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सिद्धार्थनगर : नमाजियों ने मांगी भाईचारे व तरक्की की दुआ
Fri, 21 Apr 2023 11:31 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 21 Apr 2023 11:31 PM IST
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नगर के आजाद नगर मोहल्ले में स्थित मस्जिद पर नमाजअदा करते अकीदतमंद
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सिद्धार्थनगर। माह-ए-रमजान के अलविदा जुमा की नमाज शहर की सभी मस्जिदों में दोपहर साढ़े बारह बजे से लेकर ढाई बजे तक अदा की गई। खुसूसी रूप से अमनो-अमान, भाईचारे, मुल्क की तरक्की की दुआ मांगी गई। मुसलमानों के चेहरे पर माह-ए-रमजान के जाने का गम साफ नजर आया।
इससे पहले मुस्लिम घरों में लोग सुबह उठकर अलविदा की तैयारी में जुट गए। मस्जिदों व घरों में साफ-सफाई शुरू होने लगी। लोगों ने जुमा का गुस्ल किया। नहा धोकर नए कपड़े पहन सिर पर टोपी लगाई और मस्जिद पहुंच गए। बच्चे, बुजुर्ग, नौजवान सभी का मकसद पहली कतार में जगह पाना रहा। जिसको जहां जगह मिली वहीं पर बैठकर अल्लाह की इबादत शुरू की। अजान होने से पहले ही मस्जिदें भरनी शुरू हो गईं। सभी मस्जिदों में खचाखच भीड़ रही। जब मस्जिदें भर गईं तो लोगों ने मस्जिद की छतों पर जगह ली। मस्जिद कमेटी ने नमाजियों की बड़ी तादाद के मद्देनजर चटाई, दरी, टोपी, वजू के लिए पानी आदि का इंतजाम किया था। रोजेदारों ने अलविदा के दिन सलातुल तस्बीह की नमाज पढ़ी, कुरआन-ए-पाक की तिलावत की। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर दरूदो सलाम का नजराना पेश किया। अलविदा जुमा या जुमातुल विदा के मौके पर ईद जैसा माहौल नजर आया। जुमा की नमाज से पहले अलविदा का खुतबा पढ़ा गया। उसमें रमजान के फजाइल बयान किए गए। जुमा की दो रकात फर्ज नमाज इमाम ने पढ़ाई। इमाम ने खुसूसी दुआ मांगी। फिर सुन्नत व नफ्ल नमाज का दौर शुरू हुआ। अंत में सभी ने पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बारगाह में सलातो-सलाम पेश किया। अलविदा के मौके पर घरों में महिलाओं ने नमाज, तिलावत-ए-कुरआन व तस्बीह कर अल्लाह से दुआ मांगी। शाम में रोजेदार इफ्तारी की तैयारी में जुट गए। इफ्तार का समय होने पर सभी ने मिलकर रोजा इफ्तार किया। अल्लाह से अपने लिए खैर की दुआ मांगी। पूरा अलविदा अल्लाह की इबादत व दुआ मांगने में बीता। इसी के साथ 29वां रोजा मुकम्मल हो गया।
शहर के जामा मस्जिद आजादनगर, तेतरी बाजार, खजुरिया एवं पुरानी नौगढ़ में मुसलमानों ने अलविदा जुमा की अदा की गई। दोपहर में नमाज से पहले सिर पर टोपी लगाकर सफेद लिबास में लोग दिखे तो शहर की सड़कों पर मजहबी माहौल बन गया।
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बांसी : कस्बे और अन्य क्षेत्रों में लोगों ने अलविदा जुमा की नमाज अदा की। ईदगाहों की इन्तेजामिया कमेटी ने ईदगाह की साफ-सफाई पूरी कर ली है। ईदगाह को जाने वाले रास्ते की साफ-सफाई में नगर पालिका जुटी है। नगर क्षेत्र की ईदगाह में ईद की नमाज अदा करने का समय 7 से 7: 30 बजे सुबह तथा नरकटहा क्षेत्र की ईदगाह में 7 व 7:15 बजे सुबह का मुकर्रर किया गया है। समय का ऐलान सभी मस्जिदों से किया गया है।
डुमरियागंज : मुकद्दस रमजान महीने के आखरी जुमा पर पढ़ी जाने वाली अलविदा की नमाज में अल्लाह की बारगाह में लोगों ने सिर झुका कर दुआएं मांगी। जुमा अलविदा की नमाज को लेकर तहसील मुख्यालय स्थित मस्जिदों के बाहर एसडीएम परमेंद्र और सीओ राणा महेंद्र प्रताप सिंह तथा डुमरियागंज थानाध्यक्ष बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने मुस्तैद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे क्षेत्र की सभी मस्जिदों के बाहर भारी संख्या में पुलिस और एसआई की तैनाती की गई थी।
