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Siddharthnagar News: सातवें दिन भी जारी रहा आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों का धरना
Tue, 04 Aug 2026 10:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 04 Aug 2026 10:51 PM IST
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- मरवटिया महुलानी पावर हाउस समेत जिले के उपकेंद्रों पर प्रदर्शन
- सेवा निगम में समायोजन, न्यूनतम वेतन व सुरक्षा व्यवस्था की मांग
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर मंगलवार को सातवें दिन भी जिले में आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा। मरवटिया महुलानी पावर हाउस सहित विभिन्न बिजली उपकेंद्रों पर कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई।
संघ के जिलाध्यक्ष ब्यास जी चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन 15 मई 2017 के आदेश का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 25 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटाने की प्रक्रिया चल रही है जबकि विभाग पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में अकुशल कर्मियों से लाइन पर काम कराया जा रहा है, जिससे लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं और कई कर्मचारियों की जान जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि कार्य के अनुरूप अनुबंध नहीं किए जा रहे हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों को 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, सेवा निगम में समायोजित करने, घायल कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था लागू करने तथा उच्च न्यायालय और ऊर्जा मंत्री के निर्देशों का पालन करने की मांग लंबे समय से लंबित है।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जिले के विभिन्न बिजलीघरों पर कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से धरना देकर सरकार और पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से शीघ्र समाधान की मांग की।
इस दौरान अरुण श्रीवास्तव, मनोज त्रिपाठी, मुकेश, राजेश्वर तिवारी आदि मौजूद रहे।
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- सेवा निगम में समायोजन, न्यूनतम वेतन व सुरक्षा व्यवस्था की मांग
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर मंगलवार को सातवें दिन भी जिले में आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा। मरवटिया महुलानी पावर हाउस सहित विभिन्न बिजली उपकेंद्रों पर कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर लंबित मांगों के समाधान की मांग उठाई।
संघ के जिलाध्यक्ष ब्यास जी चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन 15 मई 2017 के आदेश का पालन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 25 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों को कार्य से हटाने की प्रक्रिया चल रही है जबकि विभाग पहले से ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में अकुशल कर्मियों से लाइन पर काम कराया जा रहा है, जिससे लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं और कई कर्मचारियों की जान जा चुकी है।
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उन्होंने कहा कि कार्य के अनुरूप अनुबंध नहीं किए जा रहे हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों को 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, सेवा निगम में समायोजित करने, घायल कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की व्यवस्था लागू करने तथा उच्च न्यायालय और ऊर्जा मंत्री के निर्देशों का पालन करने की मांग लंबे समय से लंबित है।
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जिलाध्यक्ष ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जिले के विभिन्न बिजलीघरों पर कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से धरना देकर सरकार और पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन से शीघ्र समाधान की मांग की।
इस दौरान अरुण श्रीवास्तव, मनोज त्रिपाठी, मुकेश, राजेश्वर तिवारी आदि मौजूद रहे।