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Siddharthnagar News: रहस्यमय बीमारी की असली वजह की तलाश करेगी मेडिकल कॉलेज की टीम
Fri, 23 Jan 2026 11:11 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 23 Jan 2026 11:11 PM IST
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सिद्धार्थनगर। खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र के लक्ष्मीपुर बल्लीजोत गांव के 100 से अधिक आबादी वाले टोला बड़हरा में फैली रहस्यमय बीमारी के पीछे की असली वजह जानने के लिए मेडिकल कॉलेज के चार विभागों की टीम ने कमर कस ली है। ये टीम गांव में जाकर बीमारी से पीड़ित लोगों के खून का सैंपल लेगी और अन्य जांच करेगी। इसके अलावा हैंडपंप के सैंपल लिए जाएंगे।
बड़हरा में लंबे समय से लोगों की बॉडी में अजीब बदलाव होे रहे हैं। इसमें हड्डियों में अकड़न, कमजोरी, बच्चों के दांत खराब होने और चलने-फिरने में परेशानी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले जांच में हैंडपंप के पानी में फ्लोराइड की अधिक मात्रा मिलने के बाद मामला पूरी तरह से संदिग्ध हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के चार विभागों की संयुक्त विशेषज्ञ टीम गांव में जाकर रिसर्च और पीड़ितों के खून का सैंपल लेगी।
मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग, बाल रोग विभाग, मेडिसिन और दंत रोग विभाग की संयुक्त टीम गांव में पहुंचकर घर-घर सर्वे करेगी। टीम न सिर्फ उन परिवारों की जांच करेगी जहां बीमारी के स्पष्ट लक्षण हैं, बल्कि बिना लक्षण वाले लोगों के भी खून के सैंपल लेकर छिपे खतरे की तलाश करेगी। ऐसा सीएमओ के स्तर से रणनीति बनाई गई है।
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बड़हरा में रहस्यमय बीमारी की गिरफ्त में आकर कई परिवार के लोग तबाह हो गए हैं। इस मामले में विशेषज्ञों की टीम की ओर से गांव में किए गए सर्वे और सैंपलिंग के दौरान पेयजल के नमूनों में फ्लोराइड की मौजूदगी सामने आई।
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बड़हरा में लंबे समय से लोगों की बॉडी में अजीब बदलाव होे रहे हैं। इसमें हड्डियों में अकड़न, कमजोरी, बच्चों के दांत खराब होने और चलने-फिरने में परेशानी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले जांच में हैंडपंप के पानी में फ्लोराइड की अधिक मात्रा मिलने के बाद मामला पूरी तरह से संदिग्ध हो गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के चार विभागों की संयुक्त विशेषज्ञ टीम गांव में जाकर रिसर्च और पीड़ितों के खून का सैंपल लेगी।
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मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग, बाल रोग विभाग, मेडिसिन और दंत रोग विभाग की संयुक्त टीम गांव में पहुंचकर घर-घर सर्वे करेगी। टीम न सिर्फ उन परिवारों की जांच करेगी जहां बीमारी के स्पष्ट लक्षण हैं, बल्कि बिना लक्षण वाले लोगों के भी खून के सैंपल लेकर छिपे खतरे की तलाश करेगी। ऐसा सीएमओ के स्तर से रणनीति बनाई गई है।
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बड़हरा में रहस्यमय बीमारी की गिरफ्त में आकर कई परिवार के लोग तबाह हो गए हैं। इस मामले में विशेषज्ञों की टीम की ओर से गांव में किए गए सर्वे और सैंपलिंग के दौरान पेयजल के नमूनों में फ्लोराइड की मौजूदगी सामने आई।