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Siddharthnagar News: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय ने नैक मूल्याकंन कराने के लिए कसी कमर
Fri, 05 Jul 2024 03:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 05 Jul 2024 03:14 AM IST
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-राज्यभवन में राज्यपाल ने सेल्फ स्टडी रिपोर्ट एसएसआर के तैयारी की समीक्षा की
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। राज्यभवन में राज्यपाल आनंदीबेल पटेल ने विश्वविद्यालय में नेशनल एक्रेडिटेशन एंड असेसमेंट काउंसिल के लिए दाखिल होने वाली सेल्फ स्टडी रिपोर्ट एसएसआर के तैयारी की समीक्षा की। इस संबंध में उन्होंने आवश्यक दिशा- निर्देश दिए। बैठक में नैक के सभी सात मानदंडों पर चर्चा की गई।
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की अकादमिक एवं सामाजिक मुद्दों को एक साथ लेकर विकास करने की नीति की सराहना की। इस दिशा में उन्होंने विश्वविद्यालय की ओर से गोद लिए गए गांवों की महिलाओं को संगीत और क्राफ्ट सिखाने, स्वयं सहायता समूह बनाकर उनकी आय बढ़ाने तथा उन्हें शिक्षित करने के लिए और अधिक प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अपने यहां आयोजित स्थापना दिवस तथा अन्यकार्यक्रमों में इन महिलाओं को आमंत्रित करें और उन्हें कला प्रदर्शन के लिए मंच प्रदान करें। राज्यपाल ने इन गांवों में स्थापित अमृत सरोवर योजना से महिलाओं को जोड़कर कार्य करने का भी सुझाव दिया।
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राज्यपाल ने नैक तैयारी टीम को संबोधित करते हुए कहा कि नैक ग्रेडिंग में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध, नवाचार और समावेशी विकास पर और अधिक ध्यान देना होगा। उन्होंने नैक मानकों के अनुरूप सुधार और उन्नयन की दिशा में तत्परता से कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही कहा कि कोई भी कार्य असंभव नहीं है। कठिन परिश्रम से सब कुछ संभव है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के एसएसआर की तैयारी को देखते हुए उत्कृष्ट रैंकिंग के लिए प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालय जिन्हें नैक में अच्छी रैंकिंग मिली है, उनकी एसएसआर को पढ़ कर उसी के आधार पर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि नैक में अच्छी रैंकिंग का लाभ विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों एवं समाज को होगा। विद्यार्थियों से फीडबैक लेने पर जोर देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय उस फीडबैक के आधार पर शैक्षिक एवं प्रशासनिक गुणवत्ता सुधारने पर अमल करे। उन्होंने अध्यापकों और अभिभावकों से भी फीडबैक लेने के निर्देश दिए।
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राज्यपाल ने विश्वविद्यालय को एक क्राइटेरिया में तीन अध्यापकों को जोड़कर एक सशक्त एसएसआर रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नई शिक्षा नीति एनईपी के तहत 6वीं कक्षा से व्यवसायिक प्रशिक्षण देने के प्रावधान का जिक्र करते हुए विश्वविद्यालय को इसके अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए, जिससे बच्चों के अंदर हुनर विकसित किया जा सके। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय के अध्यापक विद्यार्थियों के साथ सहज हों, जिससे विद्यार्थी अपनी समस्याएं बिना डरे बता सकें और उनकी समस्याओं को निदान करने का प्रयास किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय को कैंपस से बाहर जाकर विस्तार गतिविधियां करने के भी निर्देश दिए।
कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. हरी बहादुर श्रीवास्तव के तीन वर्ष के कार्यकाल में हुई प्रगति के साथ शैक्षिक गुणवत्ता के लिए किए प्रयासों के अंतर्गत पूर्ण लगन के साथ नैक के लिए तैयारी करने के निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में कुलपति प्रो. हरी बहादुर श्रीवस्तव, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. सुधीर एम बोबडे, राज्यपाल के ओएसडी प्रो. पंकज जानी के साथ-साथ सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के आईक्यूएसी के निदेशक प्रो. सौरभ, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. नीता यादव, निदेशक रिसर्च सेल प्रो. सुनील श्रीवस्तवा, कुलसचिव डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह, वित्त अधिकारी अजय सोनकर, प्रो. हरीश शर्मा, डॉ. जितेंद्र सिंह, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।