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Siddharthnagar News: राहत हाॅस्पिटल के प्रबंधक समेत दो पर केस
Wed, 08 Oct 2025 10:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 08 Oct 2025 10:54 PM IST
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तुलियापुर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के इटवा रोड बढ़नी स्थित राहत हॉस्पिटल सर्जिकल एवं जच्चा बच्चा केंद्र की प्रबंधक डाॅ. तौफीक हैदर सहित दो लोगों के खिलाफ बुधवार को एमओआईसी की तहरीर पर ढेबरुआ पुलिस ने केस दर्ज किया। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज के सहारे अस्पताल संचालन सहित अन्य धारा में केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को डीएम के आदेश पर गठित टीम ने अस्पताल के फर्जी पंजीकरण मिलने के बाद ओपीडी सहित कुल चार कमरों को सील कर दिया था।
ढेबरुआ थाना क्षेत्र के इटवा रोड बढ़नी स्थित राहत हॉस्पिटल के बिना रजिस्ट्रेशन संचालित होने की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और उच्च-स्तरीय टीम को जांच के लिए मौके पर भेजा था।
एसीएमओ (नोडल नैदानिक स्थापना) डॉ. प्रमोद कुमार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश चौधरी, फार्मासिस्ट राम सहाय वर्मा, मजिस्ट्रेट तहसीलदार अजय कुमार मौर्य और माधवानंद शुक्ल मौके पर पहुंचे और अस्पताल के दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की।
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अस्पताल प्रबंधन रजिस्ट्रेशन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। जो सर्टिफिकेट दिखाया गया, वह भी जांच में फर्जी पाया गया। एसीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट उनके विभाग की ओर से जारी नहीं किया गया है। अनियमितता की पुष्टि होने के बाद, टीम ने अवैध रूप से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और सरकारी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई की।
मजिस्ट्रेट तहसीलदार अजय कुमार मौर्य और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में अस्पताल की ओपीडी सहित चार महत्वपूर्ण कमरों को तत्काल सील कर दिया गया। इसके बाद बुधवार को बढ़नी एमओआईसी डाॅ. अविनाश चौधरी की तहरीर पर प्रबंधन समिति व संचालक डाॅ. तौफीक हैदर के खिलाफ ढेबरुआ थाने में कूटरचित दस्तावेज से अस्पताल चलाने की धारा में केस दर्ज किया गया है।
इस संबंध में ढेबरुआ एसओ नारायण लाल श्रीवास्तव ने बताया कि बढ़नी बुधवार को एमओआईसी की तहरीर पर प्रबंधन समिति सहित दो लोगों के खिलाफ केस पंजीकृत किया गया है।
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ढेबरुआ थाना क्षेत्र के इटवा रोड बढ़नी स्थित राहत हॉस्पिटल के बिना रजिस्ट्रेशन संचालित होने की पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और उच्च-स्तरीय टीम को जांच के लिए मौके पर भेजा था।
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एसीएमओ (नोडल नैदानिक स्थापना) डॉ. प्रमोद कुमार, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अविनाश चौधरी, फार्मासिस्ट राम सहाय वर्मा, मजिस्ट्रेट तहसीलदार अजय कुमार मौर्य और माधवानंद शुक्ल मौके पर पहुंचे और अस्पताल के दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की।
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अस्पताल प्रबंधन रजिस्ट्रेशन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। जो सर्टिफिकेट दिखाया गया, वह भी जांच में फर्जी पाया गया। एसीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार ने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट उनके विभाग की ओर से जारी नहीं किया गया है। अनियमितता की पुष्टि होने के बाद, टीम ने अवैध रूप से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और सरकारी नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में अस्पताल पर कड़ी कार्रवाई की।
मजिस्ट्रेट तहसीलदार अजय कुमार मौर्य और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में अस्पताल की ओपीडी सहित चार महत्वपूर्ण कमरों को तत्काल सील कर दिया गया। इसके बाद बुधवार को बढ़नी एमओआईसी डाॅ. अविनाश चौधरी की तहरीर पर प्रबंधन समिति व संचालक डाॅ. तौफीक हैदर के खिलाफ ढेबरुआ थाने में कूटरचित दस्तावेज से अस्पताल चलाने की धारा में केस दर्ज किया गया है।
इस संबंध में ढेबरुआ एसओ नारायण लाल श्रीवास्तव ने बताया कि बढ़नी बुधवार को एमओआईसी की तहरीर पर प्रबंधन समिति सहित दो लोगों के खिलाफ केस पंजीकृत किया गया है।