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Siddharthnagar News: किराया व रूट निर्धारित नहीं मनमानी से बढ़ रही परेशानी

Sat, 06 Dec 2025 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 06 Dec 2025 12:14 AM IST
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Siddharthnagar News: Fare and route are not fixed, arbitrariness increases the problem
सिद्धार्थनगर। शहर मुख्यालय पर किराए का मानक तय नहीं है। जानकारी नहीं होने पर ऑटो व ई-रिक्शा चालक लोगों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। प्रतिदिन यात्रियों को दोगुना-तीन गुना किराया देना पड़ रहा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अगर किसी ने पूछ लिया तो उससे अधिक किराया ही लेते हैं जबकि शहर के प्रतिदिन आने-जाने वाले यात्री अपने अनुसार से किराया दे देते हैं, उस पर वह विरोध भी नहीं करते है।
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शहर में प्रतिदिन लगभग 500 से अधिक ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन होता है। आलम यह हैं कि लगभग पांच किमी के दायरे में बसे प्रमुख शहर में घूमने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 30 से 35 किमी दूरी का किराया दे देना पड़ेगा। शुक्रवार को इसका पड़ताल करने पर हकीकत सामने आई। शुक्रवार को रेलवे स्टेशन से ई-रिक्शा पर चार सवारी बैठकर अलग-अलग गंतव्य के लिए निकले। इसमें से पहला यात्री खरीदारी करने के लिए सिद्धार्थ चौक पर रुका तो वह ई-रिक्शा चालक से किराया पूछा, जिसपर चालक उससे 10 रुपया किराया मांगा। वह बिना कुछ पूछे 10 रुपया किराया देकर आगे बढ़ गया जबकि रेलवे स्टेशन से सिद्धार्थ चौक की दूरी 700 से 800 मीटर ही होगी। वहीं तहसील गेट पर जब एक व्यक्ति रुका जो शहर का ही रहने वाला था, उसने पांच रुपये ही दिए। उससे रुपया लेने के बाद बिना किसी तरह की प्रतिक्रिया दिए ई-रिक्शा चालक आगे बढ़ा गया।
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ई-रिक्शा में बैठे यात्री संतोष ने बताया कि शहर के ही रहने वाले हैं, यहां पर किराया तय नहीं होने से चालक अपने हिसाब से किराया मांगते हैं। जबकि शहर में प्रतिदिन यात्रा करने वाले यात्री अपने अनुसार किराया देते हैं, जिसपर वह प्रतिक्रिया भी नहीं देते हैं। संतोष को उसका बाजार जाना था वह हाईडिल तिराहे पर उतर कर 10 रुपये देकर दूसरे वाहन का इंतजार करने लगे।
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ई-रिक्शा चालक ने बताया कि रूट तय नहीं होने से किसी भी रूट पर रिक्शा चलाने को लेकर कोई भी रोक नहीं हैं। इससे उन्हें जो भी किराया मिल जाता हैं, उसे ले लेते हैं, पूछने पर दूरी के अनुसार 10, 20 व उससे अधिक किराया बताया जाता है।
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