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Siddharthnagar News: धोखाधड़ी-जालसाजी का आरोपी सेवानिवृत्त लेखपाल गिरफ्तार
Sat, 08 Nov 2025 11:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 08 Nov 2025 11:16 PM IST
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लोटन। भूमि संबंधी धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में सेवानिवृत लेखपाल काशी प्रसाद वरुण को गिरफ्तार शनिवार को जेल भेज दिया है। मूल रूप से महराजगंज के फरेंदा थाना क्षेत्र के सिधवारी निवासी अखिलेश कुमार यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप था कि ग्राम खखरा बुजुर्ग, तप्पा सहिला, परगना और तहसील नौगढ़ के एक भूमि में अनियमितताएं की गई हैं। तत्कालीन लेखपाल काशी प्रसाद वरुण ने दिनांक 30 जून 2004 को खसरा फसली वर्ष 1410 में सभाजीत पुत्र रामनरायन के नाम फूस का मकान अंकित कर तहसील अभिलेखागार में दर्ज कराया जबकि 21 जून 2024 को प्राप्त आधिकारिक खसरा नकल में यही गाटा पूरी तरह बंजर (बिना किसी निर्माण) अंकित है और किसी का नाम दर्ज नहीं है। दोनों खसरे एक ही फसली वर्ष के होने के बावजूद परस्पर विरोधी हैं, जो स्पष्ट रूप से मिलीभगत से की गई जालसाजी को दर्शाता है। इस मामले में आरोपी सेवानिवृत्त लेखपाल की पुलिस को तलाश थी। शनिवार को पुलिस ने जानकारी होने पर आरोपी काशी प्रसाद वरुण निवासी एकडेगा भावपुर ग्रांट, थाना शोहरतगढ़ को अल-हबीब चिकित्सालय, लोटन डीह के पास से गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष डीके सरोज का कहना है केस पंजीकृत किया गया था, जिसमें उसे गिरफ्तार किया गया है।त
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आरोप था कि ग्राम खखरा बुजुर्ग, तप्पा सहिला, परगना और तहसील नौगढ़ के एक भूमि में अनियमितताएं की गई हैं। तत्कालीन लेखपाल काशी प्रसाद वरुण ने दिनांक 30 जून 2004 को खसरा फसली वर्ष 1410 में सभाजीत पुत्र रामनरायन के नाम फूस का मकान अंकित कर तहसील अभिलेखागार में दर्ज कराया जबकि 21 जून 2024 को प्राप्त आधिकारिक खसरा नकल में यही गाटा पूरी तरह बंजर (बिना किसी निर्माण) अंकित है और किसी का नाम दर्ज नहीं है। दोनों खसरे एक ही फसली वर्ष के होने के बावजूद परस्पर विरोधी हैं, जो स्पष्ट रूप से मिलीभगत से की गई जालसाजी को दर्शाता है। इस मामले में आरोपी सेवानिवृत्त लेखपाल की पुलिस को तलाश थी। शनिवार को पुलिस ने जानकारी होने पर आरोपी काशी प्रसाद वरुण निवासी एकडेगा भावपुर ग्रांट, थाना शोहरतगढ़ को अल-हबीब चिकित्सालय, लोटन डीह के पास से गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष डीके सरोज का कहना है केस पंजीकृत किया गया था, जिसमें उसे गिरफ्तार किया गया है।त
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