फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Siddharthnagar News: 80 out of 121 samples failed the test, adulteration will be cracked down again

Siddharthnagar News: 121 में 80 नमूने जांच में फेल, मिलावटखोरी पर फिर कसा जाएगा शिकंजा

Sun, 01 Nov 2026 10:52 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sun, 01 Nov 2026 10:52 PM IST
विज्ञापन
Siddharthnagar News: 80 out of 121 samples failed the test, adulteration will be cracked down again
- होली में लिए गए नमूनों में मिठाई, पनीर और दूध में मिलावट की पुष्टि, दिवाली पर फिर शुरू होगी छापेमारी
विज्ञापन

- तहसीलवार टीमें गठित कर नमूने लेने और अवैध भंडारण पर कार्रवाई की तैयारी
- अप्रैल से सितंबर तक 121 नमूनों की जांच में 80 फेल, मिठाई, खोआ और पनीर में मिलावट की पुष्टि
सिद्धार्थनगर। दिवाली नजदीक आते ही बाजार में मिठाई, खोआ और पनीर की मांग बढ़ने लगी है। खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में अप्रैल से सितंबर तक लिए गए 121 नमूनों में से 80 मानक के अनुरूप नहीं मिले हैं। मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने तहसीलवार टीमें गठित कर छापेमारी और सैंपलिंग की तैयारी शुरू कर दी है।
खाद्य पदार्थों में मिलावट का मामला समय-समय पर विभागीय जांच में सामने आता रहा है। नमूने फेल होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई और जुर्माना भी लगाया जाता है लेकिन इसके बावजूद मिलावट का धंधा जारी है। छह माह में आए संबंधित मामलों में वाद दाखिल किए गए हैं। विभाग की ओर से 13.4 लाख रुपये जुर्माना भी वसूला गया है। इस बीच दिवाली पर मिठाई और खोआ की मांग बढ़ने से मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है।
विज्ञापन

जिले में दूध उत्पादन का कोई बड़ा स्रोत नहीं है। ऐसे में खोआ और दूध की आपूर्ति दूसरे जिलों से होती है। कारोबारियों के मुताबिक, कानपुर, गोरखपुर और बलरामपुर से खोआ मंगाया जाता है। पूर्व में रोडवेज बसों से बांसी सहित अन्य स्थानों पर खोआ पकड़ा जा चुका है। त्योहार के दौरान मांग बढ़ने पर मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग ने निगरानी तेज करने की तैयारी की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विशेषज्ञों के मुताबिक, मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में ग्राहकों को भी खरीदारी के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है। मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और ताजगी पर ध्यान देना चाहिए। केवल चमक देखकर मिठाई न खरीदें। पैक खाद्य पदार्थों पर निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि सहित जरूरी जानकारियां जरूर जांचें।

दिवाली पर जांच के लिए तैयार की गईं टीमें
मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें तहसील स्तर पर दुकानों की जांच और सैंपलिंग करेंगी। अवैध रूप से संचालित कारखानों और खाद्य पदार्थों के भंडारण की भी जांच होगी। इसके अलावा खाद्य सामग्री की आपूर्ति कहां से हो रही है, इसकी जानकारी भी जुटाई जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मंडल स्तर की टीम भी छापेमारी करेगी।

कितने समय तक सुरक्षित रहती हैं मिठाइयां
खाद्य सुरक्षा विभाग के जानकारों के मुताबिक, दूध से बनने वाली मिठाइयां गर्मी में करीब 24 घंटे और ठंड के मौसम में 36 घंटे तक खाने योग्य रहती हैं। खोआ से बनी मिठाइयां भी अधिक समय तक रखने पर खराब हो सकती हैं। इसके बावजूद कई दुकानों पर कई दिन पुरानी छेना और खोआ से बनी मिठाइयां रखी जाती हैं। दिवाली पर मांग बढ़ने के कारण पहले से स्टॉक करने की आशंका रहती है। ऐसे में ग्राहकों को मिठाई की ताजगी का ध्यान रखना चाहिए।

मिलावट की ऐसे करें पहचान
खोआ : खोआ खरीदते समय उसकी बनावट और गुणवत्ता पर ध्यान दें। हाथ में लेकर मसलने पर उसकी बनावट और चिकनाहट देखी जा सकती है। हालांकि, केवल इस तरीके से मिलावट की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसकी सही जांच प्रयोगशाला में ही संभव है।
मिठाई : चांदी के वर्क लगी मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता पर ध्यान दें। वर्क की शुद्धता की पुष्टि केवल हाथ से रगड़कर नहीं की जा सकती। संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग से जांच कराई जा सकती है।
डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ : मिठाई, तेल, नमकीन और अन्य पैक खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेट पर कंपनी का नाम, निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, सामग्री और अन्य जरूरी जानकारियां जरूर देखें। बिना जरूरी जानकारी वाले पैकेट खरीदने से बचें।

बोले विशेषज्ञ
मिठाई बनाने में खोआ, घी, तेल, दूध, कृत्रिम फ्लेवर और रंगों का इस्तेमाल किया जाता है। इनकी गुणवत्ता खराब होने या मिलावटी सामग्री के इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से पाचन संबंधी समस्याओं के साथ किडनी और हृदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए त्योहार पर मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और ताजगी का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

- डॉ. गौरव कुमार दुबे, एमडी मेडिसिन

बोले जिम्मेदार
दिवाली को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें तैयार की गई हैं। अलग-अलग तहसील स्तर पर दुकानों की जांच के साथ नमूने लिए जाएंगे। अवैध भंडारण और कारखानों की भी जांच होगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले के अलावा मंडल स्तर से भी टीमें आकर जांच करेंगी।
- आरएल यादव, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed