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Siddharthnagar News: इंजेक्शन लगने के बाद बच्ची की मौत, निजी अस्पताल में हंगामा
Sat, 05 Sep 2026 11:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 05 Sep 2026 11:12 PM IST
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सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के साड़ी तिराहा स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान शनिवार को दो वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। मौत के बाद परिजन ने अस्पताल में हंगामा करते हुए चिकित्सक पर इंजेक्शन का ओवरडोज देने का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के निर्देश दिए हैं। कठेला गर्वी गांव निवासी बच्ची की मां के अनुसार शुक्रवार को बेटी जया को तेज बुखार होने पर वह साड़ी तिराहा स्थित निजी अस्पताल लेकर पहुंचीं। चिकित्सक ने जांच के बाद दवा दी। परिजन का कहना है कि दवा देने के बाद भी बच्ची को आराम नहीं मिला। शनिवार को वह दोबारा बच्ची को लेकर अस्पताल पहुंचीं। आरोप है कि वहां इंजेक्शन लगाए जाने के बाद अचानक बच्ची की हालत बिगड़ गई। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।
बच्ची की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिजन ने उपचार में लापरवाही बरतने के साथ ही इंजेक्शन का ओवरडोज देने का आरोप लगाया। उनका यह भी आरोप है कि उपचार की पर्ची फाड़ दी गई। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया।
चिकित्सक बोले, गंभीर बीमारी से जूझ रही थी बच्ची : वहीं, निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संजय चौधरी ने परिजनों के आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि बच्ची जन्म से ही मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग थी। उसे झटके आने की भी समस्या थी। शनिवार को अस्पताल लाए जाने पर बच्ची को सांस लेने में दिक्कत थी, जिसके बाद उसे ऑक्सीजन दी गई। चिकित्सक के अनुसार उपचार के दौरान करीब 10-15 मिनट बाद बच्ची की मौत हो गई।
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एसएचओ नवीन सिंह ने बताया कि मामले में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल ने बताया कि प्रकरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद ही वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
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बच्ची की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। परिजन ने उपचार में लापरवाही बरतने के साथ ही इंजेक्शन का ओवरडोज देने का आरोप लगाया। उनका यह भी आरोप है कि उपचार की पर्ची फाड़ दी गई। हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया।
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चिकित्सक बोले, गंभीर बीमारी से जूझ रही थी बच्ची : वहीं, निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संजय चौधरी ने परिजनों के आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि बच्ची जन्म से ही मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग थी। उसे झटके आने की भी समस्या थी। शनिवार को अस्पताल लाए जाने पर बच्ची को सांस लेने में दिक्कत थी, जिसके बाद उसे ऑक्सीजन दी गई। चिकित्सक के अनुसार उपचार के दौरान करीब 10-15 मिनट बाद बच्ची की मौत हो गई।
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एसएचओ नवीन सिंह ने बताया कि मामले में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. मानवेंद्र पाल ने बताया कि प्रकरण की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद ही वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।