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Siddharthnagar News: अब्बास डे में अकीदतमंदों ने नौहा पढ़कर किया मातम
Tue, 19 Aug 2025 12:15 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 19 Aug 2025 12:15 AM IST
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- डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित दरगाह हजरत अब्बास में आयोजित कार्यक्रम का हुआ समापन
डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के हल्लौर कस्बा स्थित दरगाह हजरत अब्बास में आयोजित दो दिवसीय अब्बास डे के कार्यक्रम का समापन हुआ। रविवार की रात मेहमान और स्थानीय अंजुमनों के मातमी दस्ते ने नौहा पढ़कर मातम किया और हजरत अब्बास को नजराना-ए-अकीदत (श्रद्धा सुमन) पेश की।
कार्यक्रम की शुरुआत मरसिया मजलिस से हुई। मरसिया ख्वानी शाहिद आलम और मजलिस को जाकिर जमाल हैदर कर्बलाई ने संबोधित कर हजरत अब्बास का फजायल और मसायब बयान किए। मजलिस के बाद नौहा-मातम का सिलसिला शुरु हुआ। इसमें सबसे पहले अंजुमन अबुल फजलिल अब्बास के मातमी दस्ते ने पूरे जोशो खरोश से मातम किया। इसके बाद अंजुमन गुलदस्ता मातम, मेहमान अंजुमन अंजुमन हुसैनिया वजीरगंज-फैजाबाद और अंजुमन फरोग मातम हल्लौर के मातमी दस्ते ने नौहा पढ़कर मातम किया। रात 11 बजे से शुरु होकर देर रात दो बजे कार्यक्रम समाप्त हुआ। कार्यक्रम के अंत तक भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। आयोजक इंतेखाब आलम ने कार्यक्रम में सम्मलित हुए सभी लोगों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन बेताब हल्लौरी ने किया। इस दौरान बाबू आलम, जलाल नासिर, मेहंदी हैदर, सैय्यद हसन, हैदर अब्बास, अमानत, अरमान, फरहान, एजाज अहमद, आबिद, अब्बास अली, वफा आदि मौजूद रहे।
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डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के हल्लौर कस्बा स्थित दरगाह हजरत अब्बास में आयोजित दो दिवसीय अब्बास डे के कार्यक्रम का समापन हुआ। रविवार की रात मेहमान और स्थानीय अंजुमनों के मातमी दस्ते ने नौहा पढ़कर मातम किया और हजरत अब्बास को नजराना-ए-अकीदत (श्रद्धा सुमन) पेश की।
कार्यक्रम की शुरुआत मरसिया मजलिस से हुई। मरसिया ख्वानी शाहिद आलम और मजलिस को जाकिर जमाल हैदर कर्बलाई ने संबोधित कर हजरत अब्बास का फजायल और मसायब बयान किए। मजलिस के बाद नौहा-मातम का सिलसिला शुरु हुआ। इसमें सबसे पहले अंजुमन अबुल फजलिल अब्बास के मातमी दस्ते ने पूरे जोशो खरोश से मातम किया। इसके बाद अंजुमन गुलदस्ता मातम, मेहमान अंजुमन अंजुमन हुसैनिया वजीरगंज-फैजाबाद और अंजुमन फरोग मातम हल्लौर के मातमी दस्ते ने नौहा पढ़कर मातम किया। रात 11 बजे से शुरु होकर देर रात दो बजे कार्यक्रम समाप्त हुआ। कार्यक्रम के अंत तक भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। आयोजक इंतेखाब आलम ने कार्यक्रम में सम्मलित हुए सभी लोगों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन बेताब हल्लौरी ने किया। इस दौरान बाबू आलम, जलाल नासिर, मेहंदी हैदर, सैय्यद हसन, हैदर अब्बास, अमानत, अरमान, फरहान, एजाज अहमद, आबिद, अब्बास अली, वफा आदि मौजूद रहे।
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