{"_id":"66ba6e3a3a14cb47400e59f4","slug":"siddharthnagar-news-private-vehicle-drivers-take-rides-in-front-of-the-roadways-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1033-122388-2024-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: रोडवेज के सामने से प्राइवेट वाहन वाले बैठा लेते हैं सवारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: रोडवेज के सामने से प्राइवेट वाहन वाले बैठा लेते हैं सवारी
Tue, 13 Aug 2024 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 13 Aug 2024 01:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांसी। बांसी रोडवेज के सामने से प्राइवेट वाहन चालकों द्वारा सवारी बैठाने का सिलसिला थम नहीं रहा है। गेट के बाहर से ही निजी वाहन चालक सवारियों को जबरदस्ती बैठा लेते हैं। स्थिति यह हो गई है कि रोडवेज की बसें अंदर ही खड़ी रह जा रही हैं। इससे सवारियों को तो परेशानी हो रही रही है सरकार को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है। लेकिन जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जबकि जिलाधिकारी ने लगभग पंद्रह दिन पहले ही निर्देशित किया था कि रोडवेज के सामने से सभी प्राइवेट बस, टेंपों, आदि वाहनों को हटवा दिया जाए। लेकिन अभी तक जिलाधिकारी के आदेशों का पालन होते दिखाई नहीं दे रहा है।
बांसी बस स्टेशन पर लगे चार्ट बोर्ड के अनुसार बांसी बस स्टेशन से होकर लगभग 72 बसें प्रतिदिन आवागमन करती हैं। जिसमें 2,500 से अधिक सवारियों का आवागमन प्रतिदिन रहता है। रोडवेज गेट के सामने प्राइवेट बस, टेंपो एवं बोलेरो वाले सवारियों को बैठाने के चक्कर में गाड़ियों को सड़क पर आड़ा-टेढ़ा खड़ा कर देते हैं। जिससे सड़क पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क पर आवागमन करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं, रोडवेज की बसों को बाहर निकलने में भी काफी दिक्कत होती है।
विज्ञापन
इस संबंध में उपजिलाधिकारी बांसी कुणाल का कहना है कि दो दिन पहले हमने अभियान चला कर रोडवेज के आसपास खड़ा करने वाले दो वाहनों को सीज किया है। साथ ही सभी निजी वाहन चालकों से कह दिया गया है कि आप लोग वाहन दूर खड़ा करें। जल्द ही रोडवेज के सामने से प्राइवेट वाहनों का संचालन बंद करवा दिया जाएगा।
-- -
बोले लोग
प्राइवेट बसों की अपेक्षा रोडवेज की बसों से यात्रा करना हमेशा सुरक्षित रहता है। साथ ही रोडवेज बसों का किराया भी कम लगता है। लेकिन प्राइवेट वाहन वाले रोडवेज के सामने कब्जा जमाए बैठे हैं। इस पर जिम्मेदारों को सख्त होने की जरूरत है।
रविंद्र गुप्ता
-- -
रोडवेज के सामने प्राइवेट वाहनों का हमेशा जमावड़ा लगा रहता है। जिससे रोडवेज के अंदर से बाहर निकलने में काफी दिक्कत होती है। साथ ही निजी वाहन वाले सवारियों को पकड़ कर जबरदस्ती गाड़ियों में बैठा लेते हैं। मनमानी किराया भी वसूलते हैं। लेकिन इस पर कोई जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहा है।
श्रीती दुबे
विज्ञापन
जबकि जिलाधिकारी ने लगभग पंद्रह दिन पहले ही निर्देशित किया था कि रोडवेज के सामने से सभी प्राइवेट बस, टेंपों, आदि वाहनों को हटवा दिया जाए। लेकिन अभी तक जिलाधिकारी के आदेशों का पालन होते दिखाई नहीं दे रहा है।
विज्ञापन
बांसी बस स्टेशन पर लगे चार्ट बोर्ड के अनुसार बांसी बस स्टेशन से होकर लगभग 72 बसें प्रतिदिन आवागमन करती हैं। जिसमें 2,500 से अधिक सवारियों का आवागमन प्रतिदिन रहता है। रोडवेज गेट के सामने प्राइवेट बस, टेंपो एवं बोलेरो वाले सवारियों को बैठाने के चक्कर में गाड़ियों को सड़क पर आड़ा-टेढ़ा खड़ा कर देते हैं। जिससे सड़क पर अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क पर आवागमन करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं, रोडवेज की बसों को बाहर निकलने में भी काफी दिक्कत होती है।
विज्ञापन
इस संबंध में उपजिलाधिकारी बांसी कुणाल का कहना है कि दो दिन पहले हमने अभियान चला कर रोडवेज के आसपास खड़ा करने वाले दो वाहनों को सीज किया है। साथ ही सभी निजी वाहन चालकों से कह दिया गया है कि आप लोग वाहन दूर खड़ा करें। जल्द ही रोडवेज के सामने से प्राइवेट वाहनों का संचालन बंद करवा दिया जाएगा।
बोले लोग
प्राइवेट बसों की अपेक्षा रोडवेज की बसों से यात्रा करना हमेशा सुरक्षित रहता है। साथ ही रोडवेज बसों का किराया भी कम लगता है। लेकिन प्राइवेट वाहन वाले रोडवेज के सामने कब्जा जमाए बैठे हैं। इस पर जिम्मेदारों को सख्त होने की जरूरत है।
रविंद्र गुप्ता
रोडवेज के सामने प्राइवेट वाहनों का हमेशा जमावड़ा लगा रहता है। जिससे रोडवेज के अंदर से बाहर निकलने में काफी दिक्कत होती है। साथ ही निजी वाहन वाले सवारियों को पकड़ कर जबरदस्ती गाड़ियों में बैठा लेते हैं। मनमानी किराया भी वसूलते हैं। लेकिन इस पर कोई जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहा है।
श्रीती दुबे