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Siddharthnagar News: करवा चौथ आज, बाजार से घरों तक बढ़ी रौनक
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करवा चौथ के अवसर पर शहर के कपड़े वाली गली में हाथों में मेहंदी लगवाती महिलाएं। संवाद
- फोटो : 1
सिद्धार्थनगर। करवा चौथ को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को पर्व मनाने के लिए महिलाएं साड़ी, चूड़ी, मेहंदी और पूजन सामग्री की खरीदारी कर रही हैं। घरों में भी पूजा की तैयारियां चल रही हैं। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाओं को शाम को पूजा और चांद के दीदार का इंतजार रहेगा।
करवा चौथ पर महिलाएं पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखती हैं। पंडित देवस्य मिश्र के अनुसार, 29 अक्तूबर को पूजा का मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 बजे तक है। चंद्रोदय का समय स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। चंद्रमा को अर्घ्य देने और दर्शन के बाद महिलाएं व्रत खोलेंगी। घरों में करवा, छलनी, दीपक और पूजन थाली तैयार की जा रही है।
करवा चौथ के लिए बाजारों में साड़ी, सूट, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी और सौंदर्य प्रसाधनों की खरीदारी हो रही है। पूजन सामग्री की दुकानों पर करवा, छलनी और सजी हुई थालियां ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। कुछ महिलाएं तैयार पूजा थाली खरीद रही हैं, जबकि अन्य अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग सामग्री जुटा रही हैं। उपहारों में आभूषण, कपड़े और सौंदर्य उत्पादों की भी मांग है। कई दंपती साथ में खरीदारी कर रहे हैं तो कुछ पति पत्नी के लिए उपहार पसंद कर रहे हैं।
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तैयारियों में पति भी बंटा रहे हाथ
तुलसियापुर। करवा चौथ की तैयारियों में पति-पत्नी की साझा भागीदारी भी दिखाई दे रही है। कई पति अपनी पत्नी के साथ बाजार जाकर खरीदारी कर रहे हैं और घरेलू कामों में सहयोग दे रहे हैं। नौकरीपेशा महिलाओं के लिए कार्यालय, घर और व्रत की तैयारियों के बीच तालमेल बैठाना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में बच्चों की देखभाल और जरूरी सामान जुटाने में पति का सहयोग उपयोगी साबित हो रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत संगीता गिरि ने बताया कि करवा चौथ पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। निर्जला व्रत के बाद चांद का दीदार कर पति के हाथों जल ग्रहण करने का पल सुखद होता है। वहीं, स्वास्थ्यकर्मी सौम्या जायसवाल ने कहा कि यह पर्व आपसी विश्वास मजबूत करने का अवसर है। पारंपरिक संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना भी जरूरी है।
## मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की भीड़
करवा चौथ के चलते मेहंदी लगाने वालों के पास भी महिलाओं की भीड़ जुट रही है। महिलाएं हाथों पर आकर्षक पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन बनवा रही हैं। मेहंदी लगाने वाले सुनील के अनुसार, डिजाइन और काम के हिसाब से 500 से 1000 रुपये तक शुल्क लिया जा रहा है। त्योहार नजदीक आने के साथ मेहंदी लगाने वालों के काम में तेजी आई है।
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करवा चौथ पर महिलाएं पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखती हैं। पंडित देवस्य मिश्र के अनुसार, 29 अक्तूबर को पूजा का मुहूर्त शाम 5:38 से 6:56 बजे तक है। चंद्रोदय का समय स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। चंद्रमा को अर्घ्य देने और दर्शन के बाद महिलाएं व्रत खोलेंगी। घरों में करवा, छलनी, दीपक और पूजन थाली तैयार की जा रही है।
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करवा चौथ के लिए बाजारों में साड़ी, सूट, चूड़ी, बिंदी, मेहंदी और सौंदर्य प्रसाधनों की खरीदारी हो रही है। पूजन सामग्री की दुकानों पर करवा, छलनी और सजी हुई थालियां ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। कुछ महिलाएं तैयार पूजा थाली खरीद रही हैं, जबकि अन्य अपनी पसंद के अनुसार अलग-अलग सामग्री जुटा रही हैं। उपहारों में आभूषण, कपड़े और सौंदर्य उत्पादों की भी मांग है। कई दंपती साथ में खरीदारी कर रहे हैं तो कुछ पति पत्नी के लिए उपहार पसंद कर रहे हैं।
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तैयारियों में पति भी बंटा रहे हाथ
तुलसियापुर। करवा चौथ की तैयारियों में पति-पत्नी की साझा भागीदारी भी दिखाई दे रही है। कई पति अपनी पत्नी के साथ बाजार जाकर खरीदारी कर रहे हैं और घरेलू कामों में सहयोग दे रहे हैं। नौकरीपेशा महिलाओं के लिए कार्यालय, घर और व्रत की तैयारियों के बीच तालमेल बैठाना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में बच्चों की देखभाल और जरूरी सामान जुटाने में पति का सहयोग उपयोगी साबित हो रहा है। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत संगीता गिरि ने बताया कि करवा चौथ पति-पत्नी के प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। निर्जला व्रत के बाद चांद का दीदार कर पति के हाथों जल ग्रहण करने का पल सुखद होता है। वहीं, स्वास्थ्यकर्मी सौम्या जायसवाल ने कहा कि यह पर्व आपसी विश्वास मजबूत करने का अवसर है। पारंपरिक संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाना भी जरूरी है।
## मेहंदी लगवाने के लिए महिलाओं की भीड़
करवा चौथ के चलते मेहंदी लगाने वालों के पास भी महिलाओं की भीड़ जुट रही है। महिलाएं हाथों पर आकर्षक पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन बनवा रही हैं। मेहंदी लगाने वाले सुनील के अनुसार, डिजाइन और काम के हिसाब से 500 से 1000 रुपये तक शुल्क लिया जा रहा है। त्योहार नजदीक आने के साथ मेहंदी लगाने वालों के काम में तेजी आई है।