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Siddharthnagar News: स्टेडियम में पसीना बहाकर खिलाड़ी कॅरिअर को देंगे ऊंची उड़ान
Sat, 23 Aug 2025 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 23 Aug 2025 01:06 AM IST
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डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर स्थित नवनिर्मित स्टेडियम।
- फोटो : संवाद
-डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर में 60 लाख रुपये की लागत से मिनी खेल स्टेडियम बनकर तैयार
- खिलाड़ियों ने शुरू कर दिया टैलेंट संवारने का काम
डुमरियागंज। ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत हल्लौर में 60 लाख रुपये की लागत से बना ग्रामीण स्टेडियम डुमरियागंज क्षेत्र के खिलाड़ियों को समर्पित कर दिया गया। अब खिलाड़ी यहां पसीना बहाकर खेल में कॅरिअर को ऊंची उड़ान दे सकेंगे।
ब्लॉक क्षेत्र में स्टेडियम नहीं था। हल्लौर में मिनी स्टेडियम बनाने की स्वीकृति मिली थी। 60 लाख की लागत से स्टेडियम का निर्माण पूरा हो गया। एक ही छत के नीचे ओपन जिम, किक्रेट, वाॅलीबाल और बैडमिंटन, फुटबाॅल आदि खेलो में खुद को दक्ष बनाने का युवाओं को मौका मिलेगा। बुजुर्ग भी योगा करके निरोग रहने का अभ्यास करेंगे। उन्हें प्रैक्टिस के लिए जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम जाना पड़ता था।
डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर में फील्ड मार्शल सैम मानेक शॉ स्टेडियम बन जाने और उसका संचालन शुरू हो जाने से ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों की प्रतिभा में निखार आएगा और वह जिले के साथ ही क्षेत्र का नाम रोशन कर सकेंगे। क्षेत्रीय खिलाड़ियों में स्टेडियम को लेकर काफी जोश और उत्साह देखने को मिल रहा है।
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बोले खिलाड़ी हमें मिलेगा अपनी प्रतिभा को तराश कर खेल और स्पर्धाओं में टैलेंट दिखाने का अवसर
हल्लौर में नवनिर्मित स्टेडियम से खिलाड़ियों को अभ्यास का अवसर मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र के होनहार भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल का प्रदर्शन कर मेडल हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाएंगे। पहले खेल मैदान के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं उभर नहीं पाती थीं। स्टेडियम बनवाकर डीएम ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए अच्छी पहल की है।
इरशाद हैदर रिजवी
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स्टेडियम हल्लौर खिलाड़ियों के लिए एक नायाब सौगात की तरह है। एक ही छत के नीचे युवाओं और बुजुर्गों को ओपन जिम और योगा करने और क्रिकेट, वाॅलीबाल, बैडमिंटन और फुटबाॅल जैसे खेलों का अभ्यास करने का मौका मिलेगा। युवाओं को अपने टैलेंट के जरिये खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना चाहिए। कई दशक पहले उनका जो खेल स्टेडियम बनने का सपना था वह अब साकार हुआ है।
- इंतजार कदर उर्फ राॅकी
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- खिलाड़ियों ने शुरू कर दिया टैलेंट संवारने का काम
डुमरियागंज। ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत हल्लौर में 60 लाख रुपये की लागत से बना ग्रामीण स्टेडियम डुमरियागंज क्षेत्र के खिलाड़ियों को समर्पित कर दिया गया। अब खिलाड़ी यहां पसीना बहाकर खेल में कॅरिअर को ऊंची उड़ान दे सकेंगे।
ब्लॉक क्षेत्र में स्टेडियम नहीं था। हल्लौर में मिनी स्टेडियम बनाने की स्वीकृति मिली थी। 60 लाख की लागत से स्टेडियम का निर्माण पूरा हो गया। एक ही छत के नीचे ओपन जिम, किक्रेट, वाॅलीबाल और बैडमिंटन, फुटबाॅल आदि खेलो में खुद को दक्ष बनाने का युवाओं को मौका मिलेगा। बुजुर्ग भी योगा करके निरोग रहने का अभ्यास करेंगे। उन्हें प्रैक्टिस के लिए जिला मुख्यालय स्थित स्टेडियम जाना पड़ता था।
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डुमरियागंज क्षेत्र के हल्लौर में फील्ड मार्शल सैम मानेक शॉ स्टेडियम बन जाने और उसका संचालन शुरू हो जाने से ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों की प्रतिभा में निखार आएगा और वह जिले के साथ ही क्षेत्र का नाम रोशन कर सकेंगे। क्षेत्रीय खिलाड़ियों में स्टेडियम को लेकर काफी जोश और उत्साह देखने को मिल रहा है।
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बोले खिलाड़ी हमें मिलेगा अपनी प्रतिभा को तराश कर खेल और स्पर्धाओं में टैलेंट दिखाने का अवसर
हल्लौर में नवनिर्मित स्टेडियम से खिलाड़ियों को अभ्यास का अवसर मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र के होनहार भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपने खेल का प्रदर्शन कर मेडल हासिल कर क्षेत्र का मान बढ़ाएंगे। पहले खेल मैदान के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं उभर नहीं पाती थीं। स्टेडियम बनवाकर डीएम ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए अच्छी पहल की है।
इरशाद हैदर रिजवी
स्टेडियम हल्लौर खिलाड़ियों के लिए एक नायाब सौगात की तरह है। एक ही छत के नीचे युवाओं और बुजुर्गों को ओपन जिम और योगा करने और क्रिकेट, वाॅलीबाल, बैडमिंटन और फुटबाॅल जैसे खेलों का अभ्यास करने का मौका मिलेगा। युवाओं को अपने टैलेंट के जरिये खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना चाहिए। कई दशक पहले उनका जो खेल स्टेडियम बनने का सपना था वह अब साकार हुआ है।
- इंतजार कदर उर्फ राॅकी