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Siddharthnagar News: कभी शैक्षणिक गुणवत्ता की मिसाल, अब खंडहर में तब्दील

Tue, 28 Oct 2025 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Tue, 28 Oct 2025 12:15 AM IST
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Siddharthnagar News: Once an example of educational quality, now in ruins
भनवापुर। कभी शैक्षणिक उत्कृष्टता और अनुशासन के लिए प्रसिद्ध रहा नगर पंचायत बढ़नी चाफा का राजेंद्र भारती इंटर काॅलेज आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। अपने समकालीन अन्य शैक्षणिक संस्थानों से हर मायने में यह काफी पिछड़ गया है।
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वह संस्थान जहां कभी सैकड़ों विद्यार्थी उच्च शिक्षा के सपने संजोते थे, आज वहीं जर्जर भवन, टूटी कुर्सियां उपेक्षित प्रबंधन की कहानी बयां कर रहा है। आलम यह है कि पिछले लगभग आठ वर्षों से यहां बोर्ड परीक्षा में सेंटर भी नहीं बनाया गया।
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उल्लेखनीय है कि इस काॅलेज का निर्माण वर्ष 1966 में ग्राम सेवक आरपी सिंह ने कराया था और वर्तमान में यह नगर पंचायत परिक्षेत्र का एक मात्र इंटर काॅलेज है। विडंबना यह है कि इस समय काॅलेज को प्रदर्शित करने व पहचान के लिए यहां मुख्य द्वार तक नहीं है, जिस पर काॅलेज का नाम लिखा हो।
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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वर्षों पहले यह कॉलेज क्षेत्र का गौरव था। यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले कई विद्यार्थी आज विभिन्न सरकारी और निजी क्षेत्रों में कार्यरत हैं, लेकिन अब काॅलेज की स्थिति देखकर वे पुराने छात्र भी व्यथित हैं। वर्तमान समय में काॅलेज के पुराने सभी अध्यापक रिटायर हो चुके हैं। प्रधानाचार्या सीमा वर्मा इस विद्यालय में आयोग से आए कुछ विषय विशेषज्ञ अध्यापकों और प्राइवेट अध्यापकों के सहारे संचालित कर रही हैं, लेकिन वो पहले वाली बात नहीं दिख रही है।
पूर्व छात्रों ने राजभवन यादव, ओमप्रकाश, डॉ. हैदर अली, अजीजुल्लाह, राजकुमार गुप्ता, दिलीप चौहान, टोडरमल, मुश्ताक मलिक, राम ललित वर्मा आदि ने कालेज के कायाकल्प और विद्यालय में बोर्ड परीक्षा सेंटर बनवाए जाने की मांग की है।

सेंटर न बनने से अभिभावकों को अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि सरकार व शिक्षा विभाग को जल्द से जल्द यहां मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त करानी चाहिए। साथ ही सेंटर निर्धारित करने में जो भी बाधाएं आ रही हैं, उन्हें अतिशीघ्र दूर कर लें ताकि आने वाली पीढ़ियां भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकें और छात्राएं सेल्फ सेंटर का लाभ उठा सकें। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र कदम नहीं उठाए गए, तो कॉलेज की यह विरासत धीरे धीरे समाप्त हो जाएगी। लोगों ने जिला प्रशासन से कॉलेज को उसके पुराने गौरव की ओर लौटाने के लिए ठोस पहल की अपील की है।ो
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