{"_id":"6ab16cd29818b92e0e0e10b6","slug":"siddharthnagar-news-discussion-held-on-advancing-the-concept-of-right-to-recall-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1034-165008-2026-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: राइट टू रिकॉल की अवधारणा को आगे बढ़ाने पर हुई चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: राइट टू रिकॉल की अवधारणा को आगे बढ़ाने पर हुई चर्चा
Mon, 21 Sep 2026 11:13 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 21 Sep 2026 11:13 PM IST
विज्ञापन
खुनुवां। नेपाल में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (रास्वपा) ने जनप्रतिनिधियों को मतदाताओं के प्रति अधिक जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से ‘राइट टू रिकॉल’ की अवधारणा को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसको लेकर रविवार को गठित समिति की पहली बैठक में इसके संवैधानिक व कानूनी आधार, अंतरराष्ट्रीय प्रचलन और संबंधित पक्षों से चर्चा के आधार पर दस्तावेज तैयार करने का निर्णय लिया गया।
पार्टी केंद्रीय कार्यालय में महामंत्री और समिति संयोजक विपिन कुमार आचार्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में ‘राइट टू रिकॉल’ की अवधारणा को व्यवस्थित रूप देने और इस पर व्यापक बहस के बाद दस्तावेज तैयार करने पर चर्चा हुई। रास्वपा का कहना है कि इस व्यवस्था के माध्यम से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को मतदाताओं के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाया जा सकता है। पार्टी के अनुसार, इससे लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रणाली के प्रति मतदाताओं का विश्वास मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
समिति के कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए मनीष खनाल को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही विषयगत अध्ययन और चर्चा के लिए चार उपसमितियां गठित की गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पार्टी केंद्रीय कार्यालय में महामंत्री और समिति संयोजक विपिन कुमार आचार्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में ‘राइट टू रिकॉल’ की अवधारणा को व्यवस्थित रूप देने और इस पर व्यापक बहस के बाद दस्तावेज तैयार करने पर चर्चा हुई। रास्वपा का कहना है कि इस व्यवस्था के माध्यम से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को मतदाताओं के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाया जा सकता है। पार्टी के अनुसार, इससे लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रणाली के प्रति मतदाताओं का विश्वास मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
विज्ञापन
समिति के कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए मनीष खनाल को सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही विषयगत अध्ययन और चर्चा के लिए चार उपसमितियां गठित की गई हैं।
विज्ञापन