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Siddharthnagar News: डेंगू-मलेरिया के 10 मरीज मिले, लाैटे हैं महानगरों से
Wed, 07 Oct 2026 11:16 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 07 Oct 2026 11:16 PM IST
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सिद्धार्थनगर। बारिश के बाद जलभराव और मौसम में बदलाव के बीच मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। जिले में अब तक मलेरिया के छह और डेंगू के चार मरीज मिल चुके हैं। राहत की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग की जांच में इन सभी मरीजों की बीमारी की हिस्ट्री दिल्ली और मुंबई से जुड़ी मिली है। यानी मरीज महानगरों में बीमार होने के बाद जिले में अपने घर लौटे थे और यहां जांच के दौरान संक्रमण की पुष्टि हुई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीज जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के रहने वाले हैं। बीमारी की पुष्टि होने के बाद उनका उपचार कराया गया और अब सभी स्वस्थ हैं। मरीजों के घर पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। बुखार या डेंगू-मलेरिया से मिलते-जुलते लक्षण वाले किसी अन्य व्यक्ति के नहीं मिलने से स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैलने की स्थिति सामने नहीं आई है।
बारिश के मौसम में जलभराव के कारण मच्छरों का प्रजनन बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अगस्त से नवंबर के अंतिम सप्ताह तक डेंगू और मलेरिया का खतरा अधिक रहता है। इस दौरान वायरल फीवर समेत अन्य बीमारियों के मामले भी बढ़ सकते हैं। जिले में मेडिकल कॉलेज के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार, मलेरिया और डेंगू की जांच की सुविधा उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में मिले छह मलेरिया मरीजों में चार की मुंबई और दो की दिल्ली की हिस्ट्री सामने आई है। ये लोग बीमारी की स्थिति में जिले में अपने घर पहुंचे थे। जांच के बाद मलेरिया की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों के उपचार के साथ परिवार और पड़ोस के लोगों में भी बुखार और अन्य लक्षणों की जानकारी ली, लेकिन कोई अन्य संदिग्ध मरीज नहीं मिला। इसी तरह डेंगू के चार मरीजों में भी दिल्ली और मुंबई से आने की जानकारी सामने आई। सभी का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार कराया गया और अब वे स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम परिवार और आसपास के लोगों पर भी नजर रख रही है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीज जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के रहने वाले हैं। बीमारी की पुष्टि होने के बाद उनका उपचार कराया गया और अब सभी स्वस्थ हैं। मरीजों के घर पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। बुखार या डेंगू-मलेरिया से मिलते-जुलते लक्षण वाले किसी अन्य व्यक्ति के नहीं मिलने से स्थानीय स्तर पर संक्रमण फैलने की स्थिति सामने नहीं आई है।
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बारिश के मौसम में जलभराव के कारण मच्छरों का प्रजनन बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार अगस्त से नवंबर के अंतिम सप्ताह तक डेंगू और मलेरिया का खतरा अधिक रहता है। इस दौरान वायरल फीवर समेत अन्य बीमारियों के मामले भी बढ़ सकते हैं। जिले में मेडिकल कॉलेज के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार, मलेरिया और डेंगू की जांच की सुविधा उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
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विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले में मिले छह मलेरिया मरीजों में चार की मुंबई और दो की दिल्ली की हिस्ट्री सामने आई है। ये लोग बीमारी की स्थिति में जिले में अपने घर पहुंचे थे। जांच के बाद मलेरिया की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों के उपचार के साथ परिवार और पड़ोस के लोगों में भी बुखार और अन्य लक्षणों की जानकारी ली, लेकिन कोई अन्य संदिग्ध मरीज नहीं मिला। इसी तरह डेंगू के चार मरीजों में भी दिल्ली और मुंबई से आने की जानकारी सामने आई। सभी का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार उपचार कराया गया और अब वे स्वस्थ हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम परिवार और आसपास के लोगों पर भी नजर रख रही है।