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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय : स्नातक की पढ़ाई छात्र जीवन में बहुत महत्वपूर्ण
Sat, 26 Aug 2023 02:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 26 Aug 2023 02:18 AM IST
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में आयोजित विद्यार्थियों की करियर काउंसलिंग कार्यक्रम में उप
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में शुक्रवार को स्नातक तृतीय वर्ष के छात्रों की कैरियर काउंसिलिंग हुई। इस दौरान छात्रों को विषय का सही से चयन करने और उसे पूरी लगन से पढ़ने की सलाह दी गई।
अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. हरीश कुमार शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रगति अभिभावकों एवं शिक्षकों की हमेशा कामना रहती है। विद्यार्थी शिक्षण संस्थानों की धरोहर है। स्नातक की पढ़ाई छात्र जीवन में बहुत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए छात्र बहुत सजकता के साथ विषयों का चयन करें और निरंतर अध्ययन करें। विषयों का चयन करते समय तत्कालीन आवश्यकता परिस्थिति और मांग के अनुरूप अपनी क्षमता के अनुसार चयन करना ज्यादा उपयोगी होता है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भाषा के विषयों की भी उपयोगिता और उपादेयता रोजगार की दृष्टि से बड़ी है। जिस तरह से व्यावसायिक जीवन की महत्व एवं भूमिका बढ़ी है इसी प्रकार अंग्रेजी विषय की भी उपयोगिता बढ़ी है।
रोजगार प्राप्त करने में अंग्रेजी विषय लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। संस्कृत विषय भी कंप्यूटर युग में उपयोगिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कमजोर छात्र के लिए अलग से कक्षा चलाने की सभी विषयों में योजना बनाई गई है। काउंसिलिंग सेल स्थापित किया गया है। इस दौरान डॉ सच्चिदानंद चौबे, शिक्षक छात्र उपस्थित रहे।
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अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. हरीश कुमार शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों की प्रगति अभिभावकों एवं शिक्षकों की हमेशा कामना रहती है। विद्यार्थी शिक्षण संस्थानों की धरोहर है। स्नातक की पढ़ाई छात्र जीवन में बहुत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए छात्र बहुत सजकता के साथ विषयों का चयन करें और निरंतर अध्ययन करें। विषयों का चयन करते समय तत्कालीन आवश्यकता परिस्थिति और मांग के अनुरूप अपनी क्षमता के अनुसार चयन करना ज्यादा उपयोगी होता है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में भाषा के विषयों की भी उपयोगिता और उपादेयता रोजगार की दृष्टि से बड़ी है। जिस तरह से व्यावसायिक जीवन की महत्व एवं भूमिका बढ़ी है इसी प्रकार अंग्रेजी विषय की भी उपयोगिता बढ़ी है।
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रोजगार प्राप्त करने में अंग्रेजी विषय लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। संस्कृत विषय भी कंप्यूटर युग में उपयोगिता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि कमजोर छात्र के लिए अलग से कक्षा चलाने की सभी विषयों में योजना बनाई गई है। काउंसिलिंग सेल स्थापित किया गया है। इस दौरान डॉ सच्चिदानंद चौबे, शिक्षक छात्र उपस्थित रहे।
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