई। गांव के लोगों पर संकट मंडरा रहा है और जिम्मेदार खामोश हैं।
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बोले गांव के लोग
गांव के ही महेंद्र का कहना है कि उल्टी-दस्त को हल्का समझने के कारण हादसा हुआ है। अब भी 20 से अधिक लोग बीमार हैं। कोई पूछने वाला नहीं है, जिससे लोग सहमे हुए हैं। गांव के सोनी का कहना है कि कल सूचना देने के बाद सीएमओ, अधीक्षक सहित तमाम कर्मचारी आकर देख-भाल कर रहे थे लेकिन 12 बज जाने के बाद भी कोई कर्मचारी अब तक नहीं आया जबकि आज भी दो लोग बीमारी की चपेट में आ गए हैं। वहीं, गांव के कुसुम का कहना है कि पहले हम लोग उल्टी-दस्त होने को हल्का समझ रहे थे, लेकिन गांव में हुई मौतों से वे सदमे में हैं।

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बोले जिम्मेदार
सिकरी पीएचसी के डाॅक्टर मोहसिन खान का ड्यूटी लगाई गई है। ओपीडी देखने के कारण देरी हो गई होगी। टीम जांच कर लोगों का इलाज कर रही है।

एके चौधरी, सीएचसी अधीक्षक लोटन
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जानकारी होने के बाद मैं स्वयं अमहवा गांव में गया था। पहुंच कर बीमारी के बचाव के लिए नल में ब्लीचिंग पाउडर, चुने का छिड़काव कराने के साथ पीड़ितों की जांच कराकर दवा दिलाने के साथ शुद्ध पानी की व्यवस्था कराई गई है। स्वास्थ्य कर्मचारी लगातार मेरे संपर्क में हैं।
- आरके चौरसिया, सीएमओ
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