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Siddharthnagar News: सड़क लावारिस... किसने बनवाई, किसी को पता नहीं
Tue, 28 Oct 2025 11:41 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 28 Oct 2025 11:41 PM IST
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- खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र की चार प्रमुख सड़के 10 साल से जर्जर इधर से उधर दौड़ता है कागज
-किसी को पता नहीं किस विभाग से हुआ था निर्माण मरम्मत की दरकार
- गड्ढा मुक्त अभियान के दावे के बीच चार सड़कें बहा रही बदहाली पर आंसू
खेसरहा। क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की निधि सहित विभिन्न योजनाओं से बनी पक्की सड़कें अब मरम्मत के अभाव में बदहाल हो गईं हैं। जगह-जगह गिट्टियां उखड़ जाने और गड्ढे बन जाने से राहगीरों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। विडंबना यह है कि कोई भी विभाग इन सड़कों की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। वहीं, राहगीरों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बेलौहा बाजार से महुआ कासडीह मार्ग पर स्थित पिपरा गांव के शिव मंदिर से पिढ़िया गांव तक जाने वाली लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क 2015 में सांसद निधि से बनवाई गई थी। तब से लेकर अब तक इसका मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। यह मार्ग पिढ़िया गांव के प्रसिद्ध पिढ़ेश्वर महादेव मंदिर तक जाती है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा करने पहुंचते हैं। टूटी सड़क के बावजूद ग्रामीणों को इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर है। गांव के मनोज त्रिपाठी ने बताया कि मरम्मत की शिकायत पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि यह सड़क अभी विभाग की चयनित सूची में शामिल नहीं है।
महुईनानकार से गुलरिहा तक की लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क विधायक निधि से बनवाई गई थी। मरम्मत न होने से अब इस पर केवल पत्थर ही नजर आते हैं। इस मार्ग से रोजाना कई गांवों के छात्र-छात्राएं पेड़ारी और कलनाखोर स्थित इंटर कॉलेज और महाविद्यालय में पढ़ाई करने जाते हैं। ग्राम प्रधान हरिश्चंद्र यादव ने बताया कि शिकायत करने पर पता चला कि यह सड़क भी किसी कार्यदायी संस्था के अधीन नहीं है। सुपौली गांव से पिपरहवा सिंहोरवा गांव तक करीब 10 वर्ष पहले बनी सड़क अब पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ता है, लेकिन अब इस पर चलना मुश्किल हो गया है। सिंहोरवा गांव के प्रधान राजेश राय ने बताया कि पीडब्ल्यूडी समेत कई संस्थाओं से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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बसपा सरकार के दौरान चोरईताल को आंबेडकर गांव घोषित किए जाने के बाद कुड़जा होकर बिंद टोला ठड़वरिया गांव तक पक्की सड़क बनाई गई थी। लेकिन अब तक इसकी मरम्मत का काम नहीं कराया गया। जगह-जगह से सड़क टूट चुकी है और बरसात में यह कीचड़ में सनी रहती है। ग्राम प्रधान श्रीराम यादव का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की कि इन सभी सड़कों को शीघ्र संबंधित विभागों में चयनित कर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
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बोले जिम्मेदार
इन सड़कों को बनाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया है। बहुत जल्द इन सड़कों का मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा।
- जय प्रताप सिंह, विधायक, बांसी
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-किसी को पता नहीं किस विभाग से हुआ था निर्माण मरम्मत की दरकार
- गड्ढा मुक्त अभियान के दावे के बीच चार सड़कें बहा रही बदहाली पर आंसू
खेसरहा। क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की निधि सहित विभिन्न योजनाओं से बनी पक्की सड़कें अब मरम्मत के अभाव में बदहाल हो गईं हैं। जगह-जगह गिट्टियां उखड़ जाने और गड्ढे बन जाने से राहगीरों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। विडंबना यह है कि कोई भी विभाग इन सड़कों की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। वहीं, राहगीरों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बेलौहा बाजार से महुआ कासडीह मार्ग पर स्थित पिपरा गांव के शिव मंदिर से पिढ़िया गांव तक जाने वाली लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क 2015 में सांसद निधि से बनवाई गई थी। तब से लेकर अब तक इसका मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। यह मार्ग पिढ़िया गांव के प्रसिद्ध पिढ़ेश्वर महादेव मंदिर तक जाती है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा करने पहुंचते हैं। टूटी सड़क के बावजूद ग्रामीणों को इसी रास्ते से आने-जाने को मजबूर है। गांव के मनोज त्रिपाठी ने बताया कि मरम्मत की शिकायत पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि यह सड़क अभी विभाग की चयनित सूची में शामिल नहीं है।
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महुईनानकार से गुलरिहा तक की लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क विधायक निधि से बनवाई गई थी। मरम्मत न होने से अब इस पर केवल पत्थर ही नजर आते हैं। इस मार्ग से रोजाना कई गांवों के छात्र-छात्राएं पेड़ारी और कलनाखोर स्थित इंटर कॉलेज और महाविद्यालय में पढ़ाई करने जाते हैं। ग्राम प्रधान हरिश्चंद्र यादव ने बताया कि शिकायत करने पर पता चला कि यह सड़क भी किसी कार्यदायी संस्था के अधीन नहीं है। सुपौली गांव से पिपरहवा सिंहोरवा गांव तक करीब 10 वर्ष पहले बनी सड़क अब पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ता है, लेकिन अब इस पर चलना मुश्किल हो गया है। सिंहोरवा गांव के प्रधान राजेश राय ने बताया कि पीडब्ल्यूडी समेत कई संस्थाओं से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
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बसपा सरकार के दौरान चोरईताल को आंबेडकर गांव घोषित किए जाने के बाद कुड़जा होकर बिंद टोला ठड़वरिया गांव तक पक्की सड़क बनाई गई थी। लेकिन अब तक इसकी मरम्मत का काम नहीं कराया गया। जगह-जगह से सड़क टूट चुकी है और बरसात में यह कीचड़ में सनी रहती है। ग्राम प्रधान श्रीराम यादव का कहना है कि कई बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की कि इन सभी सड़कों को शीघ्र संबंधित विभागों में चयनित कर मरम्मत कार्य शुरू कराया जाए ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
बोले जिम्मेदार
इन सड़कों को बनाने के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया गया है। बहुत जल्द इन सड़कों का मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा।
- जय प्रताप सिंह, विधायक, बांसी