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Siddharthnagar News: एक माह सात दिन में ही करें गर्भवतियों का पंजीकरण
Mon, 08 Sep 2025 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 08 Sep 2025 11:59 PM IST
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- भनवापुर क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में आयोजित समीक्षा बैठक में अधीक्षक ने दिए निर्देश
नवापुर। क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में सोमवार को एएनएम, संगिनी व आशा बहुओं की समीक्षा बैठक की गई। अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि आशा बहुएं एक माह सात दिन पर गर्भवतियों का पंजीकरण करना सुनिश्चित करें। खाने के लिए फोलिक एसिड जरूर दें, जिससे नवजात शिशुओं को न्यूरोलॉजिकल परेशानी से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि एएनएम महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार बार प्रसव पूर्व सभी जांच जरूर करें। उच्च जोखिम के लक्षण पाए जाने पर तत्काल सीएचसी पर संदर्भित करें। कहा कि गर्भावस्था के दौरान हीमोग्लोबिन के कम होने की संभावना होती है। हीमोग्लोबिन की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा गर्भवतियों को पोषण के विषय में जानकारी दें। उन्होंने कहा कि आशा बहुएं संस्थागत प्रसव, नवजात शिशु व बच्चों की देखभाल कार्यक्रम पर ध्यान दें तथा एएनएम की ओर से आशा बहू के कार्यों का भौतिक सत्यापन करें।
इस दौरान एचईओ राजीव त्रिपाठी, सोनिया वर्मा, धर्मावती, रीना, मालती, ज्ञानमति उपस्थित रहीं।
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नवापुर। क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में सोमवार को एएनएम, संगिनी व आशा बहुओं की समीक्षा बैठक की गई। अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि आशा बहुएं एक माह सात दिन पर गर्भवतियों का पंजीकरण करना सुनिश्चित करें। खाने के लिए फोलिक एसिड जरूर दें, जिससे नवजात शिशुओं को न्यूरोलॉजिकल परेशानी से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि एएनएम महिलाओं की गर्भावस्था के दौरान कम से कम चार बार प्रसव पूर्व सभी जांच जरूर करें। उच्च जोखिम के लक्षण पाए जाने पर तत्काल सीएचसी पर संदर्भित करें। कहा कि गर्भावस्था के दौरान हीमोग्लोबिन के कम होने की संभावना होती है। हीमोग्लोबिन की जांच पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा गर्भवतियों को पोषण के विषय में जानकारी दें। उन्होंने कहा कि आशा बहुएं संस्थागत प्रसव, नवजात शिशु व बच्चों की देखभाल कार्यक्रम पर ध्यान दें तथा एएनएम की ओर से आशा बहू के कार्यों का भौतिक सत्यापन करें।
इस दौरान एचईओ राजीव त्रिपाठी, सोनिया वर्मा, धर्मावती, रीना, मालती, ज्ञानमति उपस्थित रहीं।