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Siddharthnagar News: 113 गर्भवतियों की जांच में 14 उच्च जोखिम वाली
Tue, 25 Nov 2025 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 25 Nov 2025 12:08 AM IST
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- भनवापुर के सीएचसी सिरसिया में पीएसएमए के तहत आयोजित हुआ शिविर
भनवापुर। क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवतियों की जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हुआ। इसमें 113 गर्भवतियों को चिकित्सीय इलाज व परामर्श दिया गया, जिसमें से 14 गर्भवतियों में उच्च जोखिम के लक्षण पाए गए। 24 गर्भवतियों में खून की कमी होने के कारण आयरन शुक्रोज की डोज दी गई।
अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप, मधुमेह, फीटस के बेड़े होने, गंभीर एनिमिया, प्लेसेंटा का विकृत और नीचे होने से गर्भवतियों में जान का खतरा बना रहता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान सोनोग्राफी और चिकित्सीय परामर्श बहुत जरूरी है। अधीक्षक ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उच्च जोखिम के लक्षण पाए जाने पर कम से कम तीन बार चिकित्सीय सलाह जरूरी होता है। इस दौरान डॉ. एलबी यादव, डॉ. अनवरूद्दीन, ज्योति, प्रेम कुमार त्रिपाठी, अजय कुमार पांडेय आदि शामिल रहे।
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भनवापुर। क्षेत्र के सीएचसी सिरसिया में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवतियों की जांच के लिए स्वास्थ्य शिविर का आयोजन हुआ। इसमें 113 गर्भवतियों को चिकित्सीय इलाज व परामर्श दिया गया, जिसमें से 14 गर्भवतियों में उच्च जोखिम के लक्षण पाए गए। 24 गर्भवतियों में खून की कमी होने के कारण आयरन शुक्रोज की डोज दी गई।
अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप, मधुमेह, फीटस के बेड़े होने, गंभीर एनिमिया, प्लेसेंटा का विकृत और नीचे होने से गर्भवतियों में जान का खतरा बना रहता है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान सोनोग्राफी और चिकित्सीय परामर्श बहुत जरूरी है। अधीक्षक ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान उच्च जोखिम के लक्षण पाए जाने पर कम से कम तीन बार चिकित्सीय सलाह जरूरी होता है। इस दौरान डॉ. एलबी यादव, डॉ. अनवरूद्दीन, ज्योति, प्रेम कुमार त्रिपाठी, अजय कुमार पांडेय आदि शामिल रहे।
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