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महाविद्यालयों के शिक्षक भी करा सकेंगे शोध
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु दिसंबर में कराएगा शोध पात्रता परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
कपिलवस्तु(सिद्धाथनगर)। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक भी शोध करा सकेंगे। यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को शोध कराने का निर्णय विश्वविद्यालय ने पहले लिया था। इसी को लेकर दिसंबर में शोध पात्रता परीक्षा आयोजित होगी। इसके लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विभिन्न विषयों में जिसमें हिंदी, संस्कृत, राजनीति शास्त्र, प्राचीन इतिहास, समाजशास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, शिक्षा शास्त्र, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, रसायन शास्त्र, भौतिक विज्ञान, गणित, वाणिज्य प्रबंधन, विधि रक्षा अध्ययन, मध्यकालीन इतिहास, उर्दू, लोक प्रशासन विषयों में शोध पात्रता परीक्षा आयोजित होगी। सफल विद्यार्थियों को विषयों के संबंधित शिक्षकों को शोधार्थी के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
शोध पात्रता परीक्षा के समन्वयक प्रोफेसर सुशील तिवारी ने बताया की शोध परीक्षा आयोजित होने से योग्य विद्यार्थियों को शोध करने का अवसर प्राप्त होगा। स्नातक स्तर (महाविद्यालयों) के शिक्षकों को भी अपने अधीन शोधार्थी को शोध कराने का अवसर प्राप्त होगा। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. पूर्णेश नारायण सिंह ने कहा कि संगठन पिछले वर्षों से सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को शोध कराने के अधिकार के लिए निरंतर मांग करता रहा है। विगत समय में स्नातकोत्तर स्तर के शिक्षकों को शोध कराने का अवसर प्राप्त हुआ था। अब स्नातक शिक्षकों को भी शोध कराने का अवसर देकर विश्वविद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में और विशेष रूप से छात्रों और शिक्षकों के उन्नयन का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विवि के सूचना जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा के संबंध में अधिक जानकारी विवि की वेबसाइट से ली जा सकती है। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कपिलवस्तु(सिद्धाथनगर)। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के परिसर और संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक भी शोध करा सकेंगे। यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को शोध कराने का निर्णय विश्वविद्यालय ने पहले लिया था। इसी को लेकर दिसंबर में शोध पात्रता परीक्षा आयोजित होगी। इसके लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विभिन्न विषयों में जिसमें हिंदी, संस्कृत, राजनीति शास्त्र, प्राचीन इतिहास, समाजशास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, शिक्षा शास्त्र, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, रसायन शास्त्र, भौतिक विज्ञान, गणित, वाणिज्य प्रबंधन, विधि रक्षा अध्ययन, मध्यकालीन इतिहास, उर्दू, लोक प्रशासन विषयों में शोध पात्रता परीक्षा आयोजित होगी। सफल विद्यार्थियों को विषयों के संबंधित शिक्षकों को शोधार्थी के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
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शोध पात्रता परीक्षा के समन्वयक प्रोफेसर सुशील तिवारी ने बताया की शोध परीक्षा आयोजित होने से योग्य विद्यार्थियों को शोध करने का अवसर प्राप्त होगा। स्नातक स्तर (महाविद्यालयों) के शिक्षकों को भी अपने अधीन शोधार्थी को शोध कराने का अवसर प्राप्त होगा। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. पूर्णेश नारायण सिंह ने कहा कि संगठन पिछले वर्षों से सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को शोध कराने के अधिकार के लिए निरंतर मांग करता रहा है। विगत समय में स्नातकोत्तर स्तर के शिक्षकों को शोध कराने का अवसर प्राप्त हुआ था। अब स्नातक शिक्षकों को भी शोध कराने का अवसर देकर विश्वविद्यालय ने शिक्षा के क्षेत्र में और विशेष रूप से छात्रों और शिक्षकों के उन्नयन का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। विवि के सूचना जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा के संबंध में अधिक जानकारी विवि की वेबसाइट से ली जा सकती है। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाएगा।
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