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Siddharthnagar News: कड़ाके की ठंड में ठिठुरते हुए बच्चों ने की पढ़ाई
Wed, 24 Dec 2025 11:04 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 24 Dec 2025 11:04 PM IST
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भनवापुर। पिछले एक सप्ताह से पड़ रही कड़ाके की ठंड ने लोगों को बेहाल कर दिया है। इस बीच स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों की मुसीबत बढ़ गई है। शीत अवकाश न होने के कारण इस कड़ाके की ठंड के बीच उन्हें पढ़ाई के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बुधवार को शाम स्कूल की छुट्टी होने के बाद वापस घर जाते समय ठिठुरते बच्चों को देख राहगीर स्कूलों की छुट्टी करने की मांग करने लगे।
सुबह तेज कुहासे के बीच चल रही सर्द हवाएं लोगों को दुबकने पर मजबूर कर दिया है। कोई विशेष कार्य पड़ने पर ही घर से बाहर निकल रहा है, मगर इन लोगों को ठंड से राहत के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं होना काफी मुश्किलें खड़ी कर रही है।
तहसील प्रशासन ने भले ही सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने का फरमान जारी कर रखा है, मगर जिम्मेदारों के मनमानी और चंद सिक्के बचाने के लिए लोगों के जिंदगी के साथ किसी खिलवाड़ से कम नहीं है। लोगों ने गांवों के सार्वजनिक स्थानों के साथ ही चौराहों पर अलाव की व्यवस्था करवाए जाने की मांग के साथ ही, जूनियर स्तर तक के विद्यालयों को बंद करने की मांग की है। बिजवार बढ़ई गांव निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य नंदकिशोर मिश्र, मंगरे, राजेश कुमार, घनश्याम आदि ने बताया कि सुबह स्कूल जाते व शाम को विद्यालय बंद होने के बाद वापस घर जाते समय ठिठुरते मासूमों को देख कर दया आती है। आखिर इतनी ठंड में कोई बच्चा बीमार हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। लोग प्रशासन के साथ ही अभिभावकों को भी लोग कोस रहे हैं।म
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बुधवार को शाम स्कूल की छुट्टी होने के बाद वापस घर जाते समय ठिठुरते बच्चों को देख राहगीर स्कूलों की छुट्टी करने की मांग करने लगे।
सुबह तेज कुहासे के बीच चल रही सर्द हवाएं लोगों को दुबकने पर मजबूर कर दिया है। कोई विशेष कार्य पड़ने पर ही घर से बाहर निकल रहा है, मगर इन लोगों को ठंड से राहत के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं होना काफी मुश्किलें खड़ी कर रही है।
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तहसील प्रशासन ने भले ही सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने का फरमान जारी कर रखा है, मगर जिम्मेदारों के मनमानी और चंद सिक्के बचाने के लिए लोगों के जिंदगी के साथ किसी खिलवाड़ से कम नहीं है। लोगों ने गांवों के सार्वजनिक स्थानों के साथ ही चौराहों पर अलाव की व्यवस्था करवाए जाने की मांग के साथ ही, जूनियर स्तर तक के विद्यालयों को बंद करने की मांग की है। बिजवार बढ़ई गांव निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य नंदकिशोर मिश्र, मंगरे, राजेश कुमार, घनश्याम आदि ने बताया कि सुबह स्कूल जाते व शाम को विद्यालय बंद होने के बाद वापस घर जाते समय ठिठुरते मासूमों को देख कर दया आती है। आखिर इतनी ठंड में कोई बच्चा बीमार हो जाए तो कौन जिम्मेदार होगा। लोग प्रशासन के साथ ही अभिभावकों को भी लोग कोस रहे हैं।म
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