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Siddharthnagar News: एचआईवी एवं टीबी के प्रति बंदियों को किया गया जागरूक
Thu, 17 Sep 2026 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:23 PM IST
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- जिला कारागार आयोजित एचआईवी व टीबी के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर निरुद्ध कुल 553 बंदियों की जांच की
सिद्धार्थनगर। जिला कारागार में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें एचआईवी और टीबी जैसी संक्रामक बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ समय से जांच और उपचार के लिए प्रेरित किया गया। बीमारी से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर कुल 553 बंदियों की जांच की गई।
सीएमओ संजय कुमार दोहरे ने कहा कि एचआईवी और टीबी के संबंध में सही जानकारी और जागरूकता ही बीमारी की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बताया कि टीबी एक उपचार योग्य बीमारी है और इसके लक्षण दिखाई देने पर घबराने अथवा बीमारी को छिपाने के बजाय तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी रहना, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना, कमजोरी एवं भूख में कमी जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी। टीबी की समय से पहचान होने पर रोगी का उचित उपचार शुरू किया जा सकता है और उपचार को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरा करने से बीमारी से पूरी तरह स्वस्थ हुआ जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी से संबंधित लक्षण दिखाई दें तो उसे जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। साथ ही उपचार के दौरान नियमित रूप से दवा लेने और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने पर भी जोर दिया गया। एचआईवी के संक्रमण के तरीकों, बचाव के उपायों, जांच एवं परामर्श की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा अन्य जानकारी दी। इस दौरान अधीक्षक सचिन वर्मा ने भी जानकारी दी।
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सिद्धार्थनगर। जिला कारागार में बृहस्पतिवार को स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें एचआईवी और टीबी जैसी संक्रामक बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ समय से जांच और उपचार के लिए प्रेरित किया गया। बीमारी से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर कुल 553 बंदियों की जांच की गई।
सीएमओ संजय कुमार दोहरे ने कहा कि एचआईवी और टीबी के संबंध में सही जानकारी और जागरूकता ही बीमारी की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। बताया कि टीबी एक उपचार योग्य बीमारी है और इसके लक्षण दिखाई देने पर घबराने अथवा बीमारी को छिपाने के बजाय तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से लगातार दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी रहना, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना, कमजोरी एवं भूख में कमी जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह दी। टीबी की समय से पहचान होने पर रोगी का उचित उपचार शुरू किया जा सकता है और उपचार को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार पूरा करने से बीमारी से पूरी तरह स्वस्थ हुआ जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति में टीबी से संबंधित लक्षण दिखाई दें तो उसे जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें। साथ ही उपचार के दौरान नियमित रूप से दवा लेने और चिकित्सकीय परामर्श का पालन करने पर भी जोर दिया गया। एचआईवी के संक्रमण के तरीकों, बचाव के उपायों, जांच एवं परामर्श की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा अन्य जानकारी दी। इस दौरान अधीक्षक सचिन वर्मा ने भी जानकारी दी।
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