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Siddharthnagar News: निकाली गई कलश यात्रा, भक्तिमय हुआ डुमरियागंजज
Mon, 27 Oct 2025 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 27 Oct 2025 12:18 AM IST
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डुमरियागज नगर मे श्रीमद्भागवत कथा को लेकर निकाली गई भव्य कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु। संवाद
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डुमरियागंज। नगर के महाराजा अग्रसेन नगर वार्ड में आयोजित होने वाली सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आयोजन को लेकर रविवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
यात्रा में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। सैकड़ों महिलाएं व पुरुष सिर पर कलश धारण कर राप्ती नदी तट से जल भरने के लिए रवाना हुए।
कलश यात्रा महाराजा अग्रसेन नगर से आरंभ होकर मंदिर चौराहा होते हुए राप्ती तट तक पहुंची। इस दौरान हाथी, बैंड-बाजे और हर-हर महादेव, राधे-श्याम के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ पदयात्रा करते हुए राप्ती नदी पहुंचे। राप्ती तट पर सौरभ कृष्ण ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन कराया।
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इसके बाद श्रद्धालुओं ने कलश में पवित्र जल भरकर वापस कार्यक्रम स्थल पर लौटकर वैदिक विधि-विधान से कलश स्थापना की। भक्ति और उत्साह से ओत-प्रोत इस कलश यात्रा ने नगर में आध्यात्मिक वातावरण का संचार कर दिया।
इस दौरान मधुसूदन अग्रहरि, राजन, राजकुमार, अजीत अग्रहरि, संदीप जायसवाल, विजय सोनी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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यात्रा में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। सैकड़ों महिलाएं व पुरुष सिर पर कलश धारण कर राप्ती नदी तट से जल भरने के लिए रवाना हुए।
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कलश यात्रा महाराजा अग्रसेन नगर से आरंभ होकर मंदिर चौराहा होते हुए राप्ती तट तक पहुंची। इस दौरान हाथी, बैंड-बाजे और हर-हर महादेव, राधे-श्याम के जयघोष से पूरा नगर गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति गीतों और जयकारों के साथ पदयात्रा करते हुए राप्ती नदी पहुंचे। राप्ती तट पर सौरभ कृष्ण ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन कराया।
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इसके बाद श्रद्धालुओं ने कलश में पवित्र जल भरकर वापस कार्यक्रम स्थल पर लौटकर वैदिक विधि-विधान से कलश स्थापना की। भक्ति और उत्साह से ओत-प्रोत इस कलश यात्रा ने नगर में आध्यात्मिक वातावरण का संचार कर दिया।
इस दौरान मधुसूदन अग्रहरि, राजन, राजकुमार, अजीत अग्रहरि, संदीप जायसवाल, विजय सोनी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।