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Siddharthnagar News: बंद कमरे में अंगीठी-ब्लोअर जलाकर न सोएं
Sun, 04 Jan 2026 11:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 04 Jan 2026 11:16 PM IST
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सिद्धार्थनगर। ठंड के मौसम में अंगीठी और हीटर का इस्तेमाल आम बात है, लेकिन अगर बंद कमरों में इनका इस्तेमाल किया गया तो यह जानलेवा साबित हो सकता है।
जानकारों के अनुसार, अंगीठी जलाकर या हीटर चलाकर सो जाने से कमरे में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से घटने लगता है और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस बनने लगती है। इस जानलेवा स्थिति के चलते व्यक्ति बेहोश हो सकता है और लंबे समय तक ऐसे में रहने से मौत भी हो सकती है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि बंद कमरे में अलाव जलाने से ऑक्सीजन की जगह कार्बन मोनो ऑक्साइड हीमोग्लोबिन से बाइंड करती है जो मौत का भी कारण बन जाती है। अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस बेहद खतरनाक होती है। जब कोई व्यक्ति बंद कमरे में इसका उपयोग करता है तो ऑक्सीजन धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। जब सोता हुआ व्यक्ति सांस लेता है तो ऑक्सीजन के स्थान पर यह जहरीली गैस उसके शरीर में प्रवेश कर जाती है।
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जानकारों के अनुसार, अंगीठी जलाकर या हीटर चलाकर सो जाने से कमरे में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से घटने लगता है और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी जहरीली गैस बनने लगती है। इस जानलेवा स्थिति के चलते व्यक्ति बेहोश हो सकता है और लंबे समय तक ऐसे में रहने से मौत भी हो सकती है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे ने बताया कि बंद कमरे में अलाव जलाने से ऑक्सीजन की जगह कार्बन मोनो ऑक्साइड हीमोग्लोबिन से बाइंड करती है जो मौत का भी कारण बन जाती है। अंगीठी से निकलने वाली कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस बेहद खतरनाक होती है। जब कोई व्यक्ति बंद कमरे में इसका उपयोग करता है तो ऑक्सीजन धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है और कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा बढ़ जाती है। जब सोता हुआ व्यक्ति सांस लेता है तो ऑक्सीजन के स्थान पर यह जहरीली गैस उसके शरीर में प्रवेश कर जाती है।
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