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Siddharthnagar News: जल्द तैयार होगी 42 बेड की पीआईसीयू... बच्चों का होगा बेहतर इलाज
Wed, 21 Jan 2026 11:12 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 21 Jan 2026 11:12 PM IST
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में गंभीर रूप से बीमार बच्चों को रेफर किए बिना इलाज की बेहतर सुविधा मुहैया कराने को लेकर बड़ा और अहम कदम उठाया गया है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 42 बेड की पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) को तत्काल क्रियाशील करने के निर्देश जारी किए हैं।
इससे बीमारी और पीड़ा से जूझ रहे बच्चों को समय पर बेहतर इलाज मिलेगा और उनकी मुस्कान लौटाकर उनके परिजनों को निजी अस्पतालों के महंगे इलाज से बचाया जा सकेगा।
जिले और आसपास के इलाकों में हर साल बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे सामने आते हैं, जिनकी हालत सामान्य वार्ड में संभालना संभव नहीं होती। सांस लेने में गंभीर दिक्कत, तेज बुखार के साथ संक्रमण, निमोनिया, सेप्सिस, नवजात शिशुओं की जटिलताएं, कुपोषण और सड़क दुर्घटना में घायल बच्चे होते हैं। इन हालात में बच्चों को इंटेंसिव केयर की जरूरत पड़ती है, लेकिन जिले में पूर्ण रूप से सुसज्जित पीआईसीयू सुविधा न होने के कारण अधिकांश मामलों में बच्चों को गोरखपुर, बस्ती या लखनऊ रेफर करना पड़ता रहा है।
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इसी पृष्ठभूमि में माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य ने 42 बेड पीआईसीयू को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जारी आदेश में बाल रोग विभाग, पीआईसीयू प्रभारी और मुख्य औषधि भंडार को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जरूरी उपकरण, दवाएं और संसाधन प्राथमिकता के आधार पर तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
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इससे बीमारी और पीड़ा से जूझ रहे बच्चों को समय पर बेहतर इलाज मिलेगा और उनकी मुस्कान लौटाकर उनके परिजनों को निजी अस्पतालों के महंगे इलाज से बचाया जा सकेगा।
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जिले और आसपास के इलाकों में हर साल बड़ी संख्या में ऐसे बच्चे सामने आते हैं, जिनकी हालत सामान्य वार्ड में संभालना संभव नहीं होती। सांस लेने में गंभीर दिक्कत, तेज बुखार के साथ संक्रमण, निमोनिया, सेप्सिस, नवजात शिशुओं की जटिलताएं, कुपोषण और सड़क दुर्घटना में घायल बच्चे होते हैं। इन हालात में बच्चों को इंटेंसिव केयर की जरूरत पड़ती है, लेकिन जिले में पूर्ण रूप से सुसज्जित पीआईसीयू सुविधा न होने के कारण अधिकांश मामलों में बच्चों को गोरखपुर, बस्ती या लखनऊ रेफर करना पड़ता रहा है।
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इसी पृष्ठभूमि में माधव प्रसाद त्रिपाठी चिकित्सा महाविद्यालय के प्राचार्य ने 42 बेड पीआईसीयू को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जारी आदेश में बाल रोग विभाग, पीआईसीयू प्रभारी और मुख्य औषधि भंडार को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जरूरी उपकरण, दवाएं और संसाधन प्राथमिकता के आधार पर तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।