डुमरियागंज : शिया जामा मस्जिद हल्लौर के पेश इमाम मौलाना मोहम्मद हसन ने नमाजियों को संबोधित करते हुए कहा की हर मुसलमान का फर्ज है कि वह ईद की नमाज अदा करने से पहले गरीब यतीम, निर्धन-बेसहारा लोगों को फितरा यानी प्रति व्यक्ति तीन किलो की दर से अनाज गेहूं या चावल तथा उसका दाम गरीबों तक पहुंचा दें, जिससे वे लोग भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें।
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इससे पहले मुस्लिम घरों में लोग सुबह उठकर अलविदा की तैयारी में जुट गए। मस्जिदों व घरों में साफ-सफाई शुरू होने लगी। लोगों ने जुमा का गुस्ल किया। नहा धोकर नए कपड़े पहन सिर पर टोपी लगाई और मस्जिद पहुंच गए। बच्चे, बुजुर्ग, नौजवान सभी का मकसद पहली कतार में जगह पाना रहा। जिसको जहां जगह मिली वहीं पर बैठकर अल्लाह की इबादत शुरू की। अजान होने से पहले ही मस्जिदें भरनी शुरू हो गईं। सभी मस्जिदों में खचाखच भीड़ रही। जब मस्जिदें भर गईं तो लोगों ने मस्जिद की छतों पर जगह ली। मस्जिद कमेटी ने नमाजियों की बड़ी तादाद के मद्देनजर चटाई, दरी, टोपी, वजू के लिए पानी आदि का इंतजाम किया था। रोजेदारों ने अलविदा के दिन सलातुल तस्बीह की नमाज पढ़ी, कुरआन-ए-पाक की तिलावत की। पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर दरूदो सलाम का नजराना पेश किया। अलविदा जुमा या जुमातुल विदा के मौके पर ईद जैसा माहौल नजर आया। जुमा की नमाज से पहले अलविदा का खुतबा पढ़ा गया। उसमें रमजान के फजाइल बयान किए गए। जुमा की दो रकात फर्ज नमाज इमाम ने पढ़ाई। इमाम ने खुसूसी दुआ मांगी। फिर सुन्नत व नफ्ल नमाज का दौर शुरू हुआ। अंत में सभी ने पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बारगाह में सलातो-सलाम पेश किया। अलविदा के मौके पर घरों में महिलाओं ने नमाज, तिलावत-ए-कुरआन व तस्बीह कर अल्लाह से दुआ मांगी। शाम में रोजेदार इफ्तारी की तैयारी में जुट गए। इफ्तार का समय होने पर सभी ने मिलकर रोजा इफ्तार किया। अल्लाह से अपने लिए खैर की दुआ मांगी। पूरा अलविदा अल्लाह की इबादत व दुआ मांगने में बीता। इसी के साथ 29वां रोजा मुकम्मल हो गया।
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शहर के जामा मस्जिद आजादनगर, तेतरी बाजार, खजुरिया एवं पुरानी नौगढ़ में मुसलमानों ने अलविदा जुमा की अदा की गई। दोपहर में नमाज से पहले सिर पर टोपी लगाकर सफेद लिबास में लोग दिखे तो शहर की सड़कों पर मजहबी माहौल बन गया।
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बांसी : कस्बे और अन्य क्षेत्रों में लोगों ने अलविदा जुमा की नमाज अदा की। ईदगाहों की इन्तेजामिया कमेटी ने ईदगाह की साफ-सफाई पूरी कर ली है। ईदगाह को जाने वाले रास्ते की साफ-सफाई में नगर पालिका जुटी है। नगर क्षेत्र की ईदगाह में ईद की नमाज अदा करने का समय 7 से 7: 30 बजे सुबह तथा नरकटहा क्षेत्र की ईदगाह में 7 व 7:15 बजे सुबह का मुकर्रर किया गया है। समय का ऐलान सभी मस्जिदों से किया गया है।
डुमरियागंज : मुकद्दस रमजान महीने के आखरी जुमा पर पढ़ी जाने वाली अलविदा की नमाज में अल्लाह की बारगाह में लोगों ने सिर झुका कर दुआएं मांगी। जुमा अलविदा की नमाज को लेकर तहसील मुख्यालय स्थित मस्जिदों के बाहर एसडीएम परमेंद्र और सीओ राणा महेंद्र प्रताप सिंह तथा डुमरियागंज थानाध्यक्ष बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने मुस्तैद रहकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे क्षेत्र की सभी मस्जिदों के बाहर भारी संख्या में पुलिस और एसआई की तैनाती की गई थी।
डुमरियागंज : शिया जामा मस्जिद हल्लौर के पेश इमाम मौलाना मोहम्मद हसन ने नमाजियों को संबोधित करते हुए कहा की हर मुसलमान का फर्ज है कि वह ईद की नमाज अदा करने से पहले गरीब यतीम, निर्धन-बेसहारा लोगों को फितरा यानी प्रति व्यक्ति तीन किलो की दर से अनाज गेहूं या चावल तथा उसका दाम गरीबों तक पहुंचा दें, जिससे वे लोग भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें।