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Siddharthnagar News: फ्लोराइड ताे नहीं है बीमारी का कारण... बीआरडी मेडिकल कॉलेज करेगा जांच
Fri, 23 Jan 2026 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 23 Jan 2026 12:34 AM IST
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खुनियांव क्षेत्र के मरीजों का रिपोर्ट आने के बाद बैठक करते स्वास्थ्य कर्मी। श्रोत स्वास्थ्य विभ
सिद्धार्थनगर। खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र के लक्ष्मीपुर बल्लीजोत गांव के टोला बड़हरा में सामने आई रहस्यमय बीमारी को लेकर हुई पानी की जांच में फ्लोराइड की अधिकता मिली है। इसके बाद बीमारी की चपेट में आए लोगों की जांच में फ्लोराइड की अधिक मात्रा से होने वाली हड्डी और दांत से जुड़ी बीमारी फ्लोरोसिस के लक्षण पाए गए हैं।
ऐसे में विशेषज्ञों की कमेटी ने मरीजों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भेजकर क्राॅस जांच कराकर इसे पुख्ता करेगी, जिसके बाद उनका सही दिशा में इलाज शुरू हो सकेगा।
विशेषज्ञों की प्राथमिक जांच में बीमारी और पेयजल में पाए गए फ्लोराइड से हड्डियों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई है। विशेषज्ञों की टीम की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 12 घरों की सैंपलिंग में दो परिवार के हैंडपंपों में फ्लोराइड का होना पाया गया है। क्रॉस जांच और संभावित और बीमारी की असलियत जानने के लिए मरीजों की विस्तृत जांच में रक्त परीक्षण, एक्स-रे और अन्य आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण शामिल होंगे।
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प्राथमिकता के आधार पर गांव में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की रणनीति बनी है, जिससे बीमारी के प्रसार को रोका जा सके। खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र के लक्ष्मीपुर बल्लीजोत गांव के टोला बड़हरा में रहस्यमय बीमारी की गिरफ्त में आकर कई परिवार के लोग तबाह हो गए हैं। इसमें धीरे-धीरे करके शरीर का कमजोर होना और दर्द सहित कई प्रकार की दिक्कत बड़ी मुसीबत बनकर सामने आ गई है। इस मामले में विशेषज्ञों की टीम द्वारा गांव में किए गए सर्वे और सैंपलिंग के दौरान पेयजल के नमूनों में फ्लोराइड की मौजूदगी सामने आई, जिससे लंबे समय तक सेवन की स्थिति में हड्डियों में कमजोरी, दर्द और विकृति जैसे लक्षण उभरने की संभावना बताई गई।
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ऐसे में विशेषज्ञों की कमेटी ने मरीजों को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भेजकर क्राॅस जांच कराकर इसे पुख्ता करेगी, जिसके बाद उनका सही दिशा में इलाज शुरू हो सकेगा।
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विशेषज्ञों की प्राथमिक जांच में बीमारी और पेयजल में पाए गए फ्लोराइड से हड्डियों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई है। विशेषज्ञों की टीम की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 12 घरों की सैंपलिंग में दो परिवार के हैंडपंपों में फ्लोराइड का होना पाया गया है। क्रॉस जांच और संभावित और बीमारी की असलियत जानने के लिए मरीजों की विस्तृत जांच में रक्त परीक्षण, एक्स-रे और अन्य आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण शामिल होंगे।
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प्राथमिकता के आधार पर गांव में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने की रणनीति बनी है, जिससे बीमारी के प्रसार को रोका जा सके। खुनियांव ब्लॉक क्षेत्र के लक्ष्मीपुर बल्लीजोत गांव के टोला बड़हरा में रहस्यमय बीमारी की गिरफ्त में आकर कई परिवार के लोग तबाह हो गए हैं। इसमें धीरे-धीरे करके शरीर का कमजोर होना और दर्द सहित कई प्रकार की दिक्कत बड़ी मुसीबत बनकर सामने आ गई है। इस मामले में विशेषज्ञों की टीम द्वारा गांव में किए गए सर्वे और सैंपलिंग के दौरान पेयजल के नमूनों में फ्लोराइड की मौजूदगी सामने आई, जिससे लंबे समय तक सेवन की स्थिति में हड्डियों में कमजोरी, दर्द और विकृति जैसे लक्षण उभरने की संभावना बताई गई।