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आपदा को अवसर में बदले का सफल रहा सिद्धार्थ विवि
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‘आपदा को अवसर में बदला सिद्धार्थ विवि’
सिद्धार्थ विवि के तथागत अंतरराष्ट्रीय केंद्र का राज्यपाल के हाथों लोकार्पण हुआ
कोरोना काल में अन्य विवि के लिए उदाहरण बना रहा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
कपिलवस्तु। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के ‘तथागत अंतरराष्ट्रीय केंद्र’ के नाम से निर्मित अतिथि गृह लोकार्पण राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आपदा को अवसर में बदलने का अन्य विवि के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है।
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना जैसे महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थिति में निरंतर गतिशील रहते हुए कार्य करने की प्रेरणा सिद्धार्थ विवि ने दिया है। एक वर्ष में भव्य अतिथि गृह का निर्माण इस बात का ताजा उदाहरण है। तथागत अंतरराष्ट्रीय अध्ययन केंद्र नाम रखा जाना और भी दिव्यता का परिचायक है। सुदूर ग्रामीण अंचल और भारत नेपाल सीमा से सटे होने के कारण पर्यटन के दृष्टि से भी ठहरने की उत्तम व्यवस्था इस क्षेत्र के लिए परम आवश्यक थी। अतिथि गृह की संरचना की प्रसंशा करते हुए कहा कि लोकार्पण कार्यक्रम स्थापना दिवस के अवसर पर करके एक अच्छी मिसाल कायम की है। कहा कि कोरोना कारण आर्थिक संकट झेल रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी कीमत पर नहीं रुकनी चाहिए। इस दौरान सात औषधीय एवं पौराणिक पौधों के लगाने के कार्यक्रम की अत्यंत प्रशंसा की। इससे पूर्व कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि अतिथि गृह ठहरने की दृष्टि से पूर्णत: व्यवस्थित है। आभार ज्ञापन करते हुए कुलसचिव राकेश कुमार ने कहा कि आगे भी विवि निरंतर प्रगति एवं विकास के नवीन प्रतिमानों को स्थापित करने का प्रयास करता रहेगा। कार्यक्रम में वित्त अधिकारी अजय सोनकर डिप्टी, रजिस्ट्रार डीएन यादव समेत शेख अंजुम प्रो. हरीश शर्मा, डॉ. पुर्णेश नारायण सिंह, डॉ. अविनाश प्रताप सिंह आदि शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंगलाचरण हिंदी विभाग के डॉ. सत्येंद्र दुबे ने किया। संचालन डॉ. रेनू त्रिपाठी ने किया। सहयोग में सत्यम दीक्षित तथा अतुल रावत रहे।
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सिद्धार्थ विवि के तथागत अंतरराष्ट्रीय केंद्र का राज्यपाल के हाथों लोकार्पण हुआ
कोरोना काल में अन्य विवि के लिए उदाहरण बना रहा सिद्धार्थ विश्वविद्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
कपिलवस्तु। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के ‘तथागत अंतरराष्ट्रीय केंद्र’ के नाम से निर्मित अतिथि गृह लोकार्पण राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। वर्चुअल माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आपदा को अवसर में बदलने का अन्य विवि के लिए उदाहरण प्रस्तुत किया है।
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना जैसे महामारी के कारण उत्पन्न परिस्थिति में निरंतर गतिशील रहते हुए कार्य करने की प्रेरणा सिद्धार्थ विवि ने दिया है। एक वर्ष में भव्य अतिथि गृह का निर्माण इस बात का ताजा उदाहरण है। तथागत अंतरराष्ट्रीय अध्ययन केंद्र नाम रखा जाना और भी दिव्यता का परिचायक है। सुदूर ग्रामीण अंचल और भारत नेपाल सीमा से सटे होने के कारण पर्यटन के दृष्टि से भी ठहरने की उत्तम व्यवस्था इस क्षेत्र के लिए परम आवश्यक थी। अतिथि गृह की संरचना की प्रसंशा करते हुए कहा कि लोकार्पण कार्यक्रम स्थापना दिवस के अवसर पर करके एक अच्छी मिसाल कायम की है। कहा कि कोरोना कारण आर्थिक संकट झेल रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी कीमत पर नहीं रुकनी चाहिए। इस दौरान सात औषधीय एवं पौराणिक पौधों के लगाने के कार्यक्रम की अत्यंत प्रशंसा की। इससे पूर्व कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने कहा कि अतिथि गृह ठहरने की दृष्टि से पूर्णत: व्यवस्थित है। आभार ज्ञापन करते हुए कुलसचिव राकेश कुमार ने कहा कि आगे भी विवि निरंतर प्रगति एवं विकास के नवीन प्रतिमानों को स्थापित करने का प्रयास करता रहेगा। कार्यक्रम में वित्त अधिकारी अजय सोनकर डिप्टी, रजिस्ट्रार डीएन यादव समेत शेख अंजुम प्रो. हरीश शर्मा, डॉ. पुर्णेश नारायण सिंह, डॉ. अविनाश प्रताप सिंह आदि शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंगलाचरण हिंदी विभाग के डॉ. सत्येंद्र दुबे ने किया। संचालन डॉ. रेनू त्रिपाठी ने किया। सहयोग में सत्यम दीक्षित तथा अतुल रावत रहे।
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