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Siddharthnagar News: राष्ट्रीय सम्मेलन में मछली अपशिष्ट के मूल्यवर्धन पर दिया व्याख्यान
Wed, 07 Oct 2026 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 07 Oct 2026 11:23 PM IST
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के प्राणीशास्त्र विभाग के प्रमुख डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने पूर्वोत्तर भारत में जैव विविधता संरक्षण और जलवायु लचीलापन विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 (एनसीबीसीसीआर-2026) में आमंत्रित व्याख्यान दिया। सम्मेलन छह और सात अक्तूबर को नागालैंड विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग की ओर से आयोजित किया गया।
डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव को सतत जैव अर्थव्यवस्था के लिए मछली अपशिष्ट के मूल्यवर्धन विषय पर व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सतत नीली अर्थव्यवस्था के लिए मछली अपशिष्ट के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि मछली अपशिष्ट के मूल्यवर्धन से पर्यावरणीय दायित्व कम करने के साथ उच्च मूल्य वाले उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इससे सतत विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। सम्मेलन में प्रतिभागियों को नागा गांव और संग्रहालय का भ्रमण भी कराया गया, जहां उन्हें नागा परंपराओं और संस्कृति से परिचित कराया गया।
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सम्मेलन के मुख्य अतिथि आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर पीके मिश्रा रहे। वह एकेटीयू लखनऊ और छत्तीसगढ़ के पूर्व कुलपति भी रह चुके हैं।
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डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव को सतत जैव अर्थव्यवस्था के लिए मछली अपशिष्ट के मूल्यवर्धन विषय पर व्याख्यान के लिए आमंत्रित किया गया था। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के वैज्ञानिकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए सतत नीली अर्थव्यवस्था के लिए मछली अपशिष्ट के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।
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उन्होंने कहा कि मछली अपशिष्ट के मूल्यवर्धन से पर्यावरणीय दायित्व कम करने के साथ उच्च मूल्य वाले उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इससे सतत विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। सम्मेलन में प्रतिभागियों को नागा गांव और संग्रहालय का भ्रमण भी कराया गया, जहां उन्हें नागा परंपराओं और संस्कृति से परिचित कराया गया।
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सम्मेलन के मुख्य अतिथि आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर पीके मिश्रा रहे। वह एकेटीयू लखनऊ और छत्तीसगढ़ के पूर्व कुलपति भी रह चुके हैं।