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Siddharthnagar News: श्रीराम के राज्याभिषेक की कथा सुनकर भाव विभोर हुए श्रद्धालु
Wed, 29 Jul 2026 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:48 PM IST
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-कथा में आखिरी रात जुटी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
शाहपुर। डुमरियागंज नगर के सुभाष नगर वार्ड (शाहपुर) में स्थित समय माता के मंदिर पर चल रहे पांच दिवसीय श्रीराम कथा का समापन हो गया। आखिरी दिन मंगलवार की रात कथावाचक पं. राकेश शास्त्री ने श्रोताओं को श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाकर भाव विभोर कर दिया।
कथा व्यास ने कहा कि 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर जब भगवान श्रीराम, माता सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे तो पूरी नगरी दीपों से जगमगा उठी। चारों ओर हर्षोल्लास का वातावरण छा गया। भगवान राम के अयोध्या आगमन पर नगरवासियों ने उनका स्वागत किया। गुरु वशिष्ठ की उपस्थिति में विधि-विधान के साथ भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक संपन्न हुआ। इसके साथ ही अयोध्या में रामराज्य की स्थापना हुई। सभी लोग सुखी, समृद्ध और धर्म के मार्ग पर चलने वाले थे। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा का प्रतीक हैं। इस दौरान श्रीराम के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके उपरांत बुधवार को हवन पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में लोग प्रसाद ग्रहण किया। इसी के साथ श्रीराम कथा का समापन हो गया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान बबलू अग्रहरि, शिवपाल जायसवाल, बबुआ सिंह, राजेश, शिवकुमार आदि मौजूद रहे।
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शाहपुर। डुमरियागंज नगर के सुभाष नगर वार्ड (शाहपुर) में स्थित समय माता के मंदिर पर चल रहे पांच दिवसीय श्रीराम कथा का समापन हो गया। आखिरी दिन मंगलवार की रात कथावाचक पं. राकेश शास्त्री ने श्रोताओं को श्रीराम के राज्याभिषेक का प्रसंग सुनाकर भाव विभोर कर दिया।
कथा व्यास ने कहा कि 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर जब भगवान श्रीराम, माता सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे तो पूरी नगरी दीपों से जगमगा उठी। चारों ओर हर्षोल्लास का वातावरण छा गया। भगवान राम के अयोध्या आगमन पर नगरवासियों ने उनका स्वागत किया। गुरु वशिष्ठ की उपस्थिति में विधि-विधान के साथ भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक संपन्न हुआ। इसके साथ ही अयोध्या में रामराज्य की स्थापना हुई। सभी लोग सुखी, समृद्ध और धर्म के मार्ग पर चलने वाले थे। भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा का प्रतीक हैं। इस दौरान श्रीराम के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इसके उपरांत बुधवार को हवन पूजन के बाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें भारी संख्या में लोग प्रसाद ग्रहण किया। इसी के साथ श्रीराम कथा का समापन हो गया।
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इस अवसर पर मुख्य यजमान बबलू अग्रहरि, शिवपाल जायसवाल, बबुआ सिंह, राजेश, शिवकुमार आदि मौजूद रहे।