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Siddharthnagar News: किसानों को दी गई खेती से जुड़ी आवश्यक जानकारी
Mon, 24 Aug 2026 10:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 24 Aug 2026 10:46 PM IST
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- डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र सोहना में आयोजित हुआ कार्यक्रम
भारतभारी। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र सोहना पर सोमवार को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण पूरा हुआ। इसमें वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया जनपद तराई क्षेत्र में स्थित होने के कारण जल संसाधन भरपूर मात्रा में उपलब्ध है लेकिन जिस प्रकार से जल का अंधाधुंध दोहन हो रहा है, उस प्रकार जल्द ही जिले में पानी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। इसलिए समय रहते जल संरक्षण के उपाय करने होंगे।
जिला उद्यान अधिकारी विमल कांत ने किसानों को उद्यान विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया। केंद्र के इं. अशोक कुमार पांडेय ने सिंचाई की सूक्ष्म विधियों स्प्रिंकलर, टपक सिंचाई के बारे में विस्तृत जानकारी दी। केंद्र के वरिष्ठ प्रसार वैज्ञानिक डॉ. शेष नारायण सिंह ने बताया ज्यादातर किसान बाढ़ विधि से सिंचाई करते हैं, जिससे न केवल पानी की बर्बादी होती है बल्कि पैदावार भी प्रभावित होती है। किसानों काे सिंचाई की आधुनिक विधियों का उपयोग करना चाहिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. प्रवेश कुमार देहाती ने बताया देश में उपयोग होने वाले कुल ताजे पानी का लगभग 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा कृषि में उपयोग होता है, जो फसल उत्पादन, पशुधन, और मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए सबसे मुख्य साधन है।
कृषि में जल के दक्ष उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है और साथ ही जल संरक्षण की भी आवश्यकता है। केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने बताया उद्यान की फसलों में छिड़कावा और टपक सिंचाई बहुत लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। सूक्ष्म विधियों से सिंचाई से पानी की बचत भी होती है और फल एवं सब्जियों की पैदावार भी अच्छी होती है। केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक सुनील सिंह ने किसानों को खेती में सूक्ष्म सिंचाई से आर्थिक लाभ के विभिन्न पहलुओं के बारे में चर्चा के साथ-साथ पशु प्रजनन में आने वाली समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की।
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कार्यक्रम में उद्यान निरीक्षक संदीप कुमार, डॉ. मार्कंडेय सिंह, नीलम सिंह ने भी जानकारी दी और जुगानी, जगरनाथ पांडेय, संगीता, फूलमती, विमल, विजय प्रकाश, रामरती आदि मौजूद रहे।
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भारतभारी। डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र सोहना पर सोमवार को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण पूरा हुआ। इसमें वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया जनपद तराई क्षेत्र में स्थित होने के कारण जल संसाधन भरपूर मात्रा में उपलब्ध है लेकिन जिस प्रकार से जल का अंधाधुंध दोहन हो रहा है, उस प्रकार जल्द ही जिले में पानी की समस्या उत्पन्न हो जाएगी। इसलिए समय रहते जल संरक्षण के उपाय करने होंगे।
जिला उद्यान अधिकारी विमल कांत ने किसानों को उद्यान विभाग की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया। केंद्र के इं. अशोक कुमार पांडेय ने सिंचाई की सूक्ष्म विधियों स्प्रिंकलर, टपक सिंचाई के बारे में विस्तृत जानकारी दी। केंद्र के वरिष्ठ प्रसार वैज्ञानिक डॉ. शेष नारायण सिंह ने बताया ज्यादातर किसान बाढ़ विधि से सिंचाई करते हैं, जिससे न केवल पानी की बर्बादी होती है बल्कि पैदावार भी प्रभावित होती है। किसानों काे सिंचाई की आधुनिक विधियों का उपयोग करना चाहिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. प्रवेश कुमार देहाती ने बताया देश में उपयोग होने वाले कुल ताजे पानी का लगभग 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सा कृषि में उपयोग होता है, जो फसल उत्पादन, पशुधन, और मिट्टी की नमी बनाए रखने के लिए सबसे मुख्य साधन है।
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कृषि में जल के दक्ष उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता है और साथ ही जल संरक्षण की भी आवश्यकता है। केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने बताया उद्यान की फसलों में छिड़कावा और टपक सिंचाई बहुत लाभकारी सिद्ध हो रही हैं। सूक्ष्म विधियों से सिंचाई से पानी की बचत भी होती है और फल एवं सब्जियों की पैदावार भी अच्छी होती है। केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक सुनील सिंह ने किसानों को खेती में सूक्ष्म सिंचाई से आर्थिक लाभ के विभिन्न पहलुओं के बारे में चर्चा के साथ-साथ पशु प्रजनन में आने वाली समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की।
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कार्यक्रम में उद्यान निरीक्षक संदीप कुमार, डॉ. मार्कंडेय सिंह, नीलम सिंह ने भी जानकारी दी और जुगानी, जगरनाथ पांडेय, संगीता, फूलमती, विमल, विजय प्रकाश, रामरती आदि मौजूद रहे।