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Siddharthnagar News: जलनिकासी का इंतजाम न हाेने से बढ़ा संकट
Tue, 16 Sep 2025 10:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 16 Sep 2025 10:59 PM IST
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शहर के बेलहिया चौराहे पर नाला निर्माण्न होने के कारण स्थित एक अस्पताल में भरा पानी। संवाद
इटवा। टाउन एरिया घोषित होने के चार वर्ष बाद भी इटवा कस्बे में जलनिकासी का इंतजाम नहीं हो पाया है। मंगलवार सुबह भारी बारिश होने पर दुकानदारों को जलनिकासी के लिए पंपिंग सेट का सहारा लेना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि शहर का दर्जा तो मिला लेकिन सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
स्थानीय क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा इटवा कस्बे के व्यवसायियों से खरीदारी करता रहा है। इसे देखते हुए दूर-दराज के बाजारों के दुकानदार भी यहां आकर बसने लगे। बलरामपुर जनपद के गैसड़ी, पचपेड़वा, डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बिथरिया और इटवा के गौरा बाजार से भी लोग आकर यहां बसने लगे। इसमें 1990 के पूर्व इटवा तहसील की घोषणा होने के बाद कुछ ज्यादा ही तेजी आई, जिसके चलते आवागमन के लिए सड़क, जल निकासी और बिजली आपूर्ति की कमी लोगों की प्रमुख आवश्यकता बन गई।
प्रदेश में राज्यपाल मोतीलाल बोरा के समय दूसरी बार राष्ट्रपति शासन लागू होने पर इटवा कस्बे के अंदर सड़क और जल निकासी के लिए भारी धनराशि पीडब्ल्यूडी को मिला था, जिसके तहत सड़क का कार्य हुआ। लेकिन, नाली निर्माण कार्य आधा अधूरा बनाकर छोड़ दिया गया।
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इसके बाद सपा सरकार के कार्यकाल में एक बार फिर बेवा ढेबरुआ मार्ग के सुदृढ़ीकरण व चौड़ीकरण के कार्य के लिए मिली स्वीकृति में इटवा कस्बे में नाली निर्माण का कार्य कराए जाने की भी स्वीकृति शामिल थी। नाली निर्माण कार्य इस बार फिर अधूरी बनाकर छोड़ दी गई।
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स्थानीय क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा इटवा कस्बे के व्यवसायियों से खरीदारी करता रहा है। इसे देखते हुए दूर-दराज के बाजारों के दुकानदार भी यहां आकर बसने लगे। बलरामपुर जनपद के गैसड़ी, पचपेड़वा, डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के बिथरिया और इटवा के गौरा बाजार से भी लोग आकर यहां बसने लगे। इसमें 1990 के पूर्व इटवा तहसील की घोषणा होने के बाद कुछ ज्यादा ही तेजी आई, जिसके चलते आवागमन के लिए सड़क, जल निकासी और बिजली आपूर्ति की कमी लोगों की प्रमुख आवश्यकता बन गई।
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प्रदेश में राज्यपाल मोतीलाल बोरा के समय दूसरी बार राष्ट्रपति शासन लागू होने पर इटवा कस्बे के अंदर सड़क और जल निकासी के लिए भारी धनराशि पीडब्ल्यूडी को मिला था, जिसके तहत सड़क का कार्य हुआ। लेकिन, नाली निर्माण कार्य आधा अधूरा बनाकर छोड़ दिया गया।
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इसके बाद सपा सरकार के कार्यकाल में एक बार फिर बेवा ढेबरुआ मार्ग के सुदृढ़ीकरण व चौड़ीकरण के कार्य के लिए मिली स्वीकृति में इटवा कस्बे में नाली निर्माण का कार्य कराए जाने की भी स्वीकृति शामिल थी। नाली निर्माण कार्य इस बार फिर अधूरी बनाकर छोड़ दी गई